अंतरिक्ष की सैर करना चाहते हैं तो...

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    • Author, रिचर्ड होलिंघम
    • पदनाम, बीबीसी फ़्यूचर

छुट्टियों का सीज़न शुरू हो गया है. आप सोच रहे हैं कि घूमने के लिए कहां जाएं. यदि आप समंदर किनारे जाकर, पहाड़ों और जंगलों की सैर करके, लग्ज़री शिप या निजी नाव पर समंदर की सैर करके बोर हो चुके हैं, तो कुछ नया कीजिए.

अंतरिक्ष की सैर के बारे में आपका क्या ख़याल है? तमाम परेशानियों से पार पाकर, प्रोजेक्ट की देरी को पीछे छोड़कर, कुछ कंपनियां अंतरिक्ष की सैर का सपना दिखा रही हैं. स्पेस टूर के पैकेज बेच रही हैं. कुछ अलग हटकर करने की चाहत रखने वालों के लिए ये सुनहरा मौक़ा है.

तो इसके लिए कौन सी कंपनी बेहतर होगी? किसका पैकेज सबसे अच्छा और सस्ता है? तो चलिए, आपको बताते हैं कि अंतरिक्ष की सैर के लिए बाज़ार में कौन से विकल्प उपलब्ध हैं.

वर्जिन गैलेक्टिक, वर्जिन अटलांटिक हवाई सेवा देने वाली कंपनी का हिस्सा है. इसके मालिक मशहूर कारोबारी रिचर्ड ब्रैनसन हैं.

कंपनी कहती है कि अब तक सिर्फ़ 553 लोग अंतरिक्ष में जा सके हैं. उसका मक़सद बाक़ी लोगों के लिए ये विकल्प खोलना है.

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वर्जिन गैलेक्टिक कंपनी इसके लिए ख़ास तौर से स्पेसशिप-2 बना रही है. इसमें 6 मुसाफिर और 2 पायलट अंतरिक्ष जा सकेंगे. जब ये जहाज़ धरती से पंद्रह किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंच जाएगा तो आपका स्पेसक्राफ्ट एक रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में धकेला जाएगा. जब रॉकेट के इंजन अलग हो जाएंगे तो ये स्पेस प्लेन आपको पांच छह मिनट तक भारहीनता का एहसास कराएगा.

आप अंतरिक्ष में तैरने का तजुर्बा कर सकेंगे. इसकी खिड़कियों से नीचे धरती पर झांक सकेंगे. बस, इसके बाद धरती पर वापसी का सफ़र शुरू होगा. आप एक सामान्य विमान की तरह, वर्जिन के एयरपोर्ट पर उतरेंगे.

वर्जिन गैलेक्टिक का ये स्पेसप्लेन-2, इसके स्पेसशिप-1 का बेहतर वर्ज़न है. 2004 में लगातार कामयाब उड़ानों के बाद इसे कई अवार्ड मिले थे. इसके बाद ही कंपनी ने लोगों को अंतरिक्ष ले जाने की बुकिंग शुरू कर दी थी. कंपनी ने साल 2008 में ही लोगों को अंतरिक्ष की सैर कराने का वादा किया था. मगर ऐसा आठ साल बाद भी नहीं हो सका है.

अक्टूबर 2014 में अमरीका के मोहावे रेगिस्तान में टेस्ट फ्लाइट के दौरान स्पेसशिप-2 टूटकर बिखर गया था. इसमें एक पायलट की मौत भी हो गई थी. उस वक़्त ये स्पेसशिप, अंतरिक्ष से वापसी के वक़्त लैंडिंग का टेस्ट कर रहा था.

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इस हादसे के बाद कंपनी ने नया रॉकेट विकसित किया है. मगर अब कंपनी लोगों को कब अंतरिक्ष की सैर पर ले जाएगी, ये बताने में आनाकानी कर रही है.

वर्जिन स्पेसशिप की मदद से अंतरिक्ष की सैर करने का ख़र्च बैठेगा क़रीब ढाई लाख डॉलर. हालांकि कंपनी अब तक टेस्ट फ्लाइट में ही पूरी तरह कामयाब नहीं हो सकी है. मगर इसके मालिक रिचर्ड ब्रैनसन के मज़बूत इरादे देखते हुए लगता है कि ये ख़्वाब भी वो पूरा कर ही लेंगे.

