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चरमपंथी गुटों ने समझौते को नकारा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों हमास और इस्लामिक जेहाद ने घोषणा की है कि वे फ़लस्तीनी नेताओं और इसराइल के बीच हुए शांति समझौते को मानने के लिए बाध्य नहीं हैं. मिस्र में मंगलवार को फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास और इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने शांति समझौता करते हुए चार साल से चल रही हिंसा को रोकने की घोषणा की थी. लेकिन चरमपंथी गुटों ने इसे मानने से इनकार कर दिया है. इन गुटों ने इसराइल पर लगतार हमले किए हैं. इस शांति समझौते के बाद फ़लस्तीनी विदेश मंत्री नबील शाद सीरिया रवाना हो गए थे और कहा था कि उन्होंने फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों से बात की है. उन्होंने इस समझौते को पूर्ण बताया है. विरोध हमास ने कहा है कि शांति समझौते से पहले उनसे चर्चा की जानी चाहिए थी. हमास के प्रवक्ता ओसामा हमदान ने लेबनान में कहा कि शांति प्रक्रिया उनके लिए बाध्यकारी नहीं है. उन्होंने कहा, "हमास इस समझौते से सहमत नहीं है क्योंकि इसमें फ़लस्तीनी हित नहीं सधते." उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि कोई युद्ध विराम नहीं हुआ है और प्रतिरोध रोकने के लिए कोई समझौता नहीं हुआ है." दूसरी ओर इस्लामिक जेहाद के प्रवक्ता मोहम्मद अल हिंदी ने कहा, "इस समझौते में नया कुछ भी नहीं है." ग़ौरतलब है कि हमास कुछ और चरमपंथी संगठनों के साथ मिलकर इस समय अनौपचारिक युद्धविराम पर अमल कर रहा है. अमल का सवाल इस समझौते के बाद बड़ा सवाल इस पर अमल का है. बीबीसी संवाददाता जेम्स रेनॉल्ड्स का कहना है कि इस समझौते के बाद भी ज़मीन पर कुछ बदला हुआ नहीं दिखता. उनका कहना है कि सुबह भी फ़लस्तीनी क़तारबद्ध खड़े थे और इसराइली सैनिक उनकी जाँच कर रहे थे. इसराइली सैनिक अब भी चौकस खड़े होकर हमेशा की तरह आत्मघाती हमलावरों की तलाश में लगे हुए हैं. सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि अब उन्हें लोगों को समझाना होगा कि समझौते के बाद उनके जीवन पर क्या फ़र्क पड़ेगा. इस शांति समझौते के तहत इसराइल को सैकड़ों फ़लस्तीनियों को रिहा करना है और पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों का कब्ज़ा फ़लस्तीनी प्रशासन को सौंपना है. समझौता तुरंत लागू हो गया है जिसके तहत फ़लस्तीनी लोग इसराइली जेलों में बंद अपने रिश्तेदारों से मिल सकेंगे और फ़लस्तीनी लोग रोज़गार के लिए इसराइली इलाक़ों में जा सकेंगे. इसराइली प्रधानमंत्री शेरॉन ने कहा है कि चरमपंथी जैसे ही अपनी कार्रवाई रोकते हैं वे भी सैन्य कार्रवाई रोक देंगे. |
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