तेज़ाब से झुलसी सोनाली से मैने क्यों की शादी?

- Author, वंदना
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
एसिड हमले की शिकार हुई सोनाली मुखर्जी और चितरंजन तिवारी पिछले हफ़्ते शादी के बंधन में बंध गए.
तेज़ाब के कारण सोनाली का चेहरा पूरी तरह झुलस गया था और अब वो देख भी नहीं सकतीं हैं.
पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर चितरंजन तिवारी ने सोनाली से शादी करने का फ़ैसला क्यों किया?
बीबीसी संवाददाता वंदना ने उनसे बात की. पढ़िए चितरंजन की कहानी उन्हीं की ज़बानी.
पढ़ें विस्तार से

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"आप चाहते हैं कि शादी के लिए लड़की आईएसआई मार्क के साथ आए कि उसका सब कुछ दुरुस्त हो. मान लीजिए मैं किसी और से शादी करता. क्या ऐसा हादसा उस लड़की के साथ नहीं हो सकता था. मुझे ही कुछ हो जाए तो?"
सोनाली से शादी के फ़ैसले पर सवाल उठाने वालों से मेरा यही सवाल है.

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शादी करने से पहले से ही एक बात मेरे ज़हन में साफ़ थी- मैंने पहले से ही ठान रखा था कि ऐसी लड़की को जीवनसाथी बनाउंगा जिसको समाज ने हाशिए पर रखा हो.
पर वो कौन होगी ये नहीं पता था. और ये तो बिल्कुल नहीं सोचा था कि मुझे उससे प्यार हो जाएगा.
सोनाली के बारे में और उस पर हुए एसिड अटैक के बारे में मैने एक टीवी कार्यक्रम से जाना. फिर उनसे संपर्क किया और फ़ोन पर बात होने लगी.
मैंने पाया कि वो बहुत बहादुर हैं, हादसा होने के बावजूद वो ख़ुद पर तरस खाने वालों में से नहीं थीं. उसकी ज़िंदादिली और पॉज़िटिव सोच मुझे अच्छी लगी.
'मेरी नज़रों से देखो तो वो ख़ूबसूरत है'
समाज को उनका तेज़ाब से झुलसा चेहरा नज़र आता है लेकिन मेरी नज़रों से देखो तो सोनाली बहुत ख़ूबसूरत है. वैसे भी कब किसको किससे प्यार हो जाए, इस पर तो बस नहीं होता.

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सोनाली से शादी करने को लेकर मेरे मन में कोई शक़ो-शुबहा नहीं था. मुझे पता है कि मैं जो कर रहा हूँ वो सही है.
अगर मेरी सोच यही होती कि शादी के बाद मेरे बीवी मेरे लिए खाना बनाएगी, घर का काम करेगी तो मैं सोनाली के साथ नहीं जाता.
आपको और मुझे दोनों को पता है कि सोनाली के साथ ऐसा संभव नहीं है.
'कुछ करना चाहता हूँ'
मेरा नाता जमदेशपुर के छोटे से गाँव कासमार से है. सोनाली से शादी करने पर परिवार के विरोध का आभास मुझे पहले से था. ये सोचना ख़ुशफ़हमी होगी कि वो जल्द ही हमें स्वीकार कर लेंगे.
लेकिन मुझे भरोसा है कि मैं और सोनाली वैसा ही सुंदर दांपत्य जीवन बिताएँगे जैसा हर कोई बिताता है. इतना भरोसा दिला सकता हूँ कि हमारी ज़िंदगी दुखी नहीं होगी.

फ़िलहाल तो हम अलग-अलग जगह नौकरी कर रहे हैं. भविष्य में कुछ ऐसा करेंगे जो दोनों के लिए सही हो.