इस अमरीकी कंपनी का दावा है कि उसका पैकेज लेने का मतलब ज़िंदगी बदलने वाला तजुर्बा करना होगा. अंतरिक्ष की सैर के लिए कंपनी लिंक्स नाम का स्पेसप्लेन बना रही है. कंपनी का दावा है कि उनका पैकेज रोमांच से भरपूर होगा. आप स्पेसप्लेन में सवार होंगे. वो आवाज़ से भी तेज़ रफ़्तार से आसमान की तरफ़ उड़ेगा. धरती से क़रीब 58 किलोमीटर की ऊंचाई पर पायलट, इंजन बंद कर देगा. इसके बाद आप अंतरिक्ष में होने का तजुर्बा कर सकेंगे. कुछ मिनट तक अंतरिक्ष में तैरने के बाद आपको धरती पर वापस लाया जाएगा.

दिक़्क़त ये है कि अब तक ये स्पेसप्लेन बन ही रहा है. कंपनी के पास वर्जिन गैलेक्टिक जैसे संसाधन भी नहीं हैं. हालांकि तकनीक के मोर्चे पर एक्सकोर बेहतर हालात में है. शायद अगले कुछ सालों में लिंक्स स्पेसप्लेन तैयार हो जाए. फिर इसकी टेस्ट फ्लाइट होगी. तभी हम जान सकेंगे कि आख़िर एक्सकोर का अंतरिक्ष की सैर कराने का दावा कितना क़ाबिले ऐतबार है. अगर ये सपना हक़ीक़त बना तो हर इंसान को कुछ मिनटों की अंतरिक्ष की सैर के लिए क़रीब डेढ़ लाख डॉलर ख़र्च करने होंगे.

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ये कंपनी दावा करती है कि कि धरती की ख़ूबसूरती के आगे जहां और भी हैं. और कंपनी का मक़सद, एक रॉकेट की मदद से आपको अंतरिक्ष की सैर कराना है.

लॉन्च के वक़्त आपको बांधकर एक कैप्सूल में रखा जाएगा. जिसमें आपके साथ पांच और लोग होंगे. इसके अलावा कोई और नहीं होगा. पायलट भी नहीं. पूरी उड़ान को धरती से ही कंट्रोल किया जाएगा.

इस कैप्सूल को आवाज़ की रफ़्तार से भी तीन गुना तेज़ी से उड़ने वाले रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा. धरती से क़रीब सौ किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचकर रॉकेट के बूस्टर अलग हो जाएंगे. आपका कैप्सूल अलग होकर अंतरिक्ष में तैरेगा. आप नीचे धरती का नज़ारा भी देख सकेंगे.

कुछ मिनटों के तजुर्बे के बाद कैप्सूल को रिमोट की मदद से धरती पर वापस लाया जाएगा. फिर पैराशूट की मदद से इसे धरती पर उतारा जाएगा.

ब्लू ओरिजिन स्पेस टूर का आइडिया अमेज़न के जेफ बेजोस का है. इसे बेहद खुफिया तरीक़े से चलाया जा रहा है. कंपनी ने इस प्रोजेक्ट में कितनी कामयाबी हासिल की है, इसका किसी को पता नहीं.

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कहा जा रहा रहा है कि अब तक इसकी तीन टेस्ट फ्लाइट हो चुकी हैं. तीनों ही कामयाब बताई जा रही हैं. हालांकि इस प्रोजेक्ट के बारे में इससे ज़्यादा जानकारी किसी के पास नहीं. इसीलिए, हमें ये नहीं पता कि इस प्रोजेक्ट को मंज़ूरी मिलेगी या नहीं.

इसकी मदद से अंतरिक्ष की सैर करने का ख़र्च कितना आएगा. हां एक बात है. आप पूरे के पूरे कैप्सूल को बुक कर सकते हैं और पूरे परिवार के साथ अंतरिक्ष की सैर पर जा सकते हैं. मगर कब जाएंगे, पता नहीं.

इस कंपनी के पैकेज में आपको गुब्बारे की मदद से अंतरिक्ष की सैर का वादा किया जा रहा है.

एक फुटबॉल स्टेडियम के बराबर का गुब्बारा होगा. इससे जुड़ा हुआ एक कैप्सूल होगा. इसमें आप और पांच दूसरे यात्री बैठकर धरती से तीस किलोमीटर की ऊंचाई पर जाकर अंतरिक्ष की सैर का मज़ा लेंगे. इस दौरान आप इंटरनेट से धरती से भी जुड़े रह सकेंगे. आप अंतरिक्ष से फेसबुक स्टेटस अपडेट कर सकेंगे. या फिर ट्वीट कर सकेंगे.

