ब्रिटेन यूक्रेन को कितने ताक़तवर हथियार दे रहा है?

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- Author, डेविड ब्राउन और तुरल अहमदज़ादे
- पदनाम, बीबीसी विज़ुअल जर्नलिज़्म टीम
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ब्रितानी प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ वार्ता करने के लिए ब्रिटेन के दौरे पर हैं.
यूक्रेन के राष्ट्रपति का ये दौरान रूस की सेना पर यूक्रेन के जवाबी आक्रमण से पहले हो रहा है. माना जा रहा है कि यूक्रेन अगले कुछ सप्ताह में जवाबी हमला शुरू कर सकता है.
यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद से ही ब्रिटेन यूक्रेन को हथियार मुहैया कराने वाले देशों में प्रमुख है. हालांकि अमेरिका के मुक़ाबले ब्रिटेन काफ़ी कम हथियार यूक्रेन को दो रहा है.
ब्रिटेन यूक्रेन को कौन-कौन से हथियार भेज रहा है और इनका युद्ध पर क्या असर हो रहा है?
लंबी दूरी की मिसाइलें
ब्रिटेन ने इस महीने ही पुष्टि की है कि वह यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलें दे रहा है.
स्टॉर्म शेडो क्रूज़ मिसाइल 250 किलोमीटर तक मार कर सकती है.
वहीं अमेरिका ने जो हिमार मिसाइलें यूक्रेन को भेजी हैं वो सिर्फ़ 80 किलोमीटर दूर तक ही हमला कर सकती हैं.

फिलहाल, यूक्रेन के पास उपलब्ध सभी मिसाइलों में स्टॉर्म शैडो की मारक क्षमता सर्वाधिक है. यानी ये मिसाइल अब रूस के उन ठिकानों पर भी हमला कर सकती है जिन्हें रूस अब तक सुरक्षित समझता रहा था.
रूस का दावा है कि इन मिसाइलों को पहले भी उसके सैन्यबलों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया जा चुका है.
ब्रिटेन पहला देश है जो यूक्रेन को क्रूज़ मिसाइलें भेज रहा है.
टैंक

ब्रिटेन ने नेटो के मापदंडों पर खरा उतरने वाले प्रमुख युद्धक टैंक यूक्रेन को भेजा हैं. ऐसा करने वाला ब्रिटेन पहला देश था.
जनवरी में ब्रिटेन ने घोषणा की थी कि वह यूक्रेन को 14 चैलेंजर टैंक भेजने जा रहा है. इनके साथ 30 एएस90 सेल्फ प्रोपेल्ड (स्व-संचालित) तोपें भी भेजने की घोषणा भी की गई थी.
चैलेंजर 2 टैंक का निर्माण 1990 के दशक में में हुआ था, लेकिन ये वॉरसा पैक्ट के तहत यूक्रेन को मिले टैंकों के मुक़ाबले काफ़ी उन्नत और प्रभावी है.
ब्रिटेन की घोषणा के बाद कई और देशों ने भी यूक्रेन के लिए टैंक भेजने की घोषणाएं खी थी. जर्मनी ने अपने लैपर्ड-2 टैंक भेजने का ऐलान किया था.
कई सैन्य विश्लेषक मानते हैं कि टैंक अन्य हथियार प्रणालियों के साथ समन्वय में इस्तेमाल किए जाएं तो ये रूस की सेनाओं को सुरक्षित ठिकानों से पीछे खदेड़ने के यूक्रेन के प्रयास में अहम साबित हो सकते हैं.
ड्रोन
सोमवार को, ब्रितानी प्रधानमंत्री के कार्यालय ने कहा है कि ब्रिटेन यूक्रेन को सैन्य आक्रामक ड्रोन और एयर डिफ़ेंस मिसाइलें भेज रहा है.
हालांकि बयान में ये नहीं बताया गया है कि किस तरह के ड्रोन यूक्रेन के लिए भेजे जाएंगे. हालांकि ये ज़रूर बताया गया है कि इन ड्रोन की रेंज 200 किलोमीटर से अधिक होगी.
ये कयास लगाया जा रहा है कि इन ड्रोन का इस्तेमाल रूस की सुरक्षा पंक्ति के भीतर लॉजिस्टिक भंडार और नियंत्रण केंद्रों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है.
साल 2022 में ब्रिटेन के सक्षा मंत्रालय ने हैवी लिफ्ट ड्रोन सिस्टम यूक्रेन को भेजने की घोषणा की थी. भारी सामान उठाने में सक्षम ये ड्रोन अलग-थलग पड़े सैन्य बलों को लॉजिस्टिक सपोर्ट पहुंचा सकते हैं.
विश्लेषक मानते हैं कि ये ड्रोन अंतिम पंक्ति के सैनिकों से लेकर अग्रणी पंक्ति के सैनिकों तक आपूर्ति पहुंचाने में बेहद प्रभावी साबित हो सकते हैं. ख़ासकर उन सैनिकों के लिए ये मददगार हो सकते हैं जो लगातार रूस की तरफ़ से बमबारी का सामना कर रहे हैं या ऐसी चारों तरफ़ से घेर लिए जाने की परिस्थिति में हैं.
रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज़ इंस्टीट्यूट से जुड़े जस्टिन ब्रांक कहते हैं, "सैनिकों को बड़ी मात्रा में सामान की ज़रूरत होती है. हर बार जब आप किसी सैनिक को आगे सामान पहुंचाने के बजाए ड्रोन का इस्तेमाल करते हैं इसका मतलब होता है कि सैनिकों पर ख़तरा कम होता है."
रॉकेट सिस्टम
ब्रिटेन ने 2022 में यूक्रेन को मल्टिपल लांच रॉकेट सिस्टम एम270 के साथ एम31ए1 प्रेसिज़न हथियार (सटीक हमला करने वाला गोला-बारूद) भेजने की पुष्टि की थी.
ब्रिटेन का एम270 सिस्टम अमेरिका के हिमार्स लांचर सिस्टम जैसा ही है.
जैक वॉटलिंग रूसी ने बीबीसी से कहा, "यूक्रेन को वास्तव में इन्हीं सिस्टम की ज़रूरत है. इन सिस्टम के ज़रिए यूक्रेन रूस के तोपखाने को टक्कर दे सकता है और सटीकता से मारक हमले कर सकता है."
एंटी टैंक हथियार
ब्रिटेन ने यूक्रोन को 5 हज़ार से अधिक अगली पीढ़ि के एंटी-टैंक हथियार एनलॉ दिए हैं.
एनलॉ हथियारों को कम दूरी से एक ही हमले में टैंक को नष्ट करने के लिए विकसित किया गया है.

यूक्रेन की सेनाओं को तुरंत हथियारों की ज़रूरत है और इसलिए भी ये यूक्रेन के लिए बेहद अहम हैं. ये मिसाइलें इस्तेमाल करने में बहुत आसान हैं और इन्हें आसानी से इधर-उधर ले जाया जा सकता है. किसी सैनिक को एक दिन से भी कम समय में इनका इस्तेमाल करना सिखाया जा सकता है.
कई विश्लेषक ये मानते हैं कि रूस के हमले के शुरुआती दिनों में ये हथियार काफ़ी प्रभावशाली रहे हैं.
ब्रांक कहते हैं, "युद्ध के शुरुआती दिनों में रूस के ज़मीनी हमले को नाकाम करने में एनलॉ हथियार बेहद अहम साबित हुए हैं."
वो कहते हैं कि तोपखाने के साथ इस्तेमाल करने पर ये हथियार ख़ास तौर पर प्रभावी रहे हैं.
कम दूरी की मिसाइलें
ब्रिटेन ने साल 2022 में नौसेना के इस्तेमाल वाली ब्रिमस्टोन मिसाइलें यूक्रेन भेजी थीं.
अमेरिकी नौसेना के साथ रहे कैप्टन क्रिस कार्लसन के मुताबिक ब्रिमस्टोन का इस्तेमाल टैंकों के ख़िलाफ़ किया जा सकता है, इसके अलावा तोपखाने और लेंडिंग वाहनों जैसे छोटे जहाज़ों के ख़िलाफ़ भी इन्हें इस्तेमाल किया जा सकता है.
आमतौर पर इन मिसाइलों को विमानों से दागा जाता है, लेकिन यूक्रेन में इनमें बदलाव करके इन्हें ट्रकों से भी दागा जा रहा है.
कैप्टन कार्लसन कहते हैं कि जब इन्हें ज़मीन से लांच किया जाता है तब इनकी प्रभावी रेंज कम हो जाती है.
जब इनका इस्तेमाल जहाज़ों के ख़िलाफ़ किया जाता है तो इन छोटी मिसाइलों की मारक क्षमता बड़े जहाज़ को डुबो देने लायक तो नहीं होती लेकिन ये काफ़ी नुक़सान पहुंचाती हैं.
कार्लसन कहते हैं, "मायने ये रखता है कि आपका निशाना कहां लगता है. अगर आप इंजन पर हमला करते हैं या वॉटर लाइन के क़रीब हमला कर पाते हैं तो आप काफ़ी नुक़सान पहुंचा सकते हैं."
बख़्तरबंद वाहन
ब्रिटेन ने कम से कम 120 बख़्तरबंद वाहन भी यूक्रेन को भेजे हैं. इनमें मॉस्टिफ़ पेट्रोल व्हिकल भी शामिल हैं.
अफ़ग़ानिस्तान में मॉस्टिफ़ वाहन ब्रितानी सैनिकों के बीच काफ़ी लोकप्रिय थे क्योंकि ये बारूदी सुरंगों और आईईडी हमलों के ख़िलाफ़ असरदार सुरक्षा प्रदान करते हैं.
विश्लेषकों का कहना है कि डोनबॉस जैसे इलाक़ों में, जहां बारूदी सुरंगे बिछी हैं, वहां ये वाहन काफ़ी अहम साबित हो सकते हैं.
दोनों ही पक्षों ने युद्ध के दौरान बड़े पैमाने पर बारूदी सुरंगों का इस्तेमाल किया है और बड़े पैमाने में बारूद बिछा दिया गया है.
एयर डिफेंस सिस्टम
ब्रिटेन का कहना है कि उसने स्टारस्ट्रीक मिसाइलों समेत यूक्रेन को छह एयर डिफेंस सिस्टम दिए हैं.
स्टारस्ट्रीक मिसाइलों से नीची उड़ान भर रहे विमानों को कम दूरी से मार गिराया जा सकता है.
कई विमान फ्लेयर या शॉफ़ जैसे मिसाइल रोधी सिस्टम इस्तेमाल करते हैं. ये उन्हें छकाने में कामयाब रहती हैं.
ब्रांक कहते हैं, "अगर किसी पायलट के नज़रिये से देखा जाए तो स्ट्रास्ट्रीक मिसाइलें बहुत घातक होती हैं."
वो कहते हैं कि रूस की सेना को इन मिसाइलों की वजह से अपने कई अभियान भारी जोख़िम वाले लग सकते हैं.
ब्रिटेन ने स्टारस्ट्रीक मिसाइलों के लिए मोबाइल प्लेटफार्म की तरह इस्तेमाल होने वाला स्टॉर्मर व्हिकल सिस्टम भी यूक्रेन को दिया है.
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