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इराक़ के कई लड़ाकू गुट भंग होंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने कहा है कि सद्दाम हुसैन के ख़िलाफ़ सक्रिय रहे कई लड़ाकू गुटों को भंग किए जाने पर सहमति हो गई है. उन्होंने कहा कि कोई एक लाख लड़ाके इस बात के लिए सहमत हो गए हैं कि वे या तो इराक़ी सुरक्षा बलों में शामिल हो जाएँगे या फिर आम नागरिक की ज़िंदगी जीएँगे. हालाँकि चरमपंथी शिया नेता मुक़्तदा सद्र के समर्थक मेहदी आर्मी के लड़ाके इस समझौते में शामिल नहीं होंगे. मेहदी आर्मी के लड़ाके कुफ़ा और नजफ़ जैसे इलाक़ों में अमरीकी अगुआई वाली सेना के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ रहे हैं. वैसे सुन्नी चरमपंथी इसमें शामिल नहीं होंगे जो कि इराक़ के फ़लुजा जैसे इलाक़ों में हिंसक अभियान चलाए हुए हैं. जिन नौ हथियारबंद गुटों को भंग किए जाने पर सहमति हुई है उनमें से अधिकांश का अलावी के अंतरिम मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व है. इन गुटों के लड़ाके जनवरी 2005 में देश में चुनाव होने तक हथियार डाल देंगे. इनमें कुर्द पेशमर्ग गुट और शिया गुट बद्र ब्रिगेड भी शामिल हैं. |
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