इरोम शर्मिला ने 16 साल से जारी अनशन तोड़ा

मणिपुर की सामाजिक कार्यकर्ता इरोम शर्मिला ने बीते 16 वर्षों से जारी अपना अनशन मंगलवार को तोड़ दिया.
मणिपुर में मौजूद बीबीसी संवाददाता वंदना के मुताबिक, ''इरोम ने करीब 4 बजकर 20 मिनट पर शहद पीकर अनशन तोड़ा. उसके बाद वो काफी भावुक हो गईं और रोने लगीं.''
काफी देर तक रोने के बाद इरोम ने कहा कि वो इस पल को कभी भूल नहीं पाएंगी.
इरोम ने कहा कि वे अभी अपनी मां से नहीं मिलेंगी क्योंकि उनका मकसद अभी पूरा नहीं हुआ है.
राजनीति के सवाल पर उन्होंने कहा, ''मणिपुर की राजनीति गंदी है जो समाज का ही हिस्सा है.''

राजनीति में आकर हालात बदलने की इच्छा जताते हुए इरोम ने कहा, ''हमें लगभग 20 निर्दलीय उम्मीदवारों की तलाश है.''
इरोम मणिपुर में आफ़्सपा यानी सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम के ख़िलाफ़ अनशन कर रही थीं जो राज्य में अभी भी जारी है.
मणिपुर की मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताते हुए एक सवाल के जबाव में उन्होंने कहा, ''मैं राजनीति के बारे में नहीं जानती, मैं चुनाव आयोग से मिलना चाहूंगी.''
उन्होंने कहा, वो कुछ दिन सोच-विचार करेंगी और फिर किसी नतीजे पर पहुंचेंगी.
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