अर्जुन तेंदुलकर के बचाव में आए 'एकलव्य'

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- Author, संजय मिश्र
- पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
वेस्ट ज़ोन की अंडर 16 टीम में प्रणव धनावड़े का सलेक्शन न होने और सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर के सलेक्ट होने को लेकर सोशल मीडिया में जमकर बहस हो रही है.
प्रणव धनावड़े ने बीबीसी को बताया, ''वेस्ट ज़ोन की टीम का चुनाव मुंबई और स्टेट के मैचों के परफॉर्मेंस के आधार पर होता है. मेरा परफॉर्मेंस सही ना होने की वजह से मैं कुछ स्टेट के मैचों के लिए नहीं चुना गया था. मेरा रिकॉर्ड बनने से पहले ही स्टेट की टीम बन गई थी.''
प्रणव कहते हैं, ''अर्जुन ने स्टेट के सभी मैच में अच्छा परफॉर्म किया था. इसलिए वेस्ट ज़ोन में उनका सलेक्शन हुआ. मैंने अर्जुन को इस सलेक्शन के लिए बधाई भी दी थी. अब मुझे अंडर 19 चयन होने की उम्मीद है.''

वो कहते हैं, ''मैं और अर्जुन बहुत अच्छे दोस्त हैं. हमने पूरे पांच साल एक साथ एक ही क्लब (एमआईजी) के लिए खेला है. मैं यही कहना चाहता हूं कि यह अफ़वाह जल्द बंद हो.''
प्रणव कहते हैं, ''अर्जुन एक बहुत मेहनती खिलाड़ी हैं. वो अपनी मेहनत के दम पर चुने गए हैं. मैं सबसे यही कहूंगा ख़बू मेहनत करनी चाहिए. मेहनत का फल ज़रूर मिलता है. मैं सचिन सर का बहुत बड़ा फैन हूँ. मुझे सबसे अच्छी बात उनका डिसिप्लीन्ड में होना अच्छा लगता है. अर्जुन की सबसे अच्छी बात यह है की वो हमेशा ग्राउंडेड है. कभी हवा में नहीं होता. उसको किसी भी बात का कोई ऐटिट्यूड नहीं है.''
वो बताते हैं कि इस तरह की ख़बरों पर मैं बहुत सॉफ्टली रिएक्ट करता हूँ. अर्जुन से इस मामले में कोई बात नहीं हुई है, अभी अर्जुन वेस्ट ज़ोन की तैयारी में व्यस्त हैं.
वहीं प्रणव धनावडे के पिता प्रशांत धनावडे ने कहा कि अर्जुन तेंदुलकर और प्रणव को लेकर मीडिया में ग़लत ख़बर फैलाई जा रही है.

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वो कहते हैं, "अर्जुन का चुनाव उनके खेल और टैलेंट के हिसाब से बिलकुल सही हुआ है. प्रणव के रिकॉर्ड के पहले ही मुंबई की टीम सलेक्ट हो गई थी. टीम में जो स्टेट वाइज खेलता है वही बाद में ज़ोनल के लिए चुन लिया जाता है. प्रणव ने मुंबई नहीं खेला था तो ज़ोनल के लिए चुना जाना संभव ही नहीं था.''
प्रणव के पिता कहते हैं, '''जिसने भी पहली बार ये अफ़वाह वाला मैसेज सोशल मीडिया में डाला होगा, उसे क्रिकेट टीम में चुनाव की पूरी प्रक्रिया की जानकारी नहीं होगी.''
वो बताते हैं, ''प्रणव के रिकॉर्ड बनाने से पहले ही अंडर-16 टीम का चुनाव और मैच हो चुके थे. प्रणव मुंबई ही नहीं खेला तो जोनल में कैसे जाएगा. उसका परफॉर्मेंस ही नहीं था, जो भी चुनाव हुआ है बिलकुल सही और नियमों के मुताबिक़ हुआ है.''

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प्रशांत धनावडे बताते हैं कि चार दिन पहले उन्हें इस अफ़वाह का मैसेज मिला. उसे देखकर पहले तो उन्होंने मज़ाक समझा. लेकिन बाद में ये गंभीर मामला हो गया. सचिन सर का बेटा है, ऐसा बोलकर किसी का नाम बदनाम करना बिलकुल ग़लत बात है.
वो बताते हैं कि प्रणव खुद सचिन सर का बहुत बड़ा फैन है. प्रणव जब सचिन जी से मिलने गया था तो, उन्होंने उसे तोहफ़े में एक बैट भी दिया था.
उन्होंने कहा कि खेल को खेल की नज़र से देखना चाहिए. इस तरह की अफ़वाह बिलकुल नहीं फैलानी चाहिए.

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प्रणव धनावड़े ने स्कूली क्रिकेट में 1,009 रन की अपनी पारी खेलकर देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गए थे.
उनकी उस पारी के लिए सचिन तेंदुलकर समेत देश और दुनिया के कई मशहूर क्रिकेटरों ने उन्हें बधाई दी थी.
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