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फ़लस्तीनी शिविर से हटी इसराइली सेना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल ने फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा से यह कहते हुए अपनी सेनाएँ हटानी शुरू कर दी हैं कि रमज़ान के महीने में वह फ़लस्तीनियों के लिए सदभाव दिखाना चाहते हैं. इसराइल के रक्षा उपमंत्री ज़ीव बोइम ने कहा कि उनकी सेनाएँ ग़ज़ा के शरणार्थी शिविर जबालिया के कुछ हिस्सों से तो वापस हट जाएंगी लेकिन ग़ज़ा में जमी रहेंगी. लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले दिन में हुई हिंसा में जबालिया शिविर के निकट इसराइली हमलों में चार फ़लस्तीनियों की मौत हो गई. इसराइली सेना ने क़रीब 16 दिन पहले ग़ज़ा में सैनिक अभियान शुरू किया था तब से उसके हमलों में सौ से ज़्यादा फ़लस्तीनियों की मौत हो गई है. ग़ज़ा में बीबीसी संवाददाता एलन जोन्स्टन का कहना है इनमें से एक तिहाई तो आम लोग हैं. इसराइल का कहना है कि वह फ़लस्तीनियों को इसराइली ठिकानों पर रॉकेट दागने से रोकने के लिए ये हमले कर रहा है. लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है रॉकेट हमले अब भी जारी हैं और सेना हटने से फ़लस्तीनी चरमपंथियों के हमले बढ़ सकते हैं. बढ़ भी सकते हैं हमले इसराइली सेना का कहना है कि अगर उन पर हमले हुए तो वे फिर से ग़ज़ा पर हमले बढ़ा सकते हैं. स्थानीय लोगों ने कहा है कि जबालिया शिविर से सैंकड़ों टैंक और बख़्तरबंद वाहन हट गए और उन्हें शिविर के बाहरी इलाक़ों में तैनात किया गया है. इसराइली रक्षा उपमंत्री बोइम ने इसराइली रेडियो पर कहा, "हम आम लोगों के लिए कोई परेशानी नहीं खड़ी करना चाहते हैं." "हमारे इस अभियान का मक़सद काफ़ी हद तक पूरा हुआ है और इसराइल पर होने वाले रॉकेट हमलों में काफ़ी कमी आई है." उन्होंने कहा कि फिलहाल उत्तरी ग़ज़ा में अभियान को ख़त्म करने के कोई आदेश नहीं दिए गए हैं और सेना तुरंत वहाँ से पूरी तरह से नहीं हटने वाली है. अमरीका ने जबालिया शिविर इलाक़े से इसराइली सेना की वापसी का स्वागत किया है. |
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