शिंज़ो आबे: जापान के पूर्व प्रधानमंत्री को गोली मारने वाले शख़्स को जानिए

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इमेज कैप्शन, 41 साल के तेत्सुया यामागामी

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे शुक्रवार को दिन में 11:30 बजे देश के पश्चिमी हिस्से नारा में एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे, तभी पीछे से उन्हें गोली मार दी गई.

गोली लगने के बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट भी हुआ. बाद में अस्पताल में उनका निधन हो गया.

गोली चलाने वाले 41 साल के संदिग्ध को पुलिस ने घटनास्थल से ही गिरफ़्तार कर लिया था.

जापान के सरकारी प्रसारक एनएचके के अनुसार, संदिग्ध हमलावर शिंज़ो आबे से नाख़ुश था और उसने हत्या के इरादे से ही गोली चलाई थी.

गोली लगने के बाद शिंज़ो आबे को हेलिकॉप्टर से नारा मेडिकल यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती किया गया था लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.

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एनएचके अनुसार, गोली लगने से शिंज़ो आबे की गर्दन ज़ख़्मी हुई थी. उनके सीने के करीब से भी ब्लीडिंग की ख़बर थी. जापान के प्रधानमंत्री फ़ुमियो किशिदा ने कहा है कि 67 साल के आबे की हालत गंभीर है और वह उनके ठीक होने के लिए दुआ कर रहे हैं.

वीडियो कैप्शन, शिंज़ो आबे: जापान के पूर्व प्रधानमंत्री को रैली के दौरान गोली मारी

हमलावर कौन है?

एनएचके के अनुसार, हमलावर की पहचान 41 साल के तेत्सुया यामागामी के रूप में हुई है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, उन्होंने पुलिस से कहा है कि वो आबे से असंतुष्ट थे और उनकी हत्या करना चाहते थे.

हमलावर ग्रे टी-शर्ट और ट्राउजर में था. रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से एनएचके ने बताया है, "संदिग्ध सेल्फ डिफेंस फ़ोर्स का पूर्व मेंबर है और इसने हैंडमेड गन से गोली मारी है. 2005 तक इसने तीन साल सेल्फ डिफेंस फ़ोर्स में काम किया था."

नारा में रहने वाली 50 साल की एक महिला शिंज़ो आबे की जनसभा में मौजूद थीं.

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उन्होंने एनएचके से कहा, "मैं आबे का भाषण सुन रही थी, तभी देखा कि हेलमेट पहने एक व्यक्ति ने दो गोली मारी. दूसरी गोली लगने के बाद आबे गिर गए थे. उस व्यक्ति को तत्काल गिरफ़्तार कर लिया गया. तत्काल एम्बुलेंस बुलाई गई और आबे को हॉस्पिटल भेजा गया. मैं हैरान थी कि हमलावर मेरे सामने ही खड़ा था."

शिंज़ो आबे की डेमोक्रेटिक लिबरल पार्टी के पदाधिकारी जो उनके साथ जनसभा में थे, उन्होंने पत्रकारों से कहा, "उस व्यक्ति ने गोली 10 मीटर की दूरी से मारी थी. ऐसा लगा कि किसी ने पटाखा फोड़ा हो. मैं अब भी हैरान हूँ कि मेरे ही सामने इतना कुछ हुआ. मैं भरोसा नहीं कर सकता. गोली मारने के बाद भी वह शांत था और भागा नहीं."

जापान के राष्ट्रपति फ़ुमियो किशिदा ने शुक्रवार को हमलावर के बारे में कहा, "अभी हमें हमलावर की आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी नहीं है. पुलिस की जाँच के बाद ही पता चल पाएगा. हमारे लिए हमलावर की पृष्ठभूमि की जानकारी काफ़ी अहम है."

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शिंज़ो आबे की शख़्सियत

शिंज़ो आबे का जन्म 1954 में एक राजनीतिक परिवार में हुआ था. उनके पिता शिंतारो आबे भी नेता थे और जापान के विदेश मंत्री रहे थे.

शिंज़ो आबे के दादा नोबुसुके किशी जापान के प्रधानमंत्री रहे थे. 2006 में शिंज़ो आबे दूसरे विश्व युद्ध के बाद जापान के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बने थे.

हालांकि उन्होंने उसी साल इस्तीफ़ा दे दिया था और फिर 2012 से 2020 तक जापान के प्रधानमंत्री रहे. आबे ने सेहत से जुड़ी समस्याओं के कारण 2020 में इस्तीफ़ा दे दिया था. हालांकि अपनी पार्टी में आबे अब भी सबसे लोकप्रिय नेता हैं.

67 वर्षीय आबे को कई साल से अल्सरेटिव कोलाइटिस की समस्या थी, लेकिन कहा जा रहा है कि हाल में उनकी स्थिति ज़्यादा बिगड़ गई थी.

शिंज़ो आबे का कार्यकाल सितंबर 2021 में ख़त्म होने वाला था. आबे जापान के सबसे लंबे समय तक पीएम रहने का रिकॉर्ड तोड़ चुके थे.

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2007 में भी उन्होंने अल्सरेटिव कोलाइटिस की वजह से अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. ये एक बड़ी आंत की एक गंभीर बीमारी है, जिससे आबे किशोरावस्था से जूझ रहे हैं.

जापान में हाई प्रोफ़ाइल हत्या या हत्या की कोशिश का इतिहास रहा है. इनमें 1932 में जापान के प्रधानमंत्री इनुकाई सुयोशी की हत्या एक नेवी अधिकारी ने कर दी थी.

यह नाकाम तख़्तापलट का हिस्सा था. जापान का नाम उन देशों में शुमार है, जहाँ बंदूक रखने को लेकर बेहद कड़े क़ानून हैं.

शिंज़ो आबे ने इसी साल फ़रवरी में कहा था कि जापान को लंबे समय से जारी एक वर्जना को तोड़ देना चाहिए और परमाणु हथियारों पर सक्रिय बहस शुरू करनी चाहिए.

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