अफ़सरों ने की साहबों पर कार्रवाई की मांग

इमेज स्रोत, THINKSTOCK
- Author, अतुल चंद्रा
- पदनाम, लखनऊ से, बीबीसी हिन्दी डॉटकॉम के लिए
उत्तर प्रदेश आईपीएस एसोसिएशन ने ट्रांसफ़र-पोस्टिंग रैकेट में कथित तौर पर शामिल पूर्व पुलिस महानिदेशकों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को प्रदेश के मुख्य सचिव अालोक रंजन से मुलाक़ात में यह मांग की.
आगरा में तीन मई को पकड़े गए कथित जालसाज़ शैलेन्द्र अग्रवाल से उत्तर प्रदेश पुलिस के दो पूर्व महानिदेशकों के साथ अच्छे संबंधों की बात सामने आने से पुलिस विभाग में खलबली मच गई है.
इनमें से एक महानिदेशक एएल बनर्जी का कार्यकाल सिर्फ़ एक माह के लिए था. 1977 बैच के दूसरे अधिकारी एक साल के लिए पुलिस महानिदेशक रहे.
मोबाइल फ़ोन रिकॉर्ड

इमेज स्रोत, PA
मोबाइल फ़ोन के रिकॉर्ड के आधार पर बनर्जी पर आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने अपने तीन माह के कार्यकाल में अग्रवाल से लाखों रुपए लेकर पुलिस अधिकारियों के तबादले और पोस्टिंग की थी.
अपनी सफ़ाई में बनर्जी ने कहा, "ट्रांसफ़र-पोस्टिंग रिक्रूटमेंट और प्रमोशन बोर्ड की ज़िम्मेदारी होती है. पहले कई अयोग्य पुलिस अधिकारियों की प्रोन्नति हो जातीे थी जिसको मैंने बंद करवाया."
शैलेन्द्र अग्रवाल के बारे में बनर्जी ने बताया कि "वो नेता-टाइप आदमी है और सिर्फ़ हमसे नहीं बल्कि इस कुर्सी पर बैठने वाले सभी महानिदेशकों से मिलता था."
उत्तर प्रदेश के वर्तमान पुलिस महानिदेशक ए के जैन के अनुसार शैलेन्द्र अग्रवाल के ख़िलाफ़ 27-28 मुक़दमे दर्ज़ हो चुके हैं.
पेचीदा मामला

इमेज स्रोत, Reuters
उसे उत्तर प्रदेश पुलिस के 14 गनर्स मिले हुए थे जिनका पैसा वो सरकारी ख़ज़ाने में जमा करवाता था.
ये पूछे जाने पर कि उसको ये गार्ड किसने दिलवाए, जैन ने कहा, "जिन दो लोगों के नाम आ रहे हैं वे मेरे साथी रहे हैं."
मामले की की जांच आगरा की उप महानिरीक्षक लक्ष्मी सिंह कर रही हैं.
जैन ने ये भी कहा, "बहुत गंदगी उछल रही है लेकिन मामला बहुत पेचीदा है. दो-तीन साल पुराने मैसेजेज हैं. अभियोग पक्ष के लिए सब कुछ साबित करना आसान काम नहीं होगा."
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












