परमाणु हमला हुआ तो हारेगा उत्तर कोरिया: अमरीका

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अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने कहा कि उत्तर कोरिया ने किसी भी तरह के परमाणु हथियार का इस्तेमाल किया तो उसे असरदार और तगड़ा जवाब मिलेगा. मैटिस दक्षिण कोरिया में हैं. उन्होंने दक्षिण कोरिया को आश्वस्त किया कि अमरीका उसे समर्थन देना जारी रखेगा.
उत्तर कोरिया लगातार मिसाइल और परमाणु परीक्षण करता रहा है. वह लगातार आक्रामक बयान भी दे रहा है. इस वजह पूरे इलाके में ग़ुस्से और सतर्कता का माहौल है. युद्ध के बाद हुए सुरक्षा समझौतों के तहत दक्षिण कोरिया और जापान में अमरीका की सैन्य उपस्थिति है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि दोनों देश अमरीकी सैन्य मौजूदगी को जारी रखने के लिए ज़्यादा भुगतान करें. मैटिस ने इस यात्रा से दक्षिण कोरिया को संदेश दिया है कि ट्रंप प्रशासन के लिए भी वह पक्का दोस्त है और पेंटागन सुरक्षा प्रतिबद्धताओं से पीछे नहीं हटेगा.

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दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री हान मिन-कू से बात करने के बाद मैटिस ने पत्रकारों से कहा, ''अमरीका और उसके सहयोगियों पर किसी तरह का हमला हुआ तो हमलावर को हारना होगा. यदि किसी तरह के परमाणु हथियार का इस्तेमाल किया गया तो मुंहतोड़ और प्रभावी जवाब मिलेगा.''
उत्तर कोरिया का दावा
उत्तर कोरिया ने पिछले साल पांचवां परमाणु परीक्षण किया था. उसने दावा किया था कि उसके परमाणु हथियारों में अमरीका पर भी हमला करने की क्षमता है. हालांकि विशेषज्ञ इस बात से सहमत नहीं हैं कि उत्तर कोरिया के पास इतनी क्षमता है. हाल के हफ्तों में उसने यह भी कहा था कि उसके पास नया इंटरकॉन्टिनेंटल बलीस्टिक मिसाइल है, जिसमें अमरीका के कई ठिकानों को निशाने पर लेने की क्षमता है.

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उत्तर कोरिया ने कहा था कि यह किसी भी वक्त लॉन्चिंग टेस्ट के लिए तैयार है. ओबामा प्रशासन के दौरान दक्षिण कोरिया और अमरीका में अमरीकी निर्मित मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती पर सहमति बनी थी. यह किसी भी तरह के मिसाइल हमले से सुरक्षा के लिए है.
उम्मीद की जा रही है कि मैटिस इसकी तैनाती पर शुक्रवार को बात करेंगे. इनका कहना है कि यह कोरियाई प्रायद्वीप की ज़रूरतों से परे है.
चीन हो सकता है नाराज़
हालांकि टर्मिनल हाई एल्टिट्यूड एरिया डिफेंस (टीएचएएडी) मिसाइल सिस्टम ज़्यादातर दक्षिण कोरियायों बीच अलोकप्रिय है. इन्हें आशंका है कि मिसाइल बेस आसपास रहने वाली आबादी के लिए ख़तरनाक होगा. इससे चीन से भी उसे नाराज़गी झेलनी होगी.

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गुरुवार को अमरीकी रक्षा मंत्री ने कहा कि टीएचएएडी से किसी को चिंतित होने की ज़रूरत नहीं है. मैटिस चीन को आश्वस्त करते दिखे. दक्षिण कोरिया के रक्षामंत्री ने कहा कि मैटिस की यात्रा उत्तर कोरिया के लिए सख्त चेतावनी की तरह है.
युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच सुरक्षा समझौतों के तहत दक्षिण कोरिया में 28,500 अमरीकी सैनिक हैं. दक्षिण कोरिया इसके बदले अमरीका को हर साल 900 मिलियन डॉलर का भुगतान करता है. दक्षिण कोरिया के बाद मैटिस जापान पहुंचने वाले हैं.
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