बाल-बाल बचीं अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति, सरेआम हत्या की कोशिश कैमरे में क़ैद

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अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति क्रिस्टीना फ़र्नांडिज़ डि किर्चनर को एक बंदूकधारी ने सरेआम जान से मारने की कोशिश की जिसमें वो बाल-बाल बच गईं.
क्रिस्टीना फ़र्नांडिज़ अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में अपने घर के बाहर समर्थकों से मिल रही थीं, उसी समय भीड़ से एक शख़्स ने निकलकर उनके चेहरे पर पिस्तौल तान दी.
अर्जेंटीना के राष्ट्रपति अल्बर्टो फ़र्नांडिज़ ने कहा कि पिस्तौल में पाँच गोलियां भरी थीं, लेकिन जब ट्रिगर दबाया गया तो गोली नहीं चली.
किर्चनर अर्जेंटीना की राष्ट्रपति भी रह चुकी हैं और उन पर अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप हैं. वो अपने ऊपर लगे आरोपों को ख़ारिज करती आई हैं.
इसी मामले में गुरुवार को वो अदालत से सुनवाई के बाद घर लौट रही थीं, जब उनकी हत्या की कोशिश की गई.
पुलिस ने कहा कि हमलावर को हिरासत में ले लिया गया है. स्थानीय मीडिया में हमलावर की पहचान 35 वर्ष के ब्राज़ील के एक शख्स के तौर पर बताई जा रही है. हालाँकि, अभी भी हमले का कारण पता लगाने की कोशिश की जा रही है.

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'हत्या की कोशिश'

इस घटना के बाद अर्जेंटीना के राष्ट्रपति एल्बर्टो फ़र्नांडिज़ ने देर रात देश को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि "क्रिस्टीना ज़िंदा बच गईं क्योंकि, किसी वजह से वो पिस्तौल नहीं चली जिसमें कि पाँच गोलियाँ भरी थीं".
राष्ट्रपति ने हमलावर की निंदा की. उन्होंने किर्चनर की हत्या की कोशिश को 1983 में लोकतंत्र वापसी के बाद देश के इतिहास की 'सबसे गंभीर' घटना करार दिया.
राष्ट्रपति ने कहा, "हम किसी से गहरे मतभेद हो सकते हैं लेकिन नफ़रती बयान नहीं दिए जा सकते क्योंकि इससे हिंसा बढ़ती है और हिंसा के साथ-साथ लोकतंत्र का रहना संभव नहीं है."
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हमले के बाद उन्होंने शुक्रवार को राष्ट्रीय अवकाश भी घोषित किया है ताकि अर्जेंटीना के लोग "जीवन, लोकतंत्र और अपनी उपराष्ट्रपति के प्रति एकजुटता प्रदर्शित कर सकें".
अर्जेंटीना की आर्थिक मामलों के मंत्री सर्जियो मैसा ने इस हमले के प्रयास को 'हत्या की कोशिश' कहा है.
उन्होंने ट्वीट किया, "जब बहस में हिंसा और नफ़रत भर जाए तो, समाज बर्बाद हो जाते हैं और इस तरह की स्थितियां पैदा होती हैं: हत्या की कोशिश की गई."
कैमरे में क़ैद हुई घटना

स्थानीय मीडिया में जो वीडियो फुटेज शेयर हो रहे हैं उनमें एक शख़्स को उपराष्ट्रपति के सिर पर बंदूक तानकर गोली चलाते देखा जा सकता है.
इसके बाद उपराष्ट्रपति ने अपना सिर नीचे कर लिया लेकिन बंदूक जाम होने की वजह से गोली नहीं चली.
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सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक अन्य वीडियो में भीड़ में मौजूद लोगों को संदिग्ध हमलावर से उपराष्ट्रपति को बचाते देखा जा सकता है.
एक पुलिस प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि हमलावर शख्स को गिरफ़्तार करने के कुछ देर बाद घटनास्थल से कुछ मीटर की दूरी से बंदूक भी बरामद कर ली गई है.
भ्रष्टाचार के आरोप


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69 वर्षीय क्रिस्टीन किर्चनर वर्ष 2007 से 2015 के बीच अर्जेंटीना की राष्ट्रपति रह चुकी हैं.
वे 2019 में भी चुनाव में उतरने वाली थीं मगर फिर उन्होंने घोषणा की कि वो उपराष्ट्रपति का चुनाव लड़ेंगी. उन्होंने अपनी जगह अपने पूर्व चीफ़-ऑफ़-स्टाफ़ अल्बर्टो फ़र्नांडीज़ को राष्ट्रपति चुनाव में उतारा जो जीतकर राष्ट्रपति बने.
किर्चनर पर आरोप हैं कि उन्होंने अपने कार्यकाल में सरकारी खजाने में हेराफेरी की. उन पर अपने व्यवसायी दोस्त लाज़ोरे बाएज़ को दक्षिणी अर्जेंटीना के सांता क्रुज़ प्रांत में सड़क निर्माण के सौदों में फ़ायदा पहुँचाने का आरोप लगाया गया.
भ्रष्टाचार के इन मामलों की सुनवाई शुरू होने के बाद हाल के दिनों में उनके घर के बाहर उनके सैकड़ों समर्थक जुटते रहे हैं.
इस मामले में दोषी पाए जाने पर उन्हें 12 साल तक की जेल की सज़ा हो सकती है और उन्हें आजीवन राजनीति से प्रतिबंधित किया जा सकता है.
उपराष्ट्रपति किर्चनर पर राष्ट्रपति रहते हुए कई और भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हैं.
उनके ख़िलाफ़ जिस मामले की सुनवाई जारी है, उसमें अगले कुछ महीनों के अंदर फ़ैसला आ सकता है.
हालांकि, सेनेट की अध्यक्ष होने के नाते किर्चनर को विशेष छूट मिली हुई है.
उन्हें तब तक जेल नहीं भेजा जा सकता, जब तक सुप्रीम कोर्ट उनकी सज़ा मंज़ूर न करे या फिर 2023 के अंत में होने वाले चुनावों में वो हार न जाएं.
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