परमाणु बिजलीघरों पर साइबर हमले का ख़तरा

न्यूक्लियर पावर प्लांट

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दुनियाभर में परमाणु बिजलीघरों पर ‘गंभीर साइबर हमलों’ का ख़तरा बढ़ रहा है.

ब्रिटेन के एक थिंक टैंक की रिपोर्ट में ये चेतावनी दी गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकतर देशों में असैन्य परमाणु आधारभूत ढाँचा इस तरह के हमलों से बचाव के लिए तैयार नहीं है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इन असैन्य परमाणु बिजलीघरों का कंट्रोल सिस्टम काफ़ी पुराना है.

ऑनलाइन गतिविधियां बढ़ीं

न्यूक्लियर पावर प्लांट (फ़ाइल फोटो)

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थिंक टैंक ने लगभग डेढ़ साल तक दुनियाभर के बिजलीघरों का अध्ययन करने के बाद वहाँ की साइबर सुरक्षा पर ये रिपोर्ट तैयार की है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि साइबर अपराधी, सरकार द्वारा प्रायोजित हैकर्स और चरमपंथी लगातार अपनी ऑनलाइन गतिविधियां बढ़ा रहे हैं, ऐसे में उनकी तरफ़ से साइबर हमले का ख़तरा हमेशा बना हुआ है.

परमाणु बिजलीघरों पर इस तरह के छोटे से हमले को भी गंभीरता से लिए जाने की ज़रूरत है, क्योंकि अगर संयंत्रों से विकिरण हुआ तो बड़ा नुक़सान हो सकता है.

रिपोर्ट में कहा गया है, “परमाणु बिजलीघरों की साइबर सुरक्षा में सेंध की एक छोटी सी घटना भी लोगों का विश्वास डिगा सकती है और इससे असैन्य परमाणु संयंत्र उद्योग का भविष्य दांव पर लग सकता है.”

रिपोर्ट में कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर पर बढ़ती निर्भरता को लेकर भी आगाह किया गया है.

सेंध लगाना आसान

न्यूक्लियर पावर प्लांट

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ये ‘व्यापक मिथक’ है कि परमाणु बिजलीघरों के कंप्यूटर सिस्टम इंटरनेट से जुड़े नहीं होते हैं और इस तरह साइबर हमलों से सुरक्षित हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि सार्वजनिक इंटरनेट और न्यूक्लियर सिस्टम्स के बीच इस तथाकथित फ़ासले को आराम से पाटा जा सकता है.

यहां ध्यान देने की बात है कि ईरान के परमाणु संयंत्रों में भी इसी तरह से सेंध लगाई गई थी.

साल 2009 में ईरान के एक परमाणु संयंत्र में स्टक्सनेट नामक कंप्यूटर प्रोग्राम अपलोड किया गया था.

रिपोर्ट तैयार करने वाले अनुसंधानकर्ताओं को परमाणु संयंत्र नेटवर्कों में सार्वजनिक इंटरनेट के कुछ लिंक भी मिले.

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न्यूक्लियर इंडस्ट्री एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी कीथ पार्कर कहते हैं, “परमाणु बिजलीघरों के लिए साइबर सुरक्षा समेत संपूर्ण सुरक्षा शीर्ष प्राथमिकता है.”

इसी साल जून में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने परमाणु संयंत्रों पर साइबर हमले के जोखिम पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन भी किया था.

सम्मेलन में एजेंसी के डायरेक्टर युकिया अमानो ने कहा था कि परमाणु संयंत्रों को निशाना बनाकर कुछ हमले हुए हैं.

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