कोरोना वायरस: छुट्टियों के दौरान कैसे कम करें संक्रमण का ख़तरा

कोरोना महामारी, क्रिसमस

एक कमरा जहां दोस्त हों, परिवार के लोग हों, वो क़रीबी लोग हों जिन्होंने एक दूसरे को लंबे समय से नहीं देखा.

वो कई हफ़्तों के बाद एक छत के नीचे हैं, गले मिल रहे हैं. एक-दूसरे को चूम रहे हैं और दोबारा एक साथ होने का जश्न मना रहे हैं.

एक मेज़ के चारों ओर खड़े ये लोग अपनों से दोबारा मिलने का जश्न मना रहे हैं.

वे घंटों एक साथ समय बिताते हैं. एक-दूसरे के साथ हंसते हैं. खुशी से चिल्लाते हैं.

एक-दूसरे को खाने के लिए प्लेट्स और चम्मच देते हैं और एक-दूसरे के लिए लाए तोहफ़े भेंट करते हैं.

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महामारी के दौर में

साल 2020 से पहले तक क्रिसमस कुछ इसी अंदाज में मनाया जाता था. क्रिसमस पोस्टकार्ड के लिए ऐसी ही तस्वीर हुआ करती थी.

लेकिन कोरोना महामारी के दौर में इस तरह का आयोजन किसी सपने की तरह ही है.

इसी कारण, विशेषज्ञों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर आप संक्रमण से बचे रहना चाहते हैं तो इसके लिए सिर्फ़ एक ही तरीक़ा है कि आप व्यक्तिगत तौर पर उत्सव ना मनाएं.

और अगर वे उत्सव मनाते हैं या फिर शामिल होते हैं तो...

बीबीसी ब्राज़ील ने जितने भी विशेषज्ञों का साक्षात्कार लिया उन सभी ने ज़ोर देकर कहा कि संक्रमण का ख़तरा बिल्कुल भी नहीं रहेगा, ऐसा हो पाना असंभव है लेकिन ये ज़रूर है कि कुछ ऐसे उपाय हैं जिनसे इस ख़तरे को कम ज़रूर किया जा सकता है.

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घर से निकलने से पहले

घर से निकलने से पहले से सावधानी बरतना ज़रूरी है. अगर आप किसी उत्सव में शामिल होने जा रहे हैं तो उसके पहले क़रीब दो सप्ताह के लिए ख़ुद को क्वॉरंटीन करें.

अगर दो सप्ताह के लिए आप ख़ुद को क्वॉरंटीन नहीं कर सकते हैं तो कम से कम एक सप्ताह के लिए तो करें ही.

इसके साथ ही आप ये भी पूरी तरह प्रमाणित कर लें कि आप वायरस-मुक्त हैं. जब आप लोगों से मिलने जा रहे हों तो उससे क़रीब 72 घंटे पहले पीसीआर टेस्ट ज़रूर कराएं.

ताकि इस बात की पुष्टि हो जाए कि आप वायरस मुक्त हैं. अगर आप यह सबकुछ कर लेते हैं तो आप अपने लिए जोख़िम को कम करने में काफी अच्छा कर सकते हैं.

इसके साथ ही यह भी ज़रूरी है कि आपको अगर कोई भी लक्षण नज़र आ रहा है तो उसे नज़रअंदाज़ ना करें. उस पर ध्यान देना ज़रूरी है.

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संक्रमण का ख़तरा

यूनिवर्सिटी ऑफ़ ब्राज़ील में इंफ़ेक्टोलॉजिस्ट प्रोफ़ेसर जुलियाना लापा कहती हैं, "कई लोग कहते हैं कि मुझे सिर्फ़ खांसी है या सिर्फ़ नाक ही बंद है. अगर आपको कुछ भी असामान्य लग रहा है तो उस पर विचार करें और ऐसी स्थिति में जाने से बचें क्योंकि इससे संक्रमण का ख़तरा बढ़ेगा."

हालांकि विशेषज्ञ तो यात्रा से बचने की ही सलाह देते हैं.अगर आप एक जगह से दूसरी जगह जा रहे हैं तो यह अपनी कार से करना ही बेहतर होगा.

