शांता कुमार की कथनी और करनी में अंतर: शिवराज

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा के वरिष्ठ सांसद शांता कुमार के ख़त का जवाब दिया है.
शांता कुमार ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को लिखे पत्र में मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले का ज़िक्र करते हुए लिखा था कि इससे उनका सिर शर्म से झुक गया है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक-एक करके शांता कुमार के आरोपों का कड़े शब्दों मे जवाब दिया है और ख़ुद शांता कुमार पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
शिवराज सिंह ने शांता कुमार पर ये भी आरोप लगाया कि वे बिना तथ्यों की जाँच-पड़ताल किए आरोप लगा रहे हैं.
उन्होंने अपने पत्र में लिखा है- ये पत्र लिखकर ख़ुद उन्हीं मूल्यों की अनदेखी की गई, जिनके अभाव की इसमें व्याख्या की गई है. पार्टी अध्यक्ष जी को पत्र लिखना, उसको मीडिया में प्रचारित करना और दूसरी ओर आचार समिति का गठन करने का सुझाव देना विडंबनापूर्ण और विसंगति है. इसे अगर कथनी और करनी में अंतर का उदाहरण कहा जाए, तो अतिश्योक्ति नहीं होगी.

शिवराज सिंह ने शांता कुमार को सलाह भी दे डाली कि वे पहले हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के कार्यकाल में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर जनआंदोलन क्यों नहीं करते.
इसके बाद उन्होंने व्यापमं की जाँच को लेकर राज्य सरकार की ओर से उठाए गए क़दमों का भी ज़िक्र किया है.
पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को लिखे इस ख़त में कहा था शांता कुमार ने कहा था कि व्यापमं घोटाले और ललितगेट की वजह से पार्टी का सिर शर्म से झुक गया है.
बीबीसी हिंदी से हुई बातचीत में शांता कुमार ने कहा था कि भाजपा के मौजूदा नेतृत्व में संवाद की थोड़ी कमी हुई है.
शांता कुमार ने इन दो विवादास्पद मुद्दों और कई दूसरे मामलों पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को एक ख़त भेजा था जिसे उनके फ़ेसबुक पर पोस्ट किया गया था.
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