पेरिस हमले के दो संदिग्ध फ्रांस भेजे गए

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बीते साल नवंबर में पेरिस हमले को अंजाम देने वाले इस्लामिक स्टेट सेल के दो कथित सदस्यों को ऑस्ट्रिया से फ्रांस प्रत्यर्पित कर दिया गया है और उन पर आतंकवाद के आरोप तय किए गए हैं.

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इन दोनों को बीते साल दिसंबर में अॉस्ट्रिया में गिरफ़्तार किया गया था.
पाकिस्तान के 35 वर्षीय मोहम्मद उस्मान गनी और अल्जीरिया के 29 वर्षीय अादेल हदादी को एक प्रवासी केंद्र से गिरफ़्तार किया गया था.
पेरिस में नवंबर 2015 में हुए हमले को फ़्रांस के इतिहास के सबसे बुरे हमलों में से एक माना जाता है.

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बंदूकधारियों और आत्मघाती बम हमलावरों ने एक कंसर्ट हॉल, राष्ट्रीय फुटबॉल स्टेडियम, रेस्त्रां और बार को निशाना बनाया था. इसमें 130 लोग मारे गए थे और सैकड़ों लोग घायल हुए थे.
समझा जाता है कि मोहम्मद उस्मान गनी पाकिस्तानी चरमपंथी समूह लश्कर-ए -तैयबा के लिए बम बनाने का काम करते थे.

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एएफपी के मुताबिक हदादी ने पुलिस को बताया था कि वह एक मिशन को अंजाम देने के लिए फ्रांस जाना चाहता था.
जांचकर्ता मानते हैं कि उन्होंने पेरिस हमलावारों के साथ ग्रीस की यात्रा की थी और ये दोनों संभावित सह षडयंत्रकारी थे.

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दोनों ने ग्रीस की यात्रा शरणार्थियों वाली नाव से की थी लेकिन कथित तौर पर झूठे सीरियाई पासपोर्ट रखने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया था.
बाद में उन्हें छोड़ दिया गया और उन्होंने साल्ज़बर्ग की यात्रा की. वहां फ्रांस पुलिस से मिली गुप्त सूचना के आधार पर उन्हें गिरफ़्तार किया गया.
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