हरिद्वार में संत तिरूवल्लुवर की मूर्ति का झगड़ा

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- Author, राजेश डोबरियाल
- पदनाम, देहरादून से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
हरिद्वार में एक मूर्ति लगाने को लेकर एक ऐसा झगड़ा शुरू हो गया है जिसमें दो राज्यों के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को कूदना पड़ा है.
ये झगड़ा शुरू हुआ है तमिल संत और कवि तिरूवल्लुवर की मूर्ति को हरिद्वार में लगाने को लेकर. पूर्व भाजपा सांसद तरुण विजय की तिरुवल्लुवर की मूर्ति को लेकर हरिद्वार के प्रसिद्ध हर की पौड़ी घाट लगाने की योजना थी.
प्रशासन ने हर की पौड़ी क्षेत्र में 23 जून को मूर्ति लगवाने के लिए चबूतरा बनवाना शुरू किया तो स्थानीय पंडितों ने भारी विरोध किया. इसके बाद प्रशासन ने 28 तारीख की रात हरिद्वार के शंकराचार्य चौक पर प्रतिमा स्थापित करने की कोशिश की लेकिन वहां भी विरोध होने पर 29 की सुबह आनन-फ़ानन में गंगा किनारे एक सरकारी गेस्ट हाउस में प्रतिमा का अनावरण कर दिया.
कुछ दिन पहले मूर्ति को उठवा कर एक गोदाम में रखवा दिया गया. जब गोदाम में रखी मूर्ति को तमिलनाडु के चैनलों ने दिखाना शुरू किया तो हंगामा खड़ा हो गया.
बीबीसी तमिल संवाददाता थंगवेल अप्पाची के अनुसार तमिलनाडु में कई लोगों ने ऐसा माना कि तिरुवल्लुवर को दलित मान कर हरिद्वार के ब्राह्मण ऐसा नहीं होने दे रहे. तिरुवल्लुवर पहले से तीसरी शताब्दी के बीच के एक महान कवि और संत हैं, जिनके लेखन में आदर्श जीवन जीने के तरीकों पर भी बात की गई है.

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अखिल भारतीय युवा तीर्थ पुरोहित महासभा ने हर की पौड़ी में तिरुवल्लुवर की प्रतिमा लगाने का विरोध किया था. महासभा के अध्यक्ष उज्जवल पंडित कहते हैं, “आज एक मूर्ति लगेगी तो कल कोई और नेता आ जाएगा जो कहेगा कि मेरे देवता की, महापुरुष की प्रतिमा लगा दो. फिर हर साल उस प्रतिमा पर दो बार, जन्मतिथि और पुण्यतिथि पर, मेले लगेंगे. फिर वहां टीन शेड लगेगा और आश्रम बन जाएगा. ऐसे में तो यहां जगह रह ही नहीं जाएगी.”
उज्जवल यह भी कहते हैं कि तिरुवल्लुवर ही नहीं गंगा घाट पर किसी की भी प्रतिमा लगाने का तीर्थ पुरोहित समाज हमेशा विरोध करेगा. वैसे इस हर की पौड़ी पर आदि शंकराचार्य और मदन मोहन मालवीय की मूर्ति लगी हुई है.
तमिलनाडु में बात इतनी बढ़ गई कि मुख्यमंत्री जे जयललिता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 20 जुलाई को ख़त लिख कर हस्तक्षेप करने को कहा. उन्होंने ऐसा ही ख़त उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत को भी लिखा. इसके बाद हरीश रावत ने अधिकारियों को आदेश दिया कि कुंभ मेला भवन में मूर्ति हफ्ते भर में लगवाएं.

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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बीबीसी हिंदी से तरुण विजय का नाम लिए बिना यह भी कहा, ''उन्होंने स्थानीय परंपराओं को समझे बिना हर की पौड़ी में मूर्ति स्थापना का निर्णय ले लिया था जो ग़लत था. अब तमिलों और संतों के बात करके, सर्वसम्मति बनाकर मूर्ति स्थापित की जाएगी.”
तरुण विजय कहते हैं, “मूर्ति स्थापना के लिए दो बार स्थान तय किए, जो ज़िला प्रशासन ने किए. हर की पौड़ी पर मूर्ति लगाने की कोई योजना नहीं थी. हमारी किसी भी स्थान को लेकर कोई ज़िद नहीं थी.”
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