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ग़ज़ा में संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारी गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइली सेना ने कहा है कि उसने ग़ज़ा में संयुक्त राष्ट्र के 13 कर्मचारियों को चरमपंथियों से संबंध रखने के संदेह में गिरफ़्तार कर लिया है. एक इसराइली जनरल यिसराएल ज़िव ने बताया कि इन संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों के ख़िलाफ़ मामले दर्ज करने की योजना है. लेकिन उन्होंने इन कर्मचारियों की राष्ट्रीयता और उनके पद के बारे में कोई विवरण नहीं दिया. ज़िव ने कहा, "हमारे क़ब्ज़े में 13 लोग हैं जिन पर मामला दर्ज किया जाएगा. ये सभी संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारी हैं और इन पर चरमपंथियों से संबंध रखने का संदेह है." संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान इस मामले की जाँच के लिए एक टीम भेज रहे हैं. सूचना नहीं न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के अधिकारियों का कहना है कि इसराइली अधिकारियों की ओर से उन्हें इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली है. उन्होंने यह भी बताया कि ग़ज़ा और पश्चिमी तट में संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता एजेंसी के कर्मचारियों को हिरासत में लेना कोई नई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि इस साल 34 संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों को गिरफ़्तार किया गया है लेकिन उनमें से ज़्यादातर बिना किसी आरोप और कारण बताए पकड़े गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि इसराइल ने इस बारे में उन्हें कोई आधिकारिक सूचना भी नहीं दी है. इससे पहले इसराइली अधिकारियों ने कहा कि हो सकता है कि उन्होंने ये आरोप लगाकर ग़लती की हो कि फ़लस्तीनी संयुक्त राष्ट्र की एंबुलेंस का इस्तेमाल गज़ा में मिसाइल ले जाने में कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र ने भी स्पष्ट किया है कि जिस वस्तु की तस्वीर इसराइल ने खींची है वह स्ट्रेचर था न कि रॉकेट. |
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