अमरीकी जासूसी क्षमता पर लगी लगाम

राष्ट्रीय जाएंच एजेंसी एनएसए

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अमरीकी सेनेट ने ख़ुफ़िया एजेंसियों के फ़ोन डाटा इकट्ठा करने की क्षमताओं को सीमित करने के पक्ष में फ़ैसला लिया है.

11 सितंबर 2001 को हुए हमले के बाद से अमरीका में फ़ोन डाटा इकट्ठा करने की नीति लागू थी.

'द यूएसए फ़्रीडम एक्ट' के तहत सरकार को डाटा इकट्ठा करने की अनुमति तो होगी लेकिन कुछ बाध्यताएं भी लागू होंगी.

द पेट्रियट एक्ट का स्थान लेने वाले इस नए क़ानून को राष्ट्रपति बराक ओबामा का समर्थन प्राप्त है.

ओबामा ने इसे चरमपंथ से लड़ने के लिए ज़रूरी बताया है.

एडवर्ड स्नोडेन

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इमेज कैप्शन, एडवर्ड स्नोडेन ने अमरीका के जासूसी कार्यक्रम को सार्वजनिक किया था.

ओबामा ने मंगलवार को कहा कि वे बिल पर हस्ताक्षर कर इसे क़ानून बना देंगे.

यह नया क़ानून 2001 हमलों के बाद से लागू राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को भी ख़त्म कर देगा.

स्नोडेन ने किया ख़ुलासा

नया क़ानून राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) के आम अमरीकी नागरिकों का फ़ोन डाटा इकट्ठा करने के ख़ुफ़िया कार्यक्रम का स्थान लेगा.

एनएसए के पूर्व कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन ने अमरीका के ख़ुफ़िया कार्यक्रम के बारे में जानकारी सार्वजनिक की थी.

इसके बाद अमरीकी सरकार को जनता के ग़ुस्से का सामना करना पड़ा था.

एनएसए

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कोर्ट का आदेश ज़रूरी

पहले एनएसए को फ़ोन कंपनियों से सभी नागरिकों का फ़ोन डाटा एक साथ मिल जाता था लेकिन अब ऐसा करने के लिए एनएसए को पहले अदालत से आदेश लेना होगा.

साथ ही अब डाटा सरकारी सर्वरों के बजाए फ़ोन और इंटरनेट कंपनियों के सर्वरों पर ही रखा जाएगा.

अब एजेंसी सभी लोगों का डाटा एकसाथ माँगने के बजाए चयनित लोगों या अकाउंटों का ही डाटा प्राप्त कर सकेगी.

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