इस तरह से आप हवाई अड्डे, हवाई जहाज़, बस, बस स्टेशन और होटलों के रिसेप्शन की भीड़ के संपर्क में आने से बच जाते हैं.

आदर्श तौर पर तो त्योहार या उत्सव अगर मनाया जा रहा है तो इसमें उन्हीं लोगों को शामिल होना चाहिए जो एक ही घर में रहते हैं.

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सावधानी बरतने की सलाह

यानी उत्सव केवल एक ही घर में रहने वाले लोगों के बीच होना चाहिए. अगर नहीं तो, कम परिवार के अधिक लोगों को शामिल किया जाना चाहिए.

यूनिवर्सिटी ऑफ़ वरमोंट स्कूल ऑफ़ मेडिसीन में कोविड-19 बीआर ऑब्ज़र्वेटरी ग्रुप और बायोमेडिकल इंजीनियर विटोर मोरी इस बात को समझाते हुए कहते हैं, "उदाहरण के लिए अगर दस लोग आपस में मिल रहे हैं और अगर वो दो परिवार के ही हैं (प्रत्येक परिवार के पांच लोग) तो संक्रमण का ख़तरा कम होगा बजाय इसके की दस लोग दस अलग-अलग परिवारों से आएं." विशेषज्ञ भी जोख़िम समूहों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हैं.

मिनास गेराएस एसोसिएशन ऑफ़ इंफ़ेक्शियस डिज़ीज़ के अध्यक्ष एस्टेवो अर्बानो ने बीबीसी ब्राज़ील से कहा, "अगर संभव हो तो बुज़ुर्गों को और जिन्हें मोटापे, मधुमेह, उच्च-रक्तचाप की शिकायत है और जिन्हें फेफड़ों से जुड़ी दिक़्क़त है उन लोगों को सम्मेलन और लोगों से मेल-मिलाप से बचना चाहिए."

उनके अनुसार, "बेशक... वे ऐसे लोगों में से हैं जिन्होंने इस महामारी के दौरान सबसे अधिक अलगाव झेला है और वे ही इस संक्रमण के सबसे अधिक पीड़ित भी हैं और इस बात से भी इनक़ार नहीं किया जा सकता है कि इस दौरान उन्हें ही सबसे अधिक ज़रूरत भी है लेकिन वास्तविकता यही है कि इस दौरान उन्हें बाकियों की तुलना में कहीं अधिक सावधानी बरतने की ज़रूरत है."

अगर जोख़िम वाले किसी समूह के साथ मिलना बेहद ज़रूरी है और उसे किसी सूरत में टाला नहीं जा सकता है तो... इस पर जुलियाना लापा सुझाव देती हैं, "मिलें लेकिन ये मुलाक़ात बेहद छोटी होनी चाहिए, डिनर के बिना और बिना मास्क हटाए."

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वैंटिलेशन है महत्वपूर्ण

अगर आप मिल रहे हैं तो कोशिश कीजिए कि यह मुलाक़ात किसी खुली जगह पर हो. जैसे कि किसी बगीचे में. घर के पीछे खाली मैदान में. छत पर या फिर बालकनी में.

और अगर आपके पास इसमें से कोई विकल्प नहीं है तो मुलाक़ात के दौरान कमरे और घर की सभी खिड़कियां और दरवाज़े खुले छोड़ दीजिए.

इसे बात के महत्व को समझने के लिए मोरी उन छोटे तरल कणों से तुलना करते हैं जो हम सिगरेट के धुंए के साथ बाहर निकालते हैं.

वो कहते हैं, "अगर आप धूम्रपान करने वाले किसी व्यक्ति के बगल में किसी खुली जगह पर हैं तो आपको धुंआ महसूस होगा लेकिन तुलनात्मक रूप से कम लेकिन अगर आप किसी ऐसे ही शख़्स के साथ किसी कमरे में बंद हैं तो एक या आधे मीटर की दूरी पर होने के बावजूद आप सिगरेट सूंघ सकते हैं और धुंआ खींच सकते हैं."

