'पता नहीं समाज की सोच कब बदलेगी'

फेसबुक पर अश्लील संदेशों का जवाब देने वालीं प्रेरणा और मेधा मंगलवार को बीबीसी हिन्दी के स्टूडियो आईं. दोनों ने बेबाकी से कहा कि उनकी ये पहल सोशल मीडिया तक ही सीमित नहीं रहेगी.
उन्होंने ये बातें बीबीसी हिंदी के गूगल हैंगआउट पर कहीं.
<link type="page"><caption> देखिए बीबीसी का गूगल हैंगआउट</caption><url href="http://www.youtube.com/watch?v=InqX8Rc6_00" platform="highweb"/></link>
अश्लील मैसेज के ख़िलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाली दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा प्रेरणा कहती हैं, ''बात केवल इस एक मैसेज की नहीं थी. मैं ऐसे कई संदेशों को पिछले दो-तीन साल से नज़रअंदाज़ कर रही थी लेकिन इस मैसेज ने तो सारी हद पार कर दी थी.''
उन्होंने कहा, ''मैंने इस मैसेज का अपनी टाइमलाइन पर न केवल <link type="page"><caption> ख़ुलेआम जवाब दिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2015/05/150517_facebook_response_goes_viral_dil" platform="highweb"/></link> बल्कि पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है. मुझे समझ नहीं आता कि लोग ऐसे मैसेज कैसे कर सकते हैं.''
घर में भी सुरक्षित नहीं

एक अन्य छात्रा मेधा कहती हैं कि सोशल मीडिया तो बहुत दूर की बात है, लड़कियां आज अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं.
वो कहती हैं, ''हम ऐसे कितने मामले देखते हैं कि रिश्तेदार ही लड़कियों का शोषण करते हैं. आए दिन हम ऐसी ख़बरें पढ़ते-देखते हैं. तब हम क्या करें.''
उन्होंने आगे बताया, ''मेरे कई रिश्तेदारों और मां ने भी फोन कर कहा कि मैंने अश्लील संदेशों का ख़ुलेआम जवाब देकर सही नहीं किया. पता नहीं समाज की सोच कब बदलेगी.''
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें.</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>













