उत्तर कोरिया का मिसाइल टेस्ट: जापान को अमरीकी समर्थन का भरोसा

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अमरीका में ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से उत्तर कोरिया ने युद्धक मिसाइल का पहली बार परीक्षण किया है. उधर राष्ट्रपति ट्रंप ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे को अमरीकी समर्थन का भरोसा दिलाया है.
उन्होंने कहा, "अमरीका अपने अहम सहयोगी जापान के साथ सौ फीसदी खड़ा है."
इससे पहले दक्षिण कोरिया की तरफ से कहा गया कि उत्तर कोरिया ने एक बलीस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है. दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने बताया कि इसकी दिशा पूर्व में जापानी सागर की तरफ 500 किलोमीटर तक थी.
जापानी प्रधानमंत्री ने इस परीक्षण पर कहा कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है. जापानी अधिकारियों ने कहा कि मिसाइल ने उसकी जल सीमा का अतिक्रमण नहीं किया है.
पिछले साल प्योंगयांग ने कई परमाणु परीक्षण किया था. उत्तर कोरिया लगातार मिसाइल और परमाणु परीक्षण कर रहा है. इसके साथ ही वह आक्रामक बयान भी देता रहता है. उत्तर कोरिया के इस रवैये से इलाक़े में सतर्कता और ग़ुस्से का माहौल है.
अमरीकी सुरक्षा अधिकारियों ने न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स को बताया है कि वॉशिंगटन उत्तर कोरिया के मिसाइल लॉन्च की पुष्टि पूरी जानकारी हासिल करने के बाद कर सकता है. दक्षिण कोरियाई सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक बैठक बुलाई है. इस बैठक में उत्तर कोरिया के इस मिसाइल परीक्षण पर चर्चा की जाएगी.

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उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने जनवरी में कहा था कि उनका देश लंबी की दूरी के मिसाइल परीक्षण करने के करीब है. मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम होगी.
पिछले हफ़्ते ही अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस दक्षिण कोरिया के दौरे पर थे और उन्होंने कहा था कि यदि उत्तर कोरिया ने परमाणु हमले का दुःसाहस किया तो उसे तगड़ा जवाब मिलेगा. उन्होंने दक्षिण कोरिया में अमरीकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती की भी पुष्टि की थी.
उत्तर कोरिया ने पिछले साल अपना पांचवां परमाणु परीक्षण किया था. उसने यह भी कहा कि था वह अमरीका पर परमाणु हमला करने में अब सक्षम है. हालांकि सुरक्षा विशेषज्ञों को यह बात नहीं पच रही है कि उत्तर कोरिया के पास इतनी क्षमता आ गई है कि वह अमरीका पर परमाणु हमला कर दे.