अमेरिका के सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रीवेंशन सेंटर के मुताबिक़, अगर किसी जगह पर वैंटिलेशन की अच्छी व्यवस्था कर पाना संभव ना हो तो लोगों की संख्या को कम रखना आवश्यक है.

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अस्थमा पीड़ितों की तक़लीफ़

कमरे की हवा साफ़ बनी रहे और हवा का संचरण होता रहे इसके लिए क्या किया जा सकता है?

बायोमेडिकल इंजीनियर के मुताबिक़, "खिड़की के पास एक पंखा लगाएं और उसे सामने की तरफ़ करके रखें. इस तरह पंखा एक एक्ज़ॉस्ट फ़ैन की तरह काम करता है. वो अंदर की हवा को बाहर निकालने का काम करेगा. इससे कमरे की हवा को भरने के लिए दूसरी खिड़की से बाहर की ताज़ा हवा आती है. इससे हवा का संचरण बना रहता है."

विशेषज्ञों की सलाह है कि अगर आपके पास एक से अधिक खिड़की है और एक से अधिक पंखे हैं तो आप इन्हें एक-दूसरे के विपरीत दिशा में रख सकते हैं.

इस तरह एक पंखा जहां साफ़ बाहर की हवा को अंदर खींचने का काम करेगा, वहीं दूसरा पंखा अंदर की हवा को बाहर धकेलने का काम करेगा. इससे वायु का परि-संचरण बना रहता है.

सीडीसी की सलाह है कि अगर नीचे गिरने का ख़तरा ना हो और अस्थमा पीड़ितों को कोई तक़लीफ़ ना हो तो खिड़कियां और दरवाज़े हमेशा खुले ही रखने चाहिए.

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जारी किए गए सुरक्षा उपाय

सीडीसी के मुताबिक़, संक्रमण से बचने के लिए इस बात का ध्यान भी रखना चाहिए पंखे की हवा का फ़्लो एक व्यक्ति से होकर दूसरे तक ना जाए.

इससे पहले वाले व्यक्ति से दूसरे को संक्रमण होने का ख़तरा बढ़ जाता है.

लेकिन इन उपायों को अपनाने का यह मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि महामारी के लिए जारी किये गए सुरक्षा उपायों (जैसे कि मास्क पहनना, हाथ धोना और निश्चित दूरी पर रहना) का पालन करना छोड़ दिया जाए.

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थोड़े वक़्त के लिए भेंट, मास्क और सामाजिक दूरी

जितनी देर तक आप खुले में हैं, आपके लिए ख़तरा उतना ही अधिक बढ़ जाता है. इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आप अगर लोगों से मिल रहे हैं तो अपनी मुलाक़ात को छोटा रखिए.

अर्बानों के मुताबिक़, "लंबी मुलाक़ातें कहीं अधिक बड़ा ख़तरा हैं."

जितना अधिक संभव हो, अगर आप एक ही घर में नहीं रह रहे हैं तो ऐसे लोगों से मिलते वक़्त एक संभव और सुरक्षित दूरी बनाकर रखें. हमेशा मास्क पहनकर रखें और बात करते समय भी सावधानी रखें ताकि संक्रमण ना फैले.

अर्बानों के मुताबिक़, "जब आप तेज़ गाते हैं या ज़ोर से बोलते हैं तो अपने मुंह से कहीं अधिक तरल कणों को बाहर निकालते हैं."

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खाने के दौरान भी रखें ध्यान

खाना खाना बेहद महत्वपूर्ण क्षणों में से एक हो सकता है.

यह वो वक़्त होता है जब लोग आमतौर पर एक-दूसरे के बेहद क़रीब होते हैं और क्योंकि वे खाने की मेज़ पर होते हैं तो उनके चेहरे पर मास्क भी नहीं होता .

