पैर हवा में नहीं क्रीज़ पर ही रहेंगे: प्रणव

क्रिकेट के किसी भी फॉरमेट में 1000 से ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने प्रणव धनावड़े का कहना है कि उन्होंने कभी रिकॉर्ड बनाने के बारे में नहीं सोचा था.

मुंबई के एचटी भंडारी इंटर स्कूल कप अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट में प्रणव धनावड़े ने 323 गेंदों पर नाबाद 1009 रन बनाए. अपनी पारी में प्रणव ने 129 चौके और 59 छक्के जमाए.

इस उपलब्धि पर प्रणव ने बीबीसी से कहा, ''मैंने रिकॉर्ड के बारे में कभी नहीं सोचा था लेकिन जब रिकॉर्ड के नज़दीक पहुंचा तो मुझे लगा कि मैं रिकॉर्ड तोड़ सकता हूं.''

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सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानने वाले प्रणव कहते हैं कि उनका पहला उद्देश्य अंडर-19 टीम में जगह बनाना है.

प्रणव कहते हैं, ''मैं कितना भी बड़ा खिलाड़ी क्यों न बन जाऊं लेकिन पैर हवा में नहीं क्रीज़ पर ही रहेंगे.''

पढ़ाई और क्रिकेट में संतुलन कैसे बनाते हैं, इस सवाल पर वो कहते हैं, ''बाकी वक्त तो मैं क्रिकेट ही खेलता हूं लेकिन जब परीक्षा का समय आता है तो पढ़ाई पर ध्यान देता हूं.''

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प्रणव अपने कोच मोबीन शेख़ के शुक्रगुजार हैं, क्योंकि उन्होंने उनके ऊपर बहुत मेहनत की है.

प्रणव के पिता प्रशांत धनावड़े ऑटो रिक्शा चलाते हैं और उनकी मां का कैटरिंग का काम हैं.

प्रशांत कहते हैं कि प्रणव चार साल की उम्र से क्रिकेट खेल रहा है. वो कहते हैं कि उस समय से लेकर 14 साल की उम्र तक हर मैं वक्त उसके साथ रहा हूं.

वो कहते हैं, ''मैंने प्रणव को पढ़ाई के लिए डांटता हूं क्योंकि क्रिकेट के साथ-साथ पढ़ाई भी जरूरी है. क्रिकेट अच्छा नहीं खेलने पर भी उसे डांटता हूं.''

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प्रणव के स्कूल के कोच मनोज शर्मा बताते हैं, ''मैं चाहता तो एक दिन पहले ही पारी घोषित कर देता. लेकिन मैंने मीडिया को आकर्षित करने के लिए ही यह नहीं किया. और मैं दिखाना चाहता था कि मुंबई से सटे ठाणे के इस हिस्से में भी टैलेंट है. इसतरफ भी वे ध्यान दें.''

शर्मा कहते हैं कि जब मुंबई शहर के इंटर स्कूल प्रतियोगिताओं में लड़के 60 रन या पांच विकेट ले लेते हैं तो उनका नाम अख़बारों में आता है लेकिन मुंबई के इस हिस्से के बच्चे 100 रन बनाते हैं या पांच विकेट लेते हैं तो कोई उन्हें नहीं पूछता है.

मनोज शर्मा बताते हैं कि प्रणव को विराट कोहली के शॉट्स बहुत पसंद हैं.

(प्रणव धनावड़े, प्रशांत धनावड़े और हरीश शर्मा की आयुष देशपांडे से हुई बातचीत पर आधारित)

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