दुनियाभर में बड़े भूकंपों का इतिहास

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भूकंपों से पिछले सौ सालों में लाखों लोगों की मौत हुई है. तकनीक में सुधार से भूकंप के बाद होने वाली मौतों को कम करने में मामूली सफलता मिली है. कुछ बड़े भूकंपों का विवरण.
खतरनाक भूकंप का इतिहास
23 अक्तूबर 2011
तुर्की के दक्षिणी पूर्वी प्रांत में 7.2 की तीव्रता वाले भूकंप से 200 लोगों की मौत और 1000 घायल हुए.
11 मार्च 2011
जापान में 8.9 की तीव्रता के भूकंप से 20,000 लोग मारे गए या लापता हुए. भूकंप की वजह से आई सूनामी से 1986 में चर्नोबिल के बाद सबसे बड़ी परमाणु दुर्घटना का सामना.
22 फरवरी 2011
न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में 6.9 की तीव्रता वाले भूकंप से 160 लोगों की मौत और 1,00,000 लोगों के घरों को नुकसान पंहुचा.
14 अप्रैल 2010
चीन की चिंघाई प्रांत में 6.9 तीव्रता वाले भूकंप से 400 लोगों की मौत.
12 जनवरी 2010
हेटी में आए 7.0 की तीव्रता वाले भूकंप से 2,30,000 लोगों की मौत
6 अप्रैल 2009
इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर आए भूकंप में 1,000 लोगों की मौत.
29 अक्तूबर 2008
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में 6.4 तीव्रता वाले भूकंप से 300 लोग मारे गए.
12 मई 2008
चीन के सिचुआन प्रांत में आए भूकंप से 87,000 लोगों की मौत और 3,70,000 लोग घायल हुए.
15 अगस्त 2007
पेरू में 519 लोगों की मौत हुई. भूकंप की तीव्रता थी 7.9
27 मई 2006
इंडोनेशिया के द्वीप जावा में 6.2 की तीव्रता वाले भूकंप से 5,700 लोगों की मौत.
1 अप्रैल 2006
ईरान में 6.0 की तीव्रता वाले भूकंप से 70 लोगों की मौत और 1200 लोग घायल हुए.
8 अक्तूबर 2005
7.6 तीव्रता के एक भूकंप ने उत्तरी पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में भारी तबाही मचाई. इसमें 73 हज़ार से अधिक लोगों की जानें गई.
28 मार्च 2005
पश्चिमी सुमात्रा में स्थित इंडोनेशिया के द्वीप नियास में आए भूकंप ने 1300 लोगों की जानें ली.
22 फ़रवरी 2005
कई सौ लोग 6.4 तीव्रता के भूकंप में मारे गए. ये भूकंप ईरान के करमान प्रांत के ज़ारालैंड में आया था.
26 दिसंबर 2004
एशिया के समुद्र में 9.2 तीव्रता के भूकंप से सूनामी पैदा हुई और इसने एशिया के 14 देशों में भारी तबाही मचाई. इसमें दो लाख से अधिक लोग मारे गए.
24 फरवरी 2004
मोरक्को के तट पर आए भूकंप ने 500 से अधिक लोगों की जानें ली.
26 दिसंबर 2003
दक्षिण ईरान के एतिहासिक शहर बाम में आए भूकंप में 26 हजार लोग मारे गए.
21 मई 2003
अल्जीरिया में दो दशकों का सबसे बड़ा भूकंप आया. इस भूकंप को स्पेन के समुद्री इलाक़े में महसूस किया गया. इसमें दो हजार लोग मारे गए और आठ हजार घायल हुए.
1 मई 2003
160 लोग मारे गए, जिनमें 83 बच्चे थे. इन बच्चों की मौत दक्षिण-पूर्वी तुर्की के एक डॉरमेट्री के ध्वस्त हो जाने से हुए.
24 फ़रवरी 2003
पश्चिमी चीन के शिनजियांग में आए भूकंप में 260 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 10 हजार से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए.
31 अक्तूबर 2002
इटली के दक्षिण में आए भूकंप ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. इसकी वजह ये थी एक गाँव में एक स्कूल की इमारत गिर जाने की वजह से एक कक्षा के सारे बच्चे मारे गए थे.
26 जनवरी 2001
भारत में गुजरात के भुज इलाक़े में आए भूकंप की वजह से 20 हजार से अधिक लोग मारे गए और दस लाख से अधिक लोग बेघर हो गए. इसकी तीव्रता 7.9 मापी गई थी. इससे अहमदाबाद के आसपास के इलाके भी प्रभावित हुए थे.
12 नवंबर 1999
तुर्की में आए भूकंप ने 400 लोगों की जानें लीं. भूकंप की तीव्रता 7.2 थी.
21 सितंबर 1999
ताइवान में 7.6 तीव्रता के एक भूकंप ने 2,500 लोगों की जानें लीं. इसकी वजह से द्वीप के हर शहर पर असर दिखाई पड़ा.
17 अगस्त 1999
तुर्की के शहर इज्मित और इस्तांबुल में आए 7.4 तीव्रता के भूकंप ने 17 हज़ार से अधिक लोगों की जानें लीं. इससे अधिक लोग घायल भी हुए.
30 मई 1998
उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान में आए एक बड़े भूकंप से 4000 लोगों की मौत हो गई.
मई 1997
पूर्वी ईरान के बिरजांड में 1600 लोग मारे गए जब वहाँ 7.1 तीव्रता का भूकंप आया.
27 मई 1995
सुदूरपूर्वी द्वीप सखालिन में 7.5 तीव्रता के भूकंप ने 1989 रुसी लोगों की जान ली.
17 जनवरी 1995
जापान के कोबे शहर में भूकंप ने भारी तबाही मचाई और 6430 लोग मारे गए.
30 सितंबर 1993
भारत के दक्षिण और पश्चिमी भाग में आए भूकंप ने क़रीब 10 हज़ार लोगों की जानें ली.
7 दिसंबर 1988
पश्चिमोत्तर अर्मीनिया में 6.9 की तीव्रता वाले भूकंप से 25,000 लोगों की मौत हो गई.
19 सितंबर 1985
मेक्सिको सिटी में भयंकर भूकंप से कांपी, 10,000 लोगों की मौत.
28 जुलाई 1976
चीनी शहर तांगशान मिट्टी में मिल गया और 2,50,000 लोगों की मौत हो गई.
23 दिसंबर 1970
पेरू की एंडीज़ पहाड़ों पर आए भूकंप से भूस्खलन से 66,000 लोगों की मौत.
26 जुलाई 1963
मैसाडोनिया की राजधानी स्कोप्ये में 6.9 की भूकंप से 1,000 लोगों की मौत और 1,00,00 लोग बेघर.
22 मई 1960
रिक्टर स्केल पर दुनिया का सबसे बड़ा भकंप (9.5) मापा गया. तीस पीट उंची सूनामी से कई गांव नष्ट हो गए और इससे कई सौ मील दूर हवाई में 61 लोग मारे गए.
1 सितंबर 1923
टोक्यो के बाहर आए भूकंप में 1,42, 600 लोगों की मौत.
18 अप्रैल 1906
सैन फ्रांसिस्को में एक मिनट तक भूकंप के झटके महसूस किए गए. घरों के गिरने से और आग लगने से 700 से 3000 लोगों की मौत.












