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तानाशाही ख़त्म करने के लिए संघर्ष करेंगे: बुश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लगातार दूसरी बार अमरीका के राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद जॉर्ज बुश ने कहा है कि वे दुनिया भर से 'तानाशाही को ख़त्म करने के लिए' संघर्ष करेंगे और इस दिशा में काम करने वालों को अपना समर्थन देंगे. राष्ट्रपति बुश ने कहा, "हमारे देश की आज़ादी उसी स्थिति में बनी रह सकती है जब दूसरे देशों में आज़ादी सफल हो." क़रीब पाँच लाख लोग कैपिटल हिल पर हुए शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए. इनमें से कुछ लोगों ने बुश के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया. आकलन है कि शपथ ग्रहण समारोह में चार करोड़ डॉलर ख़र्च हुए. राजधानी वॉशिंगटन डीसी में शपथ ग्रहण समारोह को लेकर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. लेकिन इसके बावजूद एक प्रदर्शनकारी 150 मीटर के दायरे में घुस आया. सुरक्षा व्यवस्था में क़रीब छह हज़ार पुलिसकर्मी और सात हज़ार सैनिक लगे हुए थे. कैपिटल हिल बिल्डिंग के बाहर हुए शपथ ग्रहण समारोह में पहले डिक चेनी ने उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली. उसके बाद जॉर्ज बुश ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली. विचारधारा शपथ ग्रहण के बाद मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति बुश ने कहा,"जो विचारधारा घृणा फैलाती है और हत्या का बहाना बनाती है, वह भीषण संकट खड़ा करती है. इतिहास में ऐसी ताक़तों से सिर्फ़ एक ही तरीक़े से निपटा जा सकता है और वो है मानवीय स्वतंत्रता की ताक़त." राष्ट्रपति बुश ने कहा कि हमारी दुनिया में शांति के लिए सबसे बड़ी उम्मीद है पूरी दुनिया में स्वतंत्रता का प्रसार. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक शक्तियों का समर्थन करना और दुनिया से तानाशाही ख़त्म करना अमरीका की नीति है. राष्ट्रपति बुश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमरीका के साथ अच्छे रिश्ते उसी स्थिति में बन सकते हैं जब देश अपनी जनता के साथ अच्छा व्यवहार करें. वॉशिंगटन से बीबीसी संवाददाता रॉब वॉटसन का कहना है कि राष्ट्रपति बुश ने इस बार अच्छी जीत के साथ अपनी दूसरी पारी शुरू की है. लेकिन अभी भी उनके सामने कई चुनौतियाँ हैं. इराक़ युद्ध को लेकर उनकी लोकप्रियता लगातार कम हुई है और जनमत सर्वेक्षणों में भी यह साबित हुआ है कि हाल के वर्षों में दूसरी बार चुने जाने वाले राष्ट्रपतियों की तुलना में उनकी लोकप्रियता सबसे कम रही है. उनकी मौजूदा रेटिंग 50 प्रतिशत है जो 1957 में राष्ट्रपति रहे आईजनहॉवर के बाद से सबसे कम है. राष्ट्रपति बुश ने अमरीकी जनता को संबोधित करते हुए कहा, "मैं जानता हूँ कि जनमत बँटा हुआ है. लेकिन आगे बढ़ने की दिशा में हमें इसे कम करना होगा. मैं अपनी ओर से इसे कम करने की पूरी कोशिश करूँगा." उन्होंने अमरीकी जनता से अपील की कि वे नस्लभेदी भावना को ख़त्म करें. राष्ट्रपति बुश ने कहा कि हम दुनियाभर में स्वतंत्रता का संदेश प्रभावी तरीक़े से नहीं दे सकते जब तक ऐसी भावनाओं को ख़त्म न कर लें. |
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