सीरिया: केमिकल हमले की जगह पहुंचा जांच दल

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सीरिया में राजधानी दमिश्क के नज़दीक डूमा में कथित रासायनिक हमले की जगह पर आख़िरकार अंतरराष्ट्रीय रासायनिक हथियारों के विशेषज्ञ पहुंच गए हैं और उन्होंने जगह का जायज़ा लिया है.
ऑर्गनाइज़ेशन फ़ॉर द प्रोहिबिशन ऑफ़ केमिकल वीपन्स (ओपीसीडब्ल्यू) ने सीरिया के डूमा में जाकर वहां से नमूने और अन्य सबूत इकट्ठा किए हैं.
डूमा में फिलहाल सीरिया और रूस का नियंत्रण है और दोनों ने किसी तरह के रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से इनकार किया है.
बताया जा रहा है कि 7 अप्रैल को हुए रासायनिक हमले में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. इन कथित रासायनिक हमले को मुद्दा बनाते हुए कई बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चर्चा और आरोपों का दौर चला जिसके बाद अमरीका, फ्रांस और ब्रिटेन ने सीरिया पर मिसाइलें दाग़ी.

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ओपीसीडब्ल्यू ने एक प्रेस रिलीज़ में कहा है कि उनकी टीम में हमले की जगह का निरीक्षण किया और इकट्ठा किए गए नमूने जांच के लिए द हेग के रिजस्विक में मौजूद अपने लैब में भेजे हैं.
ओपीसीडब्ल्यू ने कहा है कि हमले की जगह से जांचकर्ताओं ने कुछ अन्य सामान भी इकट्ठा किया है.
आईटीवी के एक संवाददाता ने ओपीसीडब्ल्यू की टीम के डूमा से वापिस दमिश्क जाने का वीडियो बनाया है.
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बीते एक सप्ताह से दमिश्क में नौ सदस्यों की ओपीसीडब्ल्यू की जांच टीम डूमा में हमले की जगह पर जाने का इंतज़ार कर रही थी.
ये टीम बीते बुधवार को इलाके का दौरा करने वाली थी लेकिन मंगलवार को स्थिति का जायज़ा लेने गए संयुक्त राष्ट्र के एक दल पर हमला होने के बाद इस दौरे को टाल दिया गया था.
पश्चिमी देशों के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें डर है कि रसायनिक हमले की जगह पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई हो सकती है.

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डूमा बीते कुछ वक्त से हमले के केंद्र में रहा है. हाल तक रूस के समर्थन में सीरियाई सेना ने दमिश्क के नज़दीक डूमा में विद्रोहियों को निकालने के लिए हमले किए गए थे. यहां अब भी इमारतों के मलबे के ढ़ेर लगे हुए हैं और इस कारण यहां जांच करने जाना भी ख़तरे से खाली नहीं है.
7 अप्रैल के बाद रूसी सेना के साथ हुए एक समझौते के तहत विद्रोहियों ने यहां से बाहर निकलने का फ़ैसला किया.
हालांकि इस बात का संदेह जताया जा रहा है कि यहां रासायनिक हथियारों के फोरेंसिक सबूतों को मिटाने की कोशिशें की जा सकती हैं, लेकिन कई विदेशी पत्रकार पहले से ही इस शहर का दौरा कर चुके हैं.
रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर ओपीसीडब्ल्यू पर आरोप लगाया है कि वो कथित हमले की जगह में जांच दल भेजने में देरी कर रही है.
रूस ने मांग की है कि "अधिकतम निष्पक्षता के साथ मामले की जांच" और जितनी जल्दी हो सके अपनी "रिपोर्ट" देने की मांग की है.
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