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लेबर पार्टी को प्रधानमंत्री शेरॉन का न्यौता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने विपक्षी दल लेबर पार्टी को नई गठबंधन सरकार में शामिल होने का निमंत्रण दिया है. इसराइली रेडियो के अनुसार शेरॉन ने लेबर पार्टी के नेता शिमॉन पेरेज़ को फ़ोन कर उनके सामने ये प्रस्ताव रखा. राष्ट्रीय गठबंधन सरकार बनने से इसराइल में समय से पहले चुनाव करवाने की आवश्यकता नहीं होगी. साथ ही प्रधानमंत्री शेरॉन की गज़ा पट्टी को खाली करने की योजना को भी बल मिलेगा. इससे पहले अगस्त महीने में अरियल शेरॉन के दल लिकुद पार्टी ने लेबर पार्टी को सत्ता में शामिल नहीं करने का फ़ैसला किया था. मगर गुरूवार को पार्टी में दोबारा हुए मतदान में पिछले निर्णय को निरस्त कर दिया गया. लेबर पार्टी गज़ा से वापसी की योजना का समर्थन करती है. शिमोन पेरेज़ ने कहा है कि अभी गठबंधन सरकार को लेकर जारी बातचीत की सफलता से अधिक महत्वपूर्ण कोई बात नहीं है. राहत लिकुद पार्टी के लेबर पार्टी को सत्ताधारी गठबंधन में शामिल करने के उनके प्रस्ताव को मंज़ूरी देने को अरियल शेरॉन के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है. इसराइली प्रधानमंत्री ने लिकुद पार्टी की केंद्रीय समिति के तीन हज़ार सदस्यों को चेतावनी दी थी कि यदि उन्हें इस विषय में समर्थन नहीं मिला तो चुनाव समय से पहले करवाने पड़ेंगे. उनका ये भी कहना था कि इससे ग़ज़ा पट्टी से इसराइली सेना की वापसी में भी अड़चन पैदा हो सकती है. इससे पहले लिकुद पार्टी में उनके विरोधियों की उनके ऐसा करने की योजना तब धरी रह गई जब एक न्यायालय ने उनकी याचिका को ख़ारिज कर दिया. ये परिस्थिति तब पैदा हुई जब प्रधानमंत्री शेरॉन की सरकार में शामिल शिनुई पार्टी के मंत्रियों ने वार्षिक बजट के विरोध में मतदान किया था जिसके कारण बजट पास नहीं हो पाया था. इसराइली संसद नेसेट में शेरॉन की लिकुद पार्टी के पास 120 में से 40 सीटें हैं. गठबंधन के टूटने से इसराइल में राजनीतिक संकट पैदा हो गया था. |
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