पाकिस्तान की सेना से कोई दिक्कत नहीं, विपक्ष के साथ मिलकर अमेरिका ने रची साजिश: इमरान ख़ान

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर तीन अप्रैल को मतदान होने जा रहा है. इससे ठीक पहले दो अप्रैल को इमरान ख़ान ने एक बार फिर लोगों को संबोधित किया और लोगों के सवालों के जवाब दिए.
इस दौरान इमरान ख़ान ने कहा कि ये साबित हो गया है कि विपक्ष के साथ मिलकर विदेश से उनके ख़िलाफ़ साजिश रची गई है.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा समिति और कैबिनेट ने वो डॉक्यूमेंट देखा है.
इमरान ख़ान ने कहा, "ये जो मैं आपको कहा रहा हूं कि ये ऑफिशियल डॉक्यूमेंट है कि इमरान ख़ान को आप अगर हटाएंगे तो अमेरिका के ताल्लुकात आपसे अच्छे होंगे. जैसे ही आप इमरान खान को हटाएंगे हम आपको माफ़ कर देंगे."
इस दौरान उन्होंने शहबाज शरीफ़ पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी मिलीभगत इस साजिश में है और शहबाज अमेरिका की 'गुलामी' के लिए तैयार हैं.
सड़कों पर उतरें नौजवान- इमरान ख़ान
अपने संबोधन में इमरान ख़ान ने पूरे देश से ख़ासकर युवाओं से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और सड़कों पर उतरने की अपील की है.
उनका कहना है कि विपक्ष ने देश के साथ गद्दारी की है, इसलिए पूरे पाकिस्तान को सड़कों पर निकलकर इनके ख़िलाफ़ प्रदर्शन करना चाहिए.
उन्होंने कहा, "साजिश साबित हो गई है. बकरों की तरह सियासतदानों की नीलामी हो रही है. उन्हें ख़रीदा जा रहा है. बाहर की साजिश चल रही है. पूरी क़ौम और ख़ासकर नौजवानों आपको फ़ैसला करना है. अगर आप चुप होकर बैठेंगे तो आप बुराई के साथ होंगे. आप सब अपनी आवाज़ इस साजिश के ख़िलाफ़ बुलंद करेंगे."
प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा कि अगर ये साजिश सफल हो गई तो क्या भविष्य में कोई प्रधानमंत्री किसी देश को पसंद नहीं आएगा तो उसे भी पैसे का इस्तेमाल करके हटा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की जनता को इसके ख़िलाफ़ प्रदर्शन करना होगा.
अपने संबोधन के बाद इमरान ख़ान ने लोगों के सवालों के जवाब दिए.

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'मैं देशद्रोह के मुक़दमे के लिए वकीलों से सलाह ले रहा हूं'
एक सवाल के जवाब में इमरान ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश रचने वालों के ख़िलाफ़ वो देशद्रोह का मामला दर्ज़ करेंगे.
इमरान ने कहा कि वो देशद्रोह के मुक़दमे के लिए वकीलों से सलाह ले रहे हैं.
उन्होंने कहा, "जिस तरह की गद्दारी इन लोगों ने हमारे मुल्क़ के साथ की है, वो किसी सूरत में माफ़ नहीं किया जा सकता. एक-एक के ख़िलाफ़ हम कार्रवाई करेंगे, हमें कानून भी देखना है तो मैं रात तक वकीलों के साथ फ़ैसला करूंगा कि आख़िर किस तरह की कानूनी कार्रवाई इनके ख़िलाफ़ करनी है."
सेना से कोई दिक्कत नहीं, तटस्थता के फ़ैसले का सम्मान करें- इमरान खान
सेना से जुड़े एक सवाल में इमरान ख़ान ने कहा कि मौजूदा वक्त में पाकिस्तान को सेना और पाकिस्तान तहरीक़ ए इंसाफ़ पार्टी ही इकट्ठा रखे हुए है और पाकिस्तान को एक मजबूत सेना की ज़रूरत है. उन्होंने कहा, ''जो फौज़ को बुरा भला कहते हैं वो फौज़ का नहीं पाकिस्तान का बुरा कर रहे हैं. हमें ऐसी कोई चीज़ नहीं करनी चाहिए जो सेना को नुकसान पहुंचाए.''
इमरान ख़ान ने कहा कि सेना के तटस्थ रहने के फ़ैसले का वो सम्मान करते हैं और सेना से किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं है.
अर्थव्यवस्था पर क्या बोले इमरान ख़ान?
इमरान खान से पूछा गया कि विपक्ष पहले दिन से कह रहा है कि आप अर्थव्यवस्था को ठीक से नहीं चला रहे हैं, इसलिए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है.
इसके जवाब में इमरान ख़ान कहते हैं कि अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञ बैठकर देखें कि साढ़े तीन साल में उनकी पार्टी ने क्या किया है और बाकी के पार्टियों ने पिछले कुछ सालों में क्या किया है.
इमरान ख़ान का दावा है कि पहले की पार्टियों के कार्यकाल की तुलना में उनके कार्यकाल में अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर कदम उठाए गए. उन्होंने कहा कि पीएमएल-एन के कार्यकाल के दौरान मुद्रास्फीति पीटीआई की तुलना में कम थी लेकिन ये भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि उस समय तेल की कीमतें आज की तुलना में तीन गुना कम थीं.
इमरान ख़ान ने कहा कि इस समय वैश्विक महंगाई ऊंची है, तेल के दाम आसमान छू रहे हैं जिससे बिजली और दूसरी चीज़ें भी महंगी हो रही हैं.
इमरान ख़ान का कहना है कि उनकी सरकार आने के बाद निर्यात में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है जबकि भारी टैक्स वसूला गया है क्योंकि लोगों को विश्वास है कि इमरान खान, टैक्स का सही इस्तेमाल करेंगे और टैक्स के जरिए लोगों का ही भला होगा.
हम अमेरिका और चीन दोनों के साथ संबंधों का विस्तार करना चाहते हैं- जनरल बाजवा
एक तरफ़ इमरान ख़ान, अमेरिका पर खुले आरोप लगा रहे हैं. दूसरी तरफ़ पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने शनिवार को ही कहा है कि पाकिस्तान के चीन के साथ-साथ अमेरिका के साथ भी उत्कृष्ट रणनीतिक संबंध हैं और पाकिस्तान इन दोनों देशों के साथ अपने रिश्तों को बिगाड़े बिना इसे और विस्तार देना चाहता है.
शनिवार को इस्लामाबाद में आयोजित सुरक्षा वार्ता के दूसरे दिन बाजवा ने कहा कि पाकिस्तान खेमे वाली राजनीति में यकीन नहीं रखता. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अपने सहयोगियों के साथ द्विपक्षीय संबंध, दूसरे देशों के साथ पाकिस्तान के संबंधों की कीमत पर नहीं हैं.
जनरल बाजवा ने कहा कि पाकिस्तान किसी एक देश के साथ संबंध खराब किए बिना दोनों देशों के साथ अपने संबंधों का विस्तार करना चाहता है.
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