कुछ वक़्त अंतरिक्ष में गुज़ारकर आप आराम से धरती पर वापस उतार दिए जाएंगे.

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गुब्बारों की मदद से अंतरिक्ष की सैर का ये आज़माया हुआ तजुर्बा है. वर्ल्ड व्यू का रिकॉर्ड भी इस मामले में काफ़ी अच्छा है.

हां, इस गुब्बारे में आप भारहीनता का तजुर्बा नहीं कर पाएगे. आपको धरती का बेहतरीन नज़ारा ज़रूर दिख जाएगा, तीस किलोमीटर की ऊंचाई से.

इस पैकेज की क़ीमत प्रति व्यक्ति 75 हज़ार डॉलर है.

कंपनी, आम इंसानों के लिए अंतरिक्ष के दरवाज़े खोलने के दावे कर रही है. ये कंपनी आपको अंतरिक्ष की सैर के तरह तरह के विकल्प देने का दावा भी कर रही है. आप रॉकेट के अंदर भारहीनता का तजुर्बा कर सकते हैं. गुब्बारे की मदद से अंतरिक्ष में तैरने का लुत्फ़ भी उठा सकते हैं. यहां तक कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की सैर को भी जा सकते हैं. एक पैकेज तो चांद के चक्कर लगाने का भी है.

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इसके लिए आपको कई महीनों की ट्रेनिंग लेनी होगी. इसके बाद आपको रूसी रॉकेट सोयुज की मदद से कज़ाख़स्तान के बैकानूर स्पेस स्टेशन से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा. प्रोफ़ेशनल अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस स्टेशन पर भी ले जाया जाएगा. ताकि वो अंतरिक्ष में रहने के तौर-तरीक़े सीख सकें.

इसी दौरान, एक दूसरा स्पेसक्राफ्ट भी लॉन्च किया जाएगा, जो चांद की तरफ़ जाएगा. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से सोयुज रॉकेट आपको इस लूनर स्पेसक्राफ्ट से जोड़ देगा. सारे सिस्टम चेक करके, पायलट आपको धरती की कक्षा से बाहर चांद की तरफ़ ले जाएगा. आप चांद पर उतारे तो नहीं जाएंगे. मगर, ऐसा तजुर्बा करेंगे जो किसी इंसान ने 1972 के बाद नहीं किया है. अंतरिक्ष में चांद का चक्कर लगाने का तजुर्बा दिलचस्प होगा.

स्पेस एडवेंचर्स दुनिया की इकलौती कंपनी है जिसने लोगों को अंतरिक्ष की, स्पेस स्टेशन की सैर कराई है.मगर ये सभी लोग पूरी तरह से प्रशिक्षित अंतरिक्ष यात्री थे.

आपके पास पांच करोड़ डॉलर हों तभी आप इस पैकेज का मज़ा ले सकते हैं. इसके लिए आपको एस्ट्रोनॉट की ट्रेनिंग भी लेनी होगी.

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चांद की सैर करने का ख़र्च इससे अलग होगा. वैसे अब तक कंपनी का लूनर मॉड्यूल बनकर तैयार ही नहीं हुआ है. इस बीच नासा भी अपने ओरियन स्पेसक्राफ्ट से लोगों को चांद का चक्कर लगाने के लिए भेजने की तैयारी में है.

इस स्पेस टूर पैकेज की सबसे बड़ी दिक़्क़त ये है कि इसमें ख़र्च बहुत आना है. सो केवल अरबपति ही इसका लुत्फ़ ले सकते हैं.

बोइंग और स्पेसएक्स कंपनियां भी अंतरिक्ष में लोगों को भेजने के तजुर्बे कर रही है. यानी आगे चलकर कुछ और विकल्प आपके लिए खुलने वाले हैं.

वैसे, हाल-फिलहाल तो अंतरिक्ष की सैर महंगा सौदा ही है. और तजुर्बा भी कुछ मिनटों का ही होगा.

इसके मुक़ाबले, एस्ट्रोनॉट का करियर अपनाना ज़्यादा बेहतर विकल्प है.

(अंग्रेज़ी में मूल <link type="page"><caption> लेख यहां</caption><url href="http://www.bbc.com/future/story/20160422-whats-the-best-and-cheapest-way-to-take-a-trip-to-space" platform="highweb"/></link> पढ़ें, जो <link type="page"><caption> बीबीसी फ़्यूचर</caption><url href="http://www.bbc.com/future" platform="highweb"/></link> पर उपलब्ध है.)

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