You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
जहां सेक्स से होता है समलैंगिकों का इलाज
रूस में मनोचिकित्सक और धर्मगुरु समलैंगिकों का जिस तरीके से 'इलाज' कर रहे हैं उस पर विवाद हो गया है.
बीबीसी रूसी सेवा ने भी इस तथाकथित 'इलाज' के बारे में सुना है.
दक्षिणी रूस में चेचन्या एक मुस्लिम गणराज्य है और यहां समलैंगिकों को इलाज के नाम पर सताए जाने की ख़बरें हैं. इलाज का ये तरीका इतना विवादित हो गया है कि जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल को रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से अपील करनी पड़ी.
मर्केल ने पुतिन से अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर समलैंगिकों के हक़ों की सुरक्षा करने को कहा है.
रूस में समलैंगिकता को आधिकारिक रूप से एक मानसिक बीमारी के रूप में नहीं देखा जाता है. रूस ने 1999 में समलैंगिकता को मानसिक विकार की सूची से हटा दिया था. अमरीका ने यह काम 1973 में कर दिया था और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1992 में.
विश्व स्तर पर मेडिकल साइंस समलैंगिकता के लिए किसी भी तरह के इलाज की ज़रूरत नहीं बताता.
उसके बावजूद समलैंगिकों से घृणा रूसी समाज में सामान्य है और ऐसा केवल चेचन्या में ही नहीं है.
सम्मोहन और ख़ुद से मदद
यान गोलांद एक मनोचिकित्सक हैं. उन्होंने कहा, ''मैंने 78 समलैंगिकों और आठ ट्रांससेक्शुअल लोगों को ठीक किया है. इन्हें ठीक करने में मैंने सोवियत यूनियन में विकसित तरीके का इस्तेमाल किया. इस तरीके को मेरे शिक्षक निकोलाई इवानोव ने विकसित किया था.''
उन्होंने बीबीसी से कहा कि यह 'इलाज' आठ से 18 महीने तक चलता है. उन्होंने कहा कि ट्रांससेक्शुअल को 'ठीक करने' में ज़्यादा वक़्त लगता है.
यान ने कहा, ''पहले समान सेक्स आकर्षण को नष्ट किया जाता है. इस में सम्मोहन थेरेपी आठ घंटे तक चलती है. हम मनोविश्लेषण के कई तरीकों का इस्तेमाल करते हैं. इसके साथ ही 'आइडेंटिटी थेरेपी' का इस्तेमाल किया जाता है और इसमें उस शख़्स के सपनों को प्रभावित किया जाता है.''
दूसरे चरण में विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण पैदा करवाया जाता है. यान ने कहा कि इसके लिए वह पुरुष मरीज़ के आसपास आकर्षक महिलाओं को भेजते हैं.
मैं उन्हें बताता हूं, ''जब आप इलाज के सेशन से मुक्त होकर सड़क पर निकलो तो जिस भी महिला को जितना देख सकते हो देखो. महिला के शारीरिक आकर्षण में दिलचस्पी लो और उनमें से जो बेस्ट लगे उसे चुनो.''
गोलांद ने कहा कि तीसरे चरण में मरीज़ों को विपरीत लिंग के सदस्यों के साथ सेक्स कराया जाता है.
'आपत्तिजनक' अनुभव'
यूरी 40 साल के हैं. उन्होंने कहा कि वह 1990 के दशक में इस 'इलाज' के लिए गए थे. मैं 'ठीक होकर सही रास्ते पर आना' चाहता था, लेकिन इसका अंत बुरे सेक्स के साथ हुआ.
यूरी ने कहा कि बेशक इसका नतीजा हानिकारक नहीं था, लेकिन नकारात्मक था. यदि मैं ईमानदार हूं तो वह प्रक्रिया आपत्तिजनक थी.
गोलांड अब 80 साल के हैं और वह अब भी समलैंगिकों का 'इलाज' करते हैं.
रूस में समलैंगिकता को 'ठीक' करने के लिए कई वेबसाइटें भी चल रही हैं. लोगों को ऑनलाइन डॉक्टरों से इलाज का प्रस्ताव दिया जा रहा है. निकितेंको ब्रदर्स ख़ुद को 'मनो-सम्मोहनवादी' के रूप में बताते हैं. ये दो महीने का ऑडियो सम्मोहन कोर्स चलाते हैं. एक सेशन की कीमत पांच हज़ार रूबल है.
निकोई निकितेंको का मानना है, ''समलैंकिगता एक सनक है. कोई पोर्नोग्राफ़ी देखता है तो वह गे सेक्स करता है. वे ऐसा कर अपने दिमाग़ में एक नए फ़ितूर का निर्माण करते हैं. एक लड़के ने मुझे बताया कि वह 18 साल का है और उसे डर सताता रहता है कि कहीं वो गे ना बन जाए. हमारा लक्ष्य मरीज़ों को सही रास्ते पर लाना है और उनके जीवन से तनाव ख़त्म करना है.''
इनका दावा है कि ये सात गे लोगों को ठीक कर चुके हैं. इन भाइयों ने दावा किया कि जिन समलैंगिकों को वो ठीक कर चुके हैं वो अब दोबारा गे कतई नहीं बनना चाहते.
डॉक्टरों की चेतावनी
रूसी डॉक्टर इस इलाज से सहमत नहीं हैं. मनोचिकित्सक पावेल सोबोलेव्सकी ने कहा, ''आप 11 से 13 साल की उम्र में अपने सेक्शुअल झुकाव को लेकर जागरूक हो जाते हैं. समलैंगिकता भी सामान्य लैंगिक दिलचस्पी है.''
उन्होंने कहा कि किसी के ख़ास सेक्शुअल झुकाव को ख़त्म नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इस तरीके से अपने यौन झुकाव को बदलना नुक़सानदेह हो सकता है.