| शिराक़ ने बुश की उम्मीदों पर पानी फेरा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़्रांस के राष्ट्रपति ज्याक शिराक़ ने इराक़ में नैटो की सक्रिय भूमिक के बारे में अमरीका की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने टिप्पणी की थी कि नैटो की सेना को इराक़ में तीस जून को सत्ता हस्तांतरण के बात सक्रिय भूमिक निभानी चाहिए. लेकिन राष्ट्रपति शिराक़ ने कहा कि नैटो सैनिक अभियान तब ही चला सकता है यदि इराक़ी सरकार इस बारे में ख़ास तौर पर अनुरोध करती है. उन्होंने कहा, "मुझे इस बारे में कोई पहल किए जाने पर आपत्ति है." राष्ट्रपति बुश ने जी-8 के सम्मेलन के दौरान ऐसा सुझाव दिया था. इराक़ में 30 जून को सत्ता हस्तांतरण के बाद इराक़ के भविष्य के बारे में सुरक्षा परिषद में पारित प्रस्ताव का अनेक देशों के नेताओं ने स्वागत किया है. यह प्रस्ताव अमरीका और ब्रिटेन ने पेश किया था. लेकिन राष्ट्रपति शिराक़ ने इसे इराक़ से जल्द बाहर निकलने की रणनीतिक बताया. उधर अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कॉंडोलीज़ा राइस ने अमरीका के इराक़ में और विदेशी सैनिकों की तैनाती चाहने के सुझाव को ज़्यादा तूल नहीं दिया. उन्होंने कहा कि कुछ ख़ास मकसदों के लिए विदेशी सैनिक लाए जा सकते हैं लेकिन बड़ी संख्या में विदेशी सैनिक इराक़ में लाने से इराक़ी सुरक्षा सेवाओं को बढ़ावा देने की प्राथमिकता पर असर पड़ेगा. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||