ओबामा ने नेतान्याहू की कड़ी आलोचना की

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अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान को लेकर इसराइल प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू के भाषण की तीखी आलोचना की है.
अमरीकी कांग्रेस में नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर समझौते के लिए हो रही बातचीत ईरान को रोकने की बजाय, एटम बम बनाने का रास्ता खोल सकती है
लेकिन ओबामा ने कहा कि नेतन्याहू ने कोई सार्थक विकल्प नहीं दिया था.
अन्य वरिष्ठ डेमोक्रेट नेताओं और ईरान ने नेतन्याहू के बयान की आलोचना की.
शुरू से ही इसराइल प्रधानमंत्री की यात्रा विवादों से घिरी हुई थी, क्योंकि रिपब्लिकन स्पीकर ने बिना व्हाईट हाउस से सहमति के उन्हें भाषण के लिए बुलाया था.
अमरीकी राष्ट्रपति ने घोषणा की थी कि वो नेतान्याहू से नहीं मिलेंगे. इसराइल में दो सप्ताह में ही आम चुनाव होने वाले हैं.
नेतन्याहू का भाषण

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इसराइली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने अमरीकी संसद को दिए अपने भाषण में कहा है कि ईरान पूरी दुनिया के लिए ख़तरा है.
नेतन्याहू ने कहा कि ईरान और अमरीका सहित अन्य देशों में हो रहे परमाणु समझौते उसके लिए परमाणु हथियार बनाने का रास्ता खोल देंगे.
<link type="page"><caption> 'ईरान एक दशक तक परमाणु कार्यक्रम बंद करे'</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2015/03/150303_obama_seeks_iran_nuclear_freeze_sr" platform="highweb"/></link>
हालांकि साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके इस भाषण को लेकर काफ़ी विवाद हो रहा है लेकिन उनका मकसद अमरीका की आंतरिक राजनीति में हस्तक्षेप करने का नहीं है.

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इसराइली प्रधानमंत्री ने कहा, ''ईरान ने हर बार यह साबित किया है कि उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता. वो देश दूसरों पर जीत और आतंक के भरोसे राज करना चाहता है.''
उन्होंने कहा कि ईरान हमेशा से उग्र शासन में विश्वास रखता है. उसकी विचारधारा कट्टरपंथी इस्लाम पर टिकी हुई है.
<link type="page"><caption> नेतन्याहू की यात्रा पर अमरीका दोफाड़</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2015/03/150301_benjamin_netanyahu_america_congress_israel_adg.shtml" platform="highweb"/></link>

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वो बोले ''ईरान हमेशा अमरीका का दुश्मन रहेगा.''
साथ ही उन्होंने कहा कि इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ ईरान की लड़ाई का अर्थ यह नहीं है कि वह अमरीका का दोस्त बन गया है.
नेतन्याहू बोले, ''आपके दुश्मन का यह दुश्मन आपका भी दुश्मन है.''
नेतन्याहू के अनुसार, इसका कोई फ़ायदा नहीं है क्योंकि ''ईरान संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों से लुका छिपी खेलने में माहिर है''.
उन्होंने चिंता जताई, ''यह समझौता ईरान के लिए परमाणु हथियारों का रास्ता बंद नहीं बल्कि खोल देगा.'' उन्होंने दावा किया कि आने वाले पांच सालों में ईरान के पास 100 परमाणु बम होंगे.
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