काम के वक्त झपकी ले सकते हैं डॉक्टर?

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काम के वक्त नींद? काम का बोझ या लापरवाही?
ये सवाल दुनिया के कई देशों में पूछा जाता है.
लेकिन एक रेज़ीडेंट डॉक्टर के ड्यूटी पर झपकी लेने की तस्वीर सामने के आने के बाद लैटिन अमरीका में इस पर बहस ही छिड़ गई है.
नींद पर बहस
मेक्सिको के मोंटेरी में नींद में खोई रेज़ीडेंट डॉक्टर की तस्वीर पोस्ट करने वाले <link type="page"><caption> ब्लॉगर</caption><url href="http://tutoblogx.blogspot.mx/2015/05/residentes-de-medicina-interna-se.html" platform="highweb"/></link> ने लिखा, "हम जानते हैं कि ये थकाने वाला काम है, लेकिन डॉक्टरों से उनका काम करने की उम्मीद की जाती है. दर्जनों ऐसे रोगी हैं, जिन्हें देखरेख की ज़रुरत होती है "
मेक्सिको समेत कई देशों में जूनियर डॉक्टरों की आखिरी साल की ट्रेनिंग के दौरान की शिफ्ट आमतौर पर 36 घंटे तक खिंच जाती है.
ब्लॉगर ने ये भी लिखा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टर अच्छे जीवन का आनंद उठाते हैं. उनकी पगार भी अच्छी होती है. जिन मरीज़ों का वो इलाज करते हैं, उनसे कहीं बेहतर ज़िंदगी बिताते हैं.
आलोचना क्यों?

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ये आलोचना डॉक्टरों को रास नहीं आई. मेक्सिको के एक डॉक्टर जुआन कार्लोस को जब इस मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने #YoTambienMeDormi (मेरी भी आंख लग गई) नाम का हैशटैग बनाया.
उन्होंने <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/juancar70795011/status/595562628803493888" platform="highweb"/></link> पर लिखा," मेरी भी रेगुलर शिफ्ट में एक, दो, तीन और यहां तक कि चार रोगियों का ऑपरेशन करने के बाद आंख लग चुकी है."
डॉक्टर कार्लोस ने ने बीबीसी ट्रेंडिंग को बताया कि वो डॉक्टरों और मरीज़ों के अधिकारों के अंतर के बीच खुलासा करना चाहते थे.
उन्होंने कहा, "मेक्सिको में एक डॉक्टर को मरीज की सहमति के बिना उसकी तस्वीर लेने की इजाज़त नहीं है. भले ही उसका उद्देश्य इलाज से जुड़ा क्यों ना हो. लेकिन एक मरीज डॉक्टर की तस्वीर उसकी छवि को खराब करने के मकसद से भी ले सकता है"
डॉक्टर को समर्थन

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ट्विटर पर अब तक 17 हज़ार लोग मेडिकल छात्रा के प्रति समर्थन जाहिर कर चुके हैं.
उसे फ़ेसबुक भी अच्छा समर्थन मिला है. कई लोगों ने ये जाहिर करने के लिए उनका काम कितना थकाने वाला है, अपनी और अपने सहकर्मियों की तस्वीरें पोस्ट की है.
लैटिन अमरीका के डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें 'सामान्य शारीरिक आवश्यकताओं' वाला इंसान नहीं समझा जाता.
डॉक्टर मार्सेला क्यूएवा का कहना है, "इसका मतलब ये नहीं कि हम मरीज़ों की अच्छी देखभाल नहीं करते. समस्या ये है कि इनदिनों डॉक्टर और मरीज़ों का रिश्ता बिखर गया है और इसकी वजह सोशल मीडिया है. लोग अपने अच्छे अनुभवों की बजाए बुरे अनुभवों के बारे में ज़्यादा लिखते हैं."
जहां तक तस्वीर में नींद लेती नज़र आई रेज़ीडेंट डॉक्टर का सवाल है, उसके बारे में मोटेंरी के अस्पताल ने बताया कि वो अब भी काम कर रही है और उसके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
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