रूसः जेल में पुतिन के आलोचक नवेलनी के 'हाथ-पैर पड़ रहे हैं सुन्न'

नवेलनी

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जेल में बंद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आलोचक एलेक्सी नवेलनी का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता जा रहा है. उनके वक़ील वादिम कोबज़ेव ने बताया कि नवेलनी के हाथ और पैरों की स्पर्श महसूस करने की क्षमता खो रही है और वे सुन्न होते जा रहे हैं.

वादिम कोबज़ेव ने बताया कि इस वक़्त एक ग़बन के मामले में सज़ा काट रहे नवेलनी की मेडिकल जांच में सामने आया है कि उन्हें रीढ़ की हड्डी में दो हॉर्निया हैं.

बीते सप्ताह नवेलनी ने अपने पीठ और पैर के दर्द के लिए उचित इलाज की मांग करते हुए जेल में ही भूख हड़ताल की थी.

अमेरिका ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि नवेलनी के गिरते स्वास्थ्य की खबरें आ रही हैं जो बेहद परेशान करने वाली हैं.

बुधवार को नवेलनी से मुलाक़ात करने के बाद कोबज़ेव ने ट्विटर पर लिखा, ''एलेक्सी खुद चल पा रहे हैं लेकिन उन्हें चलते वक़्त दर्द महसूस हो रहा है. ये बेहद परेशान करने वाली बात है कि उनकी बीमारी बढ़ रही है और वो अपने परों, हथेलियों और कलाईयों में कंपन महसूस नहीं कर पा रहे हैं. ''

परकोव की जेल में बंद 44 साल के नवेलनी को इस सप्ताह की शुरूआत में सांस से जुड़ी बीमारी के लक्षण सामने आने के बाद जेल के रोगियों के वॉर्ड में रखा गया था. उनके शरीर का तापमान भी तेज़ी से घट रहा है और कभी गिर कर 37 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है तो कभी 39 डिग्री सेल्सियस हो जाता है.

नवेलनी को जिस जेल में रखा गया वो बिल्कुल एकांत में है

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'जेबों में मिठाई रख भूख हड़ताल तोड़ने की कोशिश'

उनके वकील के मुताबिक़ भूख हड़ताल के कारण नवेलनी का वज़न हर दिन 1 किलो घट रहा था.

एक इंस्टाग्राम पोस्ट के हवाले से नवेलनी ने बताया कि जेल प्रशासन उनकी भूख हड़ताल को कमज़ोर आंक रहा था और इसे तोड़ने के हथकंडे अपना रहा था. उनके सामने चिकन भूना जाता, उनकी जेबों में मिठाईयां रख दी जाती ताकि वह अपनी हड़ताल छोड़ दें.

बुधवार को व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी जेन साकी ने कहा कि बाइडन प्रशासन एलेक्सी नवेलनी की सज़ा को ''राजनीति से प्रेरित और घोर अन्याय मानता है.'' साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका उनकी रिहाई की मांग करता है.

इससे पहले मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा था कि नवेलनी को ऐसी परिस्थिति में जेल में रख गया है और उनपर इस तरह के अत्याचार किए जा रहे हैं जो उन्हें धीरे-धीरे जान से मार देगी. नवेलनी के समर्थन में कैपेंन करने वाले कहते हैं कि परकोव की ये जेल अपनी कठोरता के लिए जानी जाती है.

जेल में एक डॉक्टर तक नहीं

नवेलनी जिस जेल में हैं वो एक ऐसी जेल है जिसे शहरों और लोगों से बिल्कुल अलग और एकांत जगह पर बनाया जाता है.

नवेलनी से कस्टडी के दौरान मिलते रहने वाले उनके वक़ील ने बताया है कि पूरी जेल में एक डॉक्टर तक नहीं है और मेडिकल यूनिट के नाम पर बस एक नर्स है.

बीते सप्ताह रूसी जेल सेवा ने नवेलनी के उस दावे को ख़ारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने जेल में उचित इलाज ना मिलने का आरोप लगाया था.

रूसी जेल सेवा ने कहा था, ''उन्हें हर तरह की ज़रूरी मेडिकल सहायता दी जा रही है. ''

नवेलनी को साल 2014 के एक ग़बन के मामले में सज़ा सुनाई गई है. इस सजा को मौटे तौर पर राजनीति से प्रोरित माना जाता है.

नवेलनी जब नर्व एजेंट से हुए हमले का इलाज करा कर ज़र्मनी से रूस लौटे तो इसके बाद उन्हें इस साल फरवरी से गबन मामले में जेल में बंद रखा गया है.

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