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कौन हैं कोंडोलीज़ा राइस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कोंडोलीज़ा राइस अमरीका में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद पर पहुँचनेवाली पहली महिला हैं. बुश प्रशासन की विदेशी मामलों की टीम में वे सबसे अधिक पढ़ी-लिखी सदस्य हैं और महिला, काली और युवा होने के कारण सबसे अलग हैं. राष्ट्रपति बुश की अत्यंत निकट होने के कारण वे प्रायः हर सप्ताहांत कैंप डेविड में बुश और उनकी पत्नी लॉरा के साथ ही बिताया करती हैं. उन्होंने अफ़ग़ान युद्ध से लेगर इराक़ युद्ध और आतंक के विरूद्ध लड़ाई में बुश का साथ दिया है. वे कठोर समझी जाती हैं और इसीलिए कई बार लोग उन्हें 'वारियर प्रिंसेज़' के नाम से भी पुकारा करते हैं. बचपन
कोंडोलीज़ा राइस का जन्म हुआ 1954 में और वे अलाबामा राज्य के शहर बर्मिंघम में पली-बढ़ीं. तब रंगभेद इतना अधिक था और इतना मान्यता प्राप्त था कि उनका कहना है कि उन्होंने कभी इसका ध्यान भी नहीं किया कि रंगभेद कोई अलग चीज़ है. उन्होंने कई बार कहा है कि आगे बढ़ने के लिए उनको अपने आप को दोगुना बेहतर साबित करना पड़ा. उनकी माँ एक संगीत शिक्षिका थीं जिन्होंने उनको पियानो बजाना सिखाया. पिता चर्च में थे और एक कॉलेज के प्रधानाध्यापक थे जो खेल के लिए अपने उत्साह को अपनी बेटी के साथ बाँटा करते थे. न्यूज़वीक पत्रिका को एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा,"मेरे माता-पिता ने मुझे बिल्कुल समझा दिया कि हो सकता है कि वूलवर्थ स्टोर में तुम्हें हैमबर्गर खाने को ना मिले मगर तुम अमरीका की राष्ट्रपति बन सकती हो". माता-पिता ने उनको सिखाया कि भेदभाव और विद्वेष का सामना करने का सबसे प्रभावी हथियार शिक्षा है. शिक्षा
अत्यंत मेधावी छात्रा रहीं राइस 15 वर्ष की उम्र में डेनवर युनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए गईं और केवल 19 साल की उम्र में उन्होंने राजनीति शास्त्र में डिग्री हासिल की. राइस युनिवर्सिटी गई तो थीं क्लासिकल पियानों सीखने के लिए मगर वहाँ अमरीका की पहली महिला विदेश मंत्री मैडलीन ऑलब्राइट के पिता के संसर्ग में उनका झुकाव हो गया अंतरराष्ट्रीय राजनीति की ओर. इसके बाद उन्होंने मास्टर्स की डिग्री ली और फिर पीएचडी भी पूरा किया. 26 वर्ष की आयु में वे प्रतिष्ठित स्टैनफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और शस्त्र नियंत्रण केंद्र की फ़ेलो चुनी गईं. सत्ता कोंडोलीज़ा राइस ने वर्तमान राष्ट्रपति बुश के पिता जॉर्ज हर्बर्ट बुश की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में सोवियत मामलों की सलाहकार के तौर पर काम किया. 1991 में वे फिर स्टैनफ़ोर्ड विश्वविद्यालय लौट गईं. मगर फिर जब चार साल पहले बुश 43वें राष्ट्रपति बने तो उन्होंने राइस को बुलाया. इसके बाद से उन्होंने हर क़दम पर जॉर्ज बुश के एक सच्चे सिपाही की भूमिका निभाई है. बुश जब पहली बार राष्ट्रपति चुनकर व्हाइट हाउस आए तो उस समय उन्हें अंतरराष्ट्रीय मामलों का अनुभव कम ही था और ऐसे में राइस ने उनका साथ दिया था. |
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