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ग़ज़ा में इसराइली कार्रवाई 'युद्ध अपराध' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र में फ़लस्तीनी प्रतिनिधि नसीर अल किदवा ने कहा है कि ग़ज़ा पट्टी में इसराइल की चल रही सैनिक कार्रवाई युद्ध अपराध है. उन्होंने इस इलाक़े में सैनिक कार्रवाई के दौरान टैंक, हेलिकॉप्टरों और मिसाइलों के इस्तेमाल को इसराइली उन्माद बताया. ग़ज़ा में चल रही इसराइली कार्रवाई रुकवाने के लिए सुरक्षा परिषद में पेश प्रस्ताव पर बहस के दौरान किदवा ने ये बातें कहीं. दूसरी ओर अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने उम्मीद जताई है कि ग़ज़ा में चल रही इसराइली कार्रवाई का दायरा बढ़ेगा नहीं और यह जल्द ही ख़त्म हो जाएगी. ज़िम्मेदार दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र में इसराइली दूत डैन गिलरमैन ने कहा कि ग़ज़ा से इसराइल पर फ़लस्तीनियों का रॉकेट हमला आतंकवाद है.
उन्होंने कहा कि प्रस्ताव पीड़ित लोगों को किनारे करने के लिए है न कि उन लोगों के लिए जो आतंकवाद के लिए ज़िम्मेदार हैं. इस बीच जबालिया शरणार्थी शिविर पर इसराइली सैनिक कार्रवाई जारी है. ख़बर है कि कई फ़लस्तीनी इस कार्रवाई में मारे गए हैं. उधर अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने उम्मीद तो जताई कि इसराइली कार्रवाई जल्द ख़त्म हो जाएगी. लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन मध्य पूर्व शांति योजना के रोड मैप के ख़िलाफ़ काम नहीं कर रहे. ब्राज़ील के दौरे पर गए पॉवेल ने कहा कि वे यह नहीं बता सकते कि प्रधानमंत्री शेरॉन इसराइल पर ख़तरे को किस तरह देखते हैं. अमरीका की इस बात के लिए आलोचना हो रही है कि उसने ग़ज़ा में इसराइली कार्रवाई की आलोचना नहीं की है. हालाँकि अमरीकी विदेश मंत्रालय अपने बयान में यह कह चुका है कि कार्रवाई में निर्दोष लोगों की मौत नहीं होनी चाहिए. |
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