साओ पॉल स्थित एमीलियो रिबास इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंफ़ेक्शियस डिज़ीज सेंटर में आईसीयू वॉर्ड में फ़िज़शियन जैक्स सेस्टाज़्नबोक के मुताबिक़, "अगर कोई मास्क नहीं पहनता है तो वे संक्रमण का प्रसार करने वाले हो सकते हैं. यह हममे से कोई भी एक हो सकता है और क्योंकि कई बार इसके लक्षण सामने नहीं होते हैं तो हमें पता भी नहीं होता है कि हम संक्रमित हैं और हम अनजाने में ही संक्रमण फैला रहे होते हैं."

खाने की टेबल के ऑर्गेनाइज़ेशन से मदद मिल सकती है. अगर घर में केवल एक टेबल है तो ऐसी सलाह दी जाती है कि रोटेशनल तरीक़े का पालन करें. जिसमें बुज़ुर्ग लोगों को प्राथमिकता दी जाए.

उदाहरण के लिए, कल्पना करें कि अगर कोई जोड़ा एक घर में रहता है और उनमें से किसी एक के माता-पिता भी उनके साथ रहते हैं.

उन्हें सलाह दी जाती है कि माता-पिता पहले खाना खाएं और घर के बाकी लोग कुछ दूरी पर मास्क लगाकर खड़े रहें.

ऐसे लोग जो बड़ी जगह पर रहते हैं और जिनके घर में एक से अधिक टेबल हैं तो उन्हें एक साथ रहने वाले समूह के आधार पर अलग किया जा सकता है. जैसा कि पिछले उदाहरण में कहा गया, उसी आधार पर अब एक टेबल पर बुज़ुर्ग दंपति और एक पर यह दूसरा जोड़ा बैठकर खाना खा सकता है.

वे कोशिश कर सकते हैं कि वे गिलास, कांटे-चम्मच जैसी चीज़ें साझा ना करें. इसके साथ ही उन्हें सलाह दी जाती है कि अगर वे सलाद के लिए भी एक ही बाउल का इस्तेमाल ना करें तो बेहतर रहेगा.

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पार्टी के दौरान सुरक्षा उपायों की अनदेखी ना करें

बीते क़रीब आठ महीने किसी के लिए भी आसान नहीं रहे हैं. सभी ने महामारी के इस दौर को झेला है और इस बात की पूरी संभावना है कि जब दोस्त मिलें, परिवार वाले मिलें तो वे ज़रूरी एहतियात और नियमों को भूल जाएं.

डॉक्टर मानते हैं कि यही वो क्षण या समय और जगह है, जब ख़तरा है.

अर्बानों के अनुसार, "यह एक ऐसा समय है जब लोग शराब पीते हैं या फिर थोड़े लापरवाह हो जाते हैं, ऐसे में वे अपने सुरक्षा उपायों को छोड़ देते हैं. यह कोविड 19 के नए मामलों को बढ़ाने का कारण हो सकता है और साथ ही इस लापरवाही के कारण मौतें भी हो सकती हैं. टीका बनाया जा चुका है और कई देशों में तो टीकाकरण शुरू भी हो गया है लेकिन सावधानी से मुंह नहीं फेरा जा सकता. सावधानी तो रखनी ही होगी."

वीडियो कैप्शन, WHO ने कहा है कि वैक्सीन का काम अंतिम चरण में है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफ़ारिश

विश्व स्वास्थ्य संगठन पहले ही कह चुका है कि क्रिसमस समारोहों के दौरान भी संक्रमण का पूरा ख़तरा है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सलाह दी है कि इस साल क्रिसमस के समारोह वर्चुअल तरीके से मनाएं क्योंकि जब आप किसी के साथ लंबे समय तक मिलते हैं, बंद जगह पर मिलते हैं और साथ बैठकर शेयर करते हुए खाना खाते हैं तो ऐसे लोगों में संक्रमण की आशंका काफी बढ़ जाती है.

'द ओएमएस' में कोविड 19 की टेक्नीकल लीडर मारिया वान कहती हैं, "यह बहुत अधिक मुश्किल है, ख़ासतौर पर छुट्टियों के दौरान. इस दौरान हम परिवार के साथ रहना चाहते हैं. लेकिन कुछ परिस्थितियों में परिवार से ना मिलने का विचार ही सुरक्षित रहने की शर्त है."

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