कंबोडिया: सत्तारूढ़ पीपुल्स पार्टी जीती

विपक्ष के नेता सैम रेनिसी

कंबोडिया में सत्तारूढ़ पीपुल्स पार्टी (सीपीपी) को जुलाई में हुए आम चुनाव में विजेता घोषित किया गया है. इन चुनावों में धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं.

चुनाव आयोग के मुताबिक़ प्रधानमंत्री हुन सेन की सीपीपी को इस चुनाव में 68 सीटें मिलीं. वहीं विपक्षी कंबोडिया नेशनल रेसक्यू पार्टी (सीएनआरपी) को 55 सीटें मिलीं.

टेलीविजन पर इन परिणामों की घोषणा तब की गई, जब राजधानी <link type="page"><caption> नामपेन्ह</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2012/10/121014_international_other_sihanouk_death_fma.shtml" platform="highweb"/></link> में चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए हज़ारों लोगों ने रैली निकाली.

हालांकि कं<link type="page"><caption> बोडिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2011/08/110814_shammikapoor_ia.shtml" platform="highweb"/></link> के चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर अभी तक चुनाव परिणामों की पुष्टि नहीं की है.

प्रधानमंत्री की कसम

पिछले 28 साल से 61 साल के हुन सेन <link type="page"><caption> कंबोडिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/11/111121_combodia_khmer_psa.shtml" platform="highweb"/></link> की सत्ता में हैं. उन्होंने सत्तर साल तक सत्ता में बने रहने की कसम खाई है.

विपक्ष के नेता सैम रैनिसे ने चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया था.

चुनाव परिणाम की पुष्टि होने का मतलब होगा कि विपक्ष के नेता परिणामों को चुनौती नहीं दे पाएंगे.

शुरुआती आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक़ सीपीपी को 32 लाख वोट मिले. वहीं रैनिसे की पार्टी को 22 लाख वोट मिले.

शांति का प्रतीक

राजधानी नामपेन्ह प्रदर्शन करते विपक्ष समर्थक
इमेज कैप्शन, इन परिणामों की पुष्टि चुनाव आयोग ने नहीं की है.

शनिवार को राजधानी नाम पेन्ह के डेमोक्रेसी पार्क में हज़ारों लोग जमा हुए. इसे बौद्ध मान्यताओं पर आधारित प्रदर्शन बताया गया. प्रदर्शन में शामिल लोग शांति के प्रतीक के रूप में कमल के फूल लिए हुए थे.

रैनिसे ने इस दिन को ऐतिहासिक बताया और कहा, ''जिन लोगों ने हमारे वोट चुराए हैं, वे खुश से जी नहीं पाएंगे.''

बीबीसी के दक्षिणपूर्व संवाददाता जोनाथन हेड का कहना है,''हुन सेन की सरकार में चुनाव आयोग समेत सभी सरकारी संस्थाओं और चुनाव परिणामों को चुनौती देने के लिए विपक्षियों के पास यही रास्ता है.''

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