दयाशंकर पर कार्रवाई नहीं, मेरे ख़िलाफ़ केस: मायावती

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बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने केंद्र की मोदी सरकार और यूपी की अखिलेश यादव सरकार पर सांठगांठ का आरोप लगाया है.
अपने ख़िलाफ़ अभद्र टिप्पणी, उसके बाद के राजनीतिक घटनाक्रम और दलितों के ख़िलाफ़ गुजरात में हुई हिंसा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ये सरकारें उनकी लोकप्रियता से घबरा गई हैं और उनके ख़िलाफ़ साज़िश रच रही हैं.
मायावती ने लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ये आरोप लगाए.

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उत्तर प्रदेश में भाजपा से निष्कासित नेता दयाशंकर की बात करते हुए मायावती ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक इस बारे में एक शब्द भी नहीं कहा. मेरे इस मुद्दे को संसद में उठाने से नरेंद्र मोदी की किरकिरी भी हुई है. गुजरात में जो दलितों के ख़िलाफ़ हुआ और फिर इस घटना से बीजेपी का दलित विरोधी चेहरा सामने आ गया है."
मायावती ने कहा कि पीएम के गुजरात में दलितों पर अत्याचार हो रहा है.
मायावती का आरोप है कि भाजपा ने सोची समझी साज़िश के तहत दयाशंकर से उनके ख़िलाफ़ आपत्तिजनक बयान दिलाया लेकिन वो दांव उल्टा पड़ गया है.

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लखनऊ में रैली के दौरान बसपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक बातें कहीं थीं. इसके बाद मायावती के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई.
मायावती ने कहा, "सपा और बीजेपी की मिलीभगत का नमूना देखिए कि दयाशंकर को 36 घंटे बाद तक भी पकड़ा नहीं गया. मैं पीड़ित हूं और मेरे ख़िलाफ़ ही शिकायत दर्ज कर ली गई."
उन्होंने दावा किया कि दयाशंकर की पत्नी और बेटी के ख़िलाफ़ कतई आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया गया.

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मायावती ने सफ़ाई दी, "बसपा नेता और कार्यकर्ता नारे लगा रहे थे कि दयाशंकर की पत्नी और बेटी को पेश करो. हमारा मतलब ये था कि उन्हें पेश करो ताकि हम उनसे पूछें कि दयाशंकर ने जो बात एक दलित की बेटी के बारे में कही है उस पर वो क्या कहेंगी. लेकिन दूषित मानसिकता के तहत उल्टे हमारे ख़िलाफ़ ही मोर्चा खोल दिया गया."
मायावती के मुताबिक़ दयाशंकर की ग़लत भाषा पर पर्दा डालने की कोशिश हो रही है.
उनका कहना था कि अब दयाशंकर की पत्नी और बेटी के ज़रिए बसपा नेताओं को कठघरे में खड़ा किया जा रहा है.

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उनके मुताबिक़, "बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की शह पर मेरे ख़िलाफ़ संसद में कही गई बातों पर यूपी में मेरे ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई जो संसद की अवमानना है."
मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव उन्हें कई बार बुआ कह चुके हैं तो अब अपनी बुआ का अपमान क्यों सह रहे हैं?
मायावती ने दावा किया कि अगर प्रदेश में बसपा की सरकार बनती है तो दयाशंकर मामले की निष्पक्ष जांच कर उन पर कड़ी कार्रवाई होगी.
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