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बुश, शिराक़ को नए प्रस्ताव से आशा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ज्याक़ शिराक़ ने कहा है कि वे इराक़ संबंधी नए सुरक्षा परिषद प्रस्ताव पर सहमति को लेकर आशान्वित हैं. दोनों नेताओं ने पेरिस में बातचीत के बाद इराक़ युद्ध पर अपने मतभेदों पर ज़ोर नहीं देने की कोशिश की. दोनों नेताओं ने संकेत दिया कि सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव को जल्दी ही मंज़ूरी मिल जाएगी जिसमें कि इराक़ी सरकार को संप्रभुता देने की बात है. एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बुश और शिराक़ ने कहा कि नए सुरक्षा परिषद प्रस्ताव इराक़ी लोगों को आश्वस्त कर सकेगा कि उनके देश का भविष्य उन्हीं के हाथों में है. हालाँकि उन्होंने आगाह किया कि इराक़ की स्थिति अब भी ख़तरनाक है. साथ ही बुश ने कहा कि इराक़ में सत्ता हस्तांतरण के बाद भी अमरीका की अगुआई वाली अंतरराष्ट्रीय सेना वहाँ बनी रहेगी. शिराक़ ने कहा कि इस बारे स्थिति और स्पष्ट किया जाना चाहिए. ग़ौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इराक़ पर प्रस्ताव का तीसरा मसौदा अमरीका और ब्रिटेन ने रखा है. प्रस्ताव में इराक़ी अंतरिम सरकार को मान्यता और वहाँ एक बहुराष्ट्रीय सेना की मौजूदगी की बात है. अमरीकी राष्ट्रपति दूसरे विश्व युद्ध के दौरान नॉरमैंडी तट पर मित्र देशों की सेना के पहुँचने की घटना की 60वीं सालगिरह के मौक़े पर फ़्रांस पहुँचे हैं. अपनी इस यूरोप यात्रा की शुरुआत बुश ने शुक्रवार को इटली से की थी. |
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