इमरान ख़ान के प्रधानमंत्री बनने से पहले पाकिस्तान में क्या-क्या होगा?

इमरान ख़ान

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    • Author, साराह हसन
    • पदनाम, बीबीसी उर्दू, इस्लामाबाद

पाकिस्तान में 25 जुलाई को हुए आम चुनावों के ग़ैर-सरकारी नतीजों में कोई भी पार्टी बहुमत हासिल नहीं कर पाई है लेकिन पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.

अब तक के नतीजों के मुताबिक़, केंद्रीय असेंबली में तहरीक-ए-इंसाफ़ ने 100 से अधिक सीटों पर कामयाबी हासिल की है जबकि पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) दूसरी और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी तीसरी बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आई है.

इन शुरुआती आंकड़ों से स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान का अगला प्रधानमंत्री तहरीक-ए-इंसाफ़ से होगा. पीटीआई के प्रमुख इमरान ख़ान संभवतः पाकिस्तान के अगले प्रधानमंत्री होंगे. आइये जानते हैं कि प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने के लिए इमरान ख़ान को कितनी चुनौतियों से गुज़रना होगा.

राष्ट्रीय असेंबली

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विजेताओं की अधिसूचना

नियम के अनुसार केंद्रीय असेंबली की सीटों पर जीतने वाले उम्मीदवारों के लिए ज़रूरी है कि चुनाव के बाद दस दिनों के अंदर-अंदर उन्हें चुनावी अभियान में किए गए ख़र्चों का विवरण जमा करना होगा.

विवरण जमा करने की अवधि समाप्त होने के बाद पांच अगस्त 2018 के बाद चुनाव आयोग उम्मीदवारों के जीतने की अधिसूचना जारी करेगा.

इस दौरान निर्दलीय विजेताओं के लिए आवश्यक है कि विजेताओं की अधिसूचना जारी होने के तीन दिन के अंदर-अंदर किसी न किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने के बारे में फ़ैसला कर लें.

इसी दौरान केंद्रीय असेंबली में कुल सीटों के अनुपात से राजनीतिक पार्टियों की विशिष्ट सीटों पर महिलाओं और अल्पसंख्यक सदस्यों के नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा.

केंद्रीय असेंबली में औरतों के लिए ख़ास सीटों की संख्या 60 है, जिनमें से 33 पंजाब, 14 सिंध, नौ ख़ैबर पख़्तूनख़्वा और चार बलूचिस्तान की महिलाओं के लिए है.

चुनाव आयोग के मुताबिक़, केंद्रीय असेंबली में महिलाओं की ख़ास सीटों के लिए जो कोटा तय किया गया है, उसमें हर साढ़े चार जनरल सीटों के बदले किसी पार्टी को एक महिला सीट दी जाएगी.

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शपथ और स्पीकर का चयन

इसके बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन केंद्रीय असेंबली की बैठक बुलवाएंगे. पिछली असेंबली के स्पीकर आयाज़ सादिक़ की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में वह तमाम नए सदस्यों को शपथ दिलवाएंगे.

आमतौर पर केंद्रीय असेंबली के सदस्यों की शपथ एक दिन में नहीं होती है इसलिए स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का चुनाव अगले दिन होता है.

स्पीकर के चुनाव का कार्यक्रम जारी होने के बाद वोटिंग के ज़रिए नया स्पीकर तय किया जाता है.

आम चुनाव 2018 के बाद बनने वाली केंद्रीय असेंबली की पहली बैठक बुलवाने के लिए छह, 10 और 11 अगस्त की तारीख़ पर विचार किया जा रहा है.

इमरान ख़ान

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इमेज कैप्शन, 2013 के चुनावों में इमरान ख़ान राष्ट्रीय असेंबली के सदस्य चुने गए थे

प्रधानमंत्री का चुनाव

स्पीकर और डिप्टी स्पीकर तय होने के बाद अगला चरण प्रधानमंत्री का चुनाव होता है.

प्रधानमंत्री पाकिस्तान के पद के लिए राजनीतिक पार्टियां अपने उम्मीदवार नामित करेंगी जिसके बाद प्रधानमंत्री के चुनाव का कार्यक्रम जारी किया जाएगा.

कार्यक्रम जारी होने के बाद प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए सदन में ही ख़ुफ़िया मतदान होगा.

पाकिस्तान का प्रधानमंत्री वही व्यक्ति बन सकता है जिसे 342 सदस्यों वाले सदन में कम से कम 172 सदस्यों का समर्थन हासिल हो.

वोटों की गिनती के बाद स्पीकर विजेता उम्मीदवार के नाम का एलान करेंगे और फिर प्रधानमंत्री के चुनाव में कामयाब होने वाला उम्मीदवार असेंबली की बैठक में संक्षिप्त भाषण देता है.

इसके बाद केंद्रीय असेंबली की बैठक स्थगित कर दी जाएगी लेकिन उस वक़्त तक का कामयाब उम्मीदवार प्रधानमंत्री नहीं कहलाएगा जब तक वह अपने पद की शपथ नहीं ले लेता.

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इमेज कैप्शन, आम चुनाव में पीटीआई के सबसे बड़ा दल बनने के बाद इस्लामाबाद में गुरुवार को इमरान ख़ान ने विजयी भाषण दिया

शेरवानी में शपथ ग्रहण

केंद्रीय असेंबली में प्रधानमंत्री के चुनाव के बाद राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा जहां पाकिस्तान के राष्ट्रपति काले रंग की शेरवानी में प्रधानमंत्री (संभवतः इमरान ख़ान) को शपथ दिलाएंगे.

कामयाब होने से प्रधानमंत्री की शेरवानी पहनने तक का ये सफ़र दो हफ़्तों का होगा.

तहरीक-ए-इंसाफ़ ने प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस (14 अगस्त) से पहले करने की इच्छा ज़ाहिर की है क्योंकि वह चाहते हैं कि 'प्रधानमंत्री इमरान ख़ान' स्वतंत्रता दिवस समारोह में आधिकारिक पद के साथ शिरकत करें.

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