चैलेन्जर 2 टैंक: ब्रिटेन के हथियार से कितनी मजबूत होगी यूक्रेनी सेना

चैलेन्जर 2

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    • Author, जोनाथन बेल और जैस्मिन एंडरसन
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा है कि रूस के साथ युद्ध में यूक्रेन को मज़बूती देने के लिए उनका देश यूक्रेन को चैलेन्जर 2 टैंक देगा.

ये टैंक ब्रितानी सेना का मुख्य टैंक है. यूक्रेन के लिए युद्ध मैदान पर ये सबसे आधुनिक टैंक होगा. ये टैंक इराक़ युद्ध में इस्तेमाल हो चुका है. ब्रिटेन का कहना है कि इस टैंक के जरिए यूक्रेन को बेहतर सुरक्षा और सटीक मार करने की क्षमता हासिल होगी.

ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक के दफ़्तर ने शनिवार को एक बयान जारी कर बताया है कि पीएम सुनक ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की से फ़ोन पर बात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि ब्रिटेन यूक्रेन को हथियार और अन्य उपकरण देगा.

बयान में कहा गया है, "रूस को पीछे धकेलने और शांति हासिल करने के लिए ब्रिटेन आने वाले वक्त में यूक्रेन को कूटनीतिक और सैन्य सहायता देगा. ये कदम मदद बढ़ाने के ब्रिटेन के इरादे का सबूत है."

बयान के अनुसार ब्रिटेन यूक्रेन को ज़मीनी लड़ाई में मदद करने के लिए 14 चैलेन्जर टैंक तो देगा ही, उसे 30 एएस90 सेल्फ प्रोपेल्ड होवित्ज़र गन भी देगा जिसे पांच सैनिक मिलकर चलाते हैं.

साथ ही बयान में ये भी कहा गया है कि बीते छह महीनों में यूक्रेन के हज़ारों सैनिकों को ब्रिटेन ने प्रशिक्षण दिया है. जल्द ही टैंक और एएस90 चलाने के लिए यूक्रेनी सैनिकों के प्रशिक्षण का शुरू होगा .

ऋषि सुनक

ब्रिटेन की मदद यूक्रेन के लिए कितनी अहम

ब्रिटेन सरकार के बयान के अनुसार यूक्रेन को दी जा रही मदद एक बड़ा बदलाव है. इस संबंध में सोमवार को रक्षा मंत्री हाउस ऑफ़ कॉमन्स में प्रस्ताव पेश करेंगे.

शैडो रक्षा मंत्री जॉन हेली ने कहा है कि इस फ़ैसले पर सरकार को "लेबर पार्टी का पूरा समर्थन हासिल है". उन्होंने कहा, "रूसी आक्रामकता के ख़िलाफ़ डटे रहने के लिए यूक्रेन को आधुनिक हथियार चाहिए."

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टैंक देने का फ़ैसला अपने आप में इतना महत्वपूर्ण नहीं है लेकिन उम्मीद की जा रही है कि ब्रिटेन के इस कदम के बाद दूसरे मुल्कों को भी यूक्रेन को यूद्ध के लिए और मदद देने की प्रेरणा मिलेगी.

पोलैंड जर्मनी में बने 14 लेपर्ड टैंक यूक्रेन को देना चाहता है लेकिन अब तक उसे जर्मनी ने ऐसा करने की इजाज़त नहीं दी है.

कई दूसरे यूरोपीय देशों की सेना भी इस टैंक का इस्तेमाल करती है और इसके निर्यात के लिए जर्मनी से इजाज़त लेनी होगी.

यूक्रेन को उम्मीद है कि अमेरिका भी उसे अपने अबराम टैंक देगा. इन टैंकों में उसी असलाह का इस्तेमाल होत है जो लेपर्ड टैंकों में होता है.

वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की के साथ ऋषि सुनक

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इमेज कैप्शन, ऋषि सुनक ने 19 नवंबर 2022 को वोलोदिमर ज़ेलेनस्की से मुलाक़ात की थी.
बीबीसी हिंदी

क्यों ख़ास हैं चैलेन्जर टैंक?

  • ब्रिटेन का चैलेन्जर 2 टैंक क़रीब 20 दशक पुराना है और ब्रितानी सेना का मुख्य युद्ध टैंक है.
  • 1990 के आख़िर में बना ये टैंक यूक्रेन के लिए युद्ध के मैदान में ये सबसे आधुनिक टैंक होगा.
  • 1998 में इसे ब्रितानी सेना में शामिल किया गया और अभी इसे अपग्रेड किया जा रहा है. ये साल 2035 तक सेना में रहेगा.
  • इराक़ युद्ध में इस टैंक का इस्तेमाल किया गया था.
  • टैंक में एक 120 मिलीमीटर गन होती है और 7.62 मिलीमीटर की दो मशीन गन होती है.
  • एक टैंक में चार लोगों का चालकदल होता है.
  • इसकी टॉप स्पीड 59 किलोमीटर प्रतिघंटा है.
  • ब्रिटेन का कहना है कि ये टैंक यूक्रेन को बेहतर सुरक्षा और सटीक मार करने की क्षमता देगा.
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ज़ेलेन्स्की ने कहा,'शुक्रिया'

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की ने मदद के लिए ब्रिटेन को 'शुक्रिया' कहा है और कहा है कि इससे एक तरफ युद्ध के मैदान में यूक्रेन को मज़बूती मिलेगी तो दूसरी तरफ दूसरे सहयागियों को भी एक संदेश जाएगा.

उन्होंने टैंकों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि ब्रिटेन की मदद हमेशा से "बेहद मज़बूत" रही है और अब "अभेद्य" हो गई है.

ज़ेलेन्स्की और सुनक के बीच चर्चा के दौरान युद्ध में यूक्रेन को मिली हालिया सफलता पर बात हुई. साथ ही ये भी चर्चा हुई कि युद्ध के लिए और वैश्विक सैन्य और कूटनीतिक सहयोग बढ़ाए जाने की ज़रूरत है.

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रूस ने क्या कहा?

यूक्रेन को चैलेन्जर 2 टैंक देने के ब्रिटेन के फ़ैसले पर रूस ने नाराज़गी ज़ाहिर की है.

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने बीबीसी से कहा है, "जैसा कि हमने पहले कहा था, जो भी हथियार यूक्रेन को सप्लाई किए जाएंगे वो हमारे लिए वैध निशाना होंगे."

लंदन में मौजूद रूसी दूतावास ने कहा है कि ये कदम संघर्ष को और तेज़ करेगा. दूतावास ने कहा, "संघर्ष के इलाक़े में टैंकों को लाना केवल युद्ध को बढ़ाएगा, इससे हताहतों की संख्या बढ़ेगी जिसमें आम लोग भी शामिल हो सकते हैं."

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मिसाइल हमलों के बीच हुआ फ़ैसला

ब्रिटेन के यूक्रेन को टैंक देने का फ़ैसला ऐसे वक्त हुआ है जब कीएव, खारकीएव और लवीव समेत यूक्रेन के पूर्व और पश्चिम में कई शहर रूसी मिसाइलों का हमले झेल रहे हैं.

यूक्रेन के केंद्रीय शहर नीप्रो में एक रिहाईशी इमारत में हुए हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई है. वहीं नौ मंज़िला एक अन्य इमारत का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया है.

प्रांतीय गवर्नर वैलेन्टिन रेज़नीचेन्को ने कहा है कि अब तक मलबे से 38 लोगों को बाहर निकाला गया है और अभी खोज अभियान जारी है.

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