गिरे दरख़्तों पर कश्मीर का दर्द

चिनार के दरख़्त

इमेज स्रोत,

श्रीनगर के कश्मीर विश्वविद्यालय में गिरे हुए पेड़ों को संगीत और ललित कला विभाग के छात्रों ने विरोध दर्ज कराने और रचनात्मकता का प्रतीक बना दिया है. इनमें से कुछ आर्ट वर्क राज्य में दशकों से जारी संघर्ष की कहानी कह रहे हैं. फ़ोटोग्राफर आबिद भट्ट ने कुछ छात्रों से मुलाक़ात की.

चिनार के दरख़्त

इमेज स्रोत, ABID BHAT

एक स्केच में कश्मीर को कांटेदार तारों से घिरा हुआ दिखाया गया है. छात्रों का कहना है कि उनकी पेंटिग्स राजनीतिक नहीं है. कुछमें कश्मीर के भोजन, संस्कृति और वन्य जीवन को दिखाया गया है.

चिनार के दरख़्त

इमेज स्रोत, ABID BHAT

चिनार को 'शाही पेड़' जाना जाता है. सैकड़ों साल पहले जब से यह कश्मीर आया तब से यह कश्मीर की पहचान का हिस्सा बन चुका है.

चिनार के दरख़्त

इमेज स्रोत, ABID BHAT

साक़िब भट्ट कहते हैं, "यह आत्मकेंद्रित नहीं है. हम निजी कहानी नहीं सुनाना चाहते हैं. हम ऐसे अनुभव बताना चाहते हैं जिससे लोग ख़ुद का जुड़ाव महसूस कर सकें."

चिनार के दरख़्त

इमेज स्रोत, ABID BHAT

छात्र इस कला का प्रदर्शन मुनाफ़े के लिए नहीं कर रहे हैं. साक़िब भट्ट कहते हैं, "हम इसमें अपने पैसे ख़र्च कर रहे हैं. हमने अब तक बाहर से कोई मदद नहीं ली है."

चिनार के दरख़्त

इमेज स्रोत, ABID BHAT

अलबीला ज़ेहरा कहती हैं, "इसके लिए हम अपनी कक्षाओं को नहीं छोड़ते. हम सुबह, लंच ब्रेक और शाम को क्लास ख़त्म होने के बाद यह करते हैं. हम इन पेड़ों को बारिश से बचाने के लिए प्लास्टिक और टिन की चादरों से ढंक देते हैं."

चिनार के दरख़्त

इमेज स्रोत, ABID BHAT

वहीं अनीस रशीद कहते हैं, "हम मुख्य तौर पर गिरे हुए पेड़ पर कश्मीर की संस्कृति को दिखाने की कोशिश कर रहे हैं."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)