मुसलमानों का साथ देना होगा: सुंदर पिचाई

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अमरीका में मुसलमान को लेकर जारी बहस के बीच गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने 'असहिष्णुता' को लेकर अपनी चिंता जताई है.
भारतीय मूल के पिचाई ने <link type="page"><caption> अपने ब्लॉग</caption><url href="https://medium.com/@sundar_pichai/let-s-not-let-fear-defeat-our-values-af2e5ca92371#.xmmngjfjg" platform="highweb"/></link> में लिखा है- हम अपने मूल्यों को भय से मात न खाने दें. हमें अमरीका और दुनिया भर में मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों का समर्थन करना होगा.
उनका ये बयान ऐसे समय में सामने आया है जब रिपब्किलन नेता डोनाल्ड ट्रंप के मुसलमान विरोधी बयान से अमरीकी राजनीति गरमाई हुई है.
रिपब्लिकन पार्टी की तरफ़ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल डोनाल्ड ड्रंप ने कैलिफोर्निया में हालिया गोलीबारी की घटना के बाद कहा था कि अमरीका में मुसलमानों के आने पर पूरी तरह रोक लगा देनी चाहिए.
उनके इस बयान की अमरीका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में कड़ी निंदा हुई, हालांकि वो अपने रुख़ से पीछे नहीं हटे.
ट्रंप के बयान के बाद फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग भी <link type="page"><caption> मुसलमानों के समर्थन में बयान</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/international/2015/12/151210_zuckerberg_backs_muslims_pm" platform="highweb"/></link> दे चुके हैं.
सुंदर पिचाई ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपने ब्लॉग में नाख़ुशी जताई है. उनका ब्लॉग अमरीका के संदर्भ में है, लेकिन जिस असहिष्णुता के मुद्दे का ज़िक्र उन्होंने किया, वो भारत में भी कई महीनों से सुर्खियों में है.

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पिचाई ने लिखा, "देखकर दुख होता है जिस तरह आजकल ख़बरों में असहिष्णु चर्चा हो रही है."
उन्होंने लिखा, "मेरा पक्का विश्वास है कि भले आप कोई कंपनी खड़ी कर रहे हो या फिर एक देश चला रहे हो, भिन्न भिन्न तरह की आवाजों, पृष्ठभूमियों और अनुभवों का संगम हमें एक बेहतर चर्चा, एक बेहतर फ़ैसले और सभी के लिए बेहतर परिणामों की तरफ़ ले जाता है."
पिचाई ने अमरीका में अपने बसने और वहां शानदार करियर बनाने का ज़िक्र करते हुए लिखा है कि अमरीका प्रवासियों का मुल्क था और अब भी है.
उन्होंने लिखा, "मैं 22 साल पहले भारत से अमरीका आया. ख़ुशकिस्मत था कि यहां की एक यूनिवर्सिटी में मेरा दाख़िला हो गया. मैं देखा, कड़ी मेहनत से मेरे लिए एक के बाद एक दरवाज़े खुलते रहे. मैंने यहां करियर बनाया, परिवार और जिंदगी बसाई."
वो लिखते हैं, "मानसिक खुलापन, सहिष्णुता और नए अमरीकियों की स्वीकार्यता इस देश की एक सबसे बड़ी ताक़त है और विशेषता भी."
अपने इस ब्लॉग में सुंदर पिचाई ने विविधता और इसकी ख़ूबियों पर ज़ोर दिया है.
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