अत्यंत संगठित हैं समुद्री लुटेरे :अमरीका

अमरीका की एक शीर्ष अधिकारी का कहना है कि सोमालिया के समुद्री लुटेरे अत्यंत संगठित रुप से काम कर रहे हैं और उन्हें समाप्त करना अफ़गानिस्तान में शांति बहाली से अधिक मुश्किल है.
समुद्री लूट और इस तरह के मामलों में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की सहयोगी डोना हॉपकिंस ने बीबीसी को बताया कि पिछले साल समुद्री लुटेरों को फिरौती में छह करोड़ डॉलर की राशि दी गई जिसका कुछ ही हिस्सा लुटेरों को मिला है.
इस फिरौती का बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क को मिलता है.
डोना के अनुसार संभवत: अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को इंटरनेशनल मैरीटाइम संगठन के लिए काम कर रहे लोगों से जानकारी मिलती है.
उनका कहना था कि इस व्यवसाय को अंतर्राष्ट्रीय उद्योग लाखों डॉलर की धनारशि मुहैया करा रहा है.
उनका कहना था कि इस समस्या के निदान के लिए और ज़्यादा समुद्री निगरानी की ज़रूरत है.
डोना का कहना था, ‘‘दुनिया भर में इतनी संख्या में जहाज़ नहीं हैं जो कि पूरे हिन्द महासागर में निगरानी रख सकें. समुद्री कार्रवाई बहुत ज़रूरी है लेकिन ये पर्याप्त नहीं है. इसके लिए बड़े पैमाने पर रणनीति बनाने की ज़रूरत है ताकि उन तक पहुंच रहे धन के प्रवाह को रोका जा सके. वास्तव में ये एक संगठित अपराध है और हमें इससे इसी ढंग से निपटना होगा.’’
डोना हॉपकिंस का यहां तक कहना था कि ये एक बेहद जटिल समस्या है और इसे समाप्त करना अफ़ग़ानिस्तान में शांति स्थापना से भी ज़्यादा कठिन काम है.
इस बीच अमरीकी शहर न्यूयॉर्क की एक अदालत ने एक सोमाली लुटेरे को तैंतीस साल से भी ज़्यादा जेल काटने की सज़ा दी गई है.
अब्दिवाली अब्दिक़ादिर नामक इस व्यक्ति को पिछले साल हिन्द महासागर में एक व्यापारिक जहाज़ को कब्ज़े में लेने और उसके कैप्टेन को अगवा करने का आरोप था.
सोमालिया के समुद्री लुटेरों से दुनिया भर के व्यवसायी दहशत में रहते हैं.
हाल ही में लक्षद्वीप के पास 28 समुद्री लुटेरों को गिरफ़्तार किया गया था.
इन लुटेरों ने मछली पकड़ने वाली एक भारतीय नाव को अगवा कर लिया था. पकडे़ जाने से पहले इन लुटेरों ने नौसेना और कोस्टगार्ड के साथ गोलीबारी भी की थी.












