बुलेट ट्रेन: सोशल मीडिया का सिगनल लाल या हरा

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भारत और जापान के बीच बुलेट ट्रेन को लेकर हुआ समझौता सोशल मीडिया पर छाया है.
कुछ लोगों ने इसका विरोध किया तो कुछ इसके समर्थन में सामने आए हैं. कुछ लोगों ने ख़ूब चुटकियां भी लीं.
पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट (@sanjivbhatt) ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, "भारत जैसे ग़रीब देश में 98,000 करोड़ रुपए ख़र्च कर जो बुलेट ट्रेन बनाई जाएगी, उसका इस्तेमाल कितने बेवकूफ़ करेंगे?"
लेकिन विनायक चटर्जी (@Infra_VinayakC) ने बुलेट ट्रेन परियोजना का समर्थन किया. वे लिखते हैं, "इस साझेदारी का बहुत ही प्रभाव पड़ेगा. सड़क परियोजना और असैन्य परमाणु समझौते के बाद बुलेट ट्रेन भारत और जापान के बीच साझेदारी में एक और महत्वपूर्ण कदम है."

एमके वेणु ने ट्वीट किया, "जिस देश में लाखों लोग ट्रेन की छतों पर सफ़र करते हों, वहां सिर्फ़ बुलेट ट्रेन पर एक लाख करोड़ रुपए खर्च कैसे किया जा सकता है? यह ग़लत प्राथमिकता का मामला है."
लेकिन उद्योगपति गौतम सिंहानिया ने लिखा, "यह जान कर अच्छा लगा कि अहमदाबाद और मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की परियोजना को कैबिनेट ने मंज़ूरी दे दी है."
तुषार अरुण गांधी ने @TusharG हैंडल से लिखा, "किसने कहा, बुलेट ट्रेन मुसाफिरों के फायदे के लिए है. ये तो स्टेटस सिंबल है."
वहीं रोहित प्रधान ने @Retributions से लिखा है, "कोई इस सरकार को फ़िज़ूल की बुलेट ट्रेन के लिए एक लाख करोड़ रुपये का क़र्ज़ लेने से रोके. गंभीरता से बेतुका."
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