अमरीकी संसद ने दिया नेतन्याहू को न्योता

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अमरीकी संसद ने इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को कांग्रेस को संबोधित करने के लिए बुलाया है. संसद के इस फ़ैसले को राष्ट्रपति बराक ओबामा के विरोध के रूप में देखा जा रहा है.
अमरीकी संसद अध्यक्ष जॉन बोएनर ने नेतन्याहू को कांग्रेस में ईरान मसले पर बातचीत के लिए बुलाया है.
जॉन बोएनर के इस क़दम को ओबामा की उस घोषणा के ख़िलाफ़ देखा जा रहा है जब 'स्टेट ऑफ़ यूनियन स्पीच' के दौरान ओबामा ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने का विरोध करने की बात कही थी.
अमरीका का राष्ट्रपति कार्यालय मानता है कि ईरान पर नए प्रतिबंध लगाना परमाणु कार्यक्रम सौदे के लिए हानिकारक साबित हो सकता है.
दूसरे प्रस्तावों की आलोचना

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बोएनर ने अमीरों पर ज़्यादा टैक्स लगाने सहित ओबामा के दूसरे प्रस्तावों की भी आलोचना की है.
अमरीका के दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण हैं. ओबामा की डेमोक्रेटिक पार्टी को पिछले संसदीय चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी.
बोएनर ने बुधवार को नेतन्याहू को बुलाए जाने की ख़बर की पुष्टि करते हुए बताया कि वे कांग्रेस में इस विषय पर अपनी बात रखेंगे कि कट्टरपंथी इस्लाम और ईरान किस तरह हमारी सुरक्षा और रोज़मर्रा के जीवन के लिए ख़तरा हैं."
ख़तरे की लीपापोती

बोएनर ने ओबामा पर भाषण में चरमपंथी इस्लामिक समूह और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से पैदा होने वाले ख़तरे पर लीपापोती का आरोप लगाया.
ओबामा ने भाषण के दौरान कांग्रेस से ऐसे प्रस्ताव को पास करने की गुज़ारिश की थी जिससे अमरीका को चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ बलप्रयोग के इस्तेमाल का अधिकार मिल सके. साथ ही ओबामा ने कहा था कि यदि ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए गए तो वे उसका विरोध करेंगे.
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