कोरोनाः बदले बेक़ाबू वायरस पर भारत में भी चिंता, ब्रिटेन में हड़कंप

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ब्रिटेन में ज़्यादा संक्रामक और "बेकाबू" कोरोना वायरस वेरिएंट मिलने की ख़बर आने के बाद भारत में भी चिंता जताई जाने लगी है और ब्रिटेन से उड़ानों के आने-जाने पर रोक लगाने की माँग हो रही है.
हालाँकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा है कि इसे लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है और सरकार सतर्क है.
दरअसल ब्रिटेन में कोरोना वायरस का एक नया प्रकार मिलने के बाद यूरोप के कई देशों ने ब्रिटेन की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है.
इसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उड़ानों पर प्रतिबंध लगाने की माँग की है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, "ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया म्यूटेशन मिला है, जो सुपर-स्प्रेडर है. मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि ब्रिटेन से आने वाली सभी उड़ानों पर तुरंत रोक लगाई जाए."
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वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा, "ब्रिटेन में मिला कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन चिंता का विषय है. केंद्र सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और इसे नियंत्रित करने के लिए जल्द योजना बनानी चाहिए. साथ ही ब्रिटेन और दूसरे यूरोपीय देशों से आने वाली सभी उड़ानों को बैन कर देना चाहिए."
उन्होंने साथ ही कहा, "जब कोरोना वायरस फैलना शुरू हुआ था तब हमने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगाने में देरी की थी. जिसकी वजह से मामले तेज़ी से बढ़े."
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यूरोपीय देशों ने ब्रिटेन की यात्रा पर प्रतिबंध लगाया
इससे पहली ही यूरोप के कई देशों ने ब्रिटेन की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है.
आयरलैंड, जर्मनी, फ्रांस, इटली, नीदरलैंड्स और बेल्जियम ने सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं. अलग-अलग देशों ने अलग-अलग प्रतिबंध लगाए हैं और शुरुआत में कम वक़्त के लिए लगाए हैं. लेकिन फ्रांस के प्रतिबंध ब्रिटेन से आने वाले सामानों की आवाजाही पर भी असर डालेंगे.
स्थिति पर विचार के लिए सोमवार को यूरोपीय संघ ने एक बैठक बुलाई है जिसमें चर्चा होगी कि इस वेरिएंट से बचने के लिए और क्या किया जाए.
नया वेरिएंट लंदन और दक्षिण-पूर्वी इंग्लैंड में तेज़ी से फैल रहा है.

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने शनिवार को लंदन समेत कुछ और इलाक़ों में चौथे चरण के कड़े प्रतिबंध लागू करने की घोषणा की थी और क्रिसमस पर प्रतिबंधों में राहत देने की योजना को भी वापस ले लिया था.
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि "पहले जो योजना तैयार की गई थी उसके अनुसार इस बार हम क्रिसमस नहीं मना सकते."

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ब्रिटेन सरकार ने पहले क्रिसमस के दौरान पाबंदियों में पांच दिन की छूट देने की घोषणा की थी. लेकिन अब इसे कम कर के केवल एक दिन कर दिया गया है.
आला स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि नया वेरियंट ज़्यादा घातक है या इस पर वैक्सीन काम नहीं करेगी, इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं, लेकिन ये पहले वाले वायरस के मुक़ाबले 70 प्रतिशत अधिक संक्रामक है.
स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने कहा कि "नया स्ट्रेन बेकाबू है. हमें इसे क़ाबू में करना होगा."
किस देश ने क्या क़दम उठाया?
शनिवार को ब्रिटेन की ओर से बताए जाने के कुछ घंटों बाद ही नीदरलैंड्स ने कहा कि वो ब्रिटेन से आने वाली सभी यात्री उड़ानों को एक जनवरी तक के लिए रद्द कर रहा है.
रविवार को बाद में उसने कहा कि वो ब्रिटेन से पानी के रास्ते आने वाले यात्रियों पर भी रोक लगाएगा. हालांकि ब्रिटेन से सामान लाने वाले वाहनों का आना जारी रहेगा.
14 दिसंबर से लागू किए गए कड़े लॉकडाउन के बावजूद, देश में रविवार को एक दिन में 13 हज़ार से ज़्यादा मामले दर्ज किए गए जो एक नया रिकॉर्ड था.
रविवार का दिन बीतते-बीतते यूरोप के प्रमुख देशों ने नए सख़्त प्रतिबंध लगा दिए.

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फ्रांस ने रविवार आधी रात से 48 घंटे के लिए ब्रिटेन से आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी. इसमें सामान लाने वाली गाड़ियां पर रोक भी शामिल है.
दोनों देशों के बीच हर दिन हज़ारों गाड़ियों को आना-जाना होता है.
फ्रांस के प्रतिबंध को देखते हुए, यूरोटनल ने स्थानीय समय के मुताबिक़ रात 11 बजे से अपने लोकोस्टोन टर्मिनल से कैले जाने वाली ट्रेनें बंद कर दीं.
जिन लोगों ने सोमवार की टिकट बुक कराई थी, उन्हें पैसे वापस कर दिए जाएंगे. वहीं कैले से लोकोस्टोन को जाने वाली ट्रेनें चालू रहेंगी.
फ्रांस के प्रतिबंधों की वजह से डोवर बंदरगाह से अगले आदेश तक किसी भी तरह की आवाजाही बंद रहेगी.
सामानों की आवाजाही का मसला इतना गंभीर हो गया है कि प्रधानमंत्री जॉनसन इस मामले में सोमवार को एक आपातकालीन बैठक करने वाले हैं.
हर साल इस वक़्त आयरलैंड और ब्रिटेन के बीच यात्रियों की काफ़ी आवाजाही रहती है. लेकिन नए वेरिएंट के ख़तरे से बचने की कोशिश में आयरलैंड सरकार ने भी आधी रात से अगले 48 घंटे तक ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी.
आयरलैंड ने कहा कि "पब्लिक हेल्थ को देखते हुए ब्रिटेन में मौजूद लोग हवा या समुद्र, किसी भी माध्यम से आयरलैंड ना आएं."
हालांकि समुद्र के रास्ते सामानों की आवाजाही जारी रहेगी.
जर्मनी के परिवहन मंत्रालय ने भी एक आदेश जारी किया कि रविवार आधी रात के बाद से ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों को लैंड करने की अनुमति नहीं होगी. हालांकि कार्गो को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है. स्वास्थ्य मंत्री जेन्स स्पैन ने कहा कि ब्रिटेन में पाया गया वेरिएंट अब तक जर्मनी में नहीं मिला है.
बेल्जियम ने "एहतियाती कदम" उठाते हुए रविवार आधी रात से कम से कम 24 घंटे के लिए ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों और ट्रेनों पर रोक लगा दी.
वहीं इटली ने 6 जनवरी तक के लिए ब्रिटेन से आने वाली सभी उड़ानों को रद्द कर दिया है. रविवार को देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि ब्रिटेन के वेरिएंट का एक मामला इटली में सामने आया है. मरीज़ को रोम में आइसोलेट करके रखा गया है.
ऑस्ट्रिया ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर प्रतिबंध लगाने वाला है. बुल्गारिया ने आधी रात से ब्रिटेन से आने-जाने वाली उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया. दूसरे देशों ने जहां कुछ वक़्त के लिए ये प्रतिबंध लगाए हैं, वहीं बुल्गारिया ने 31 जनवरी तक के लिए इन प्रतिबंधों को लागू किया है.
तुर्की और स्विटज़रलैंड ने ब्रिटेन से आने वाली सभी उड़ानों पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है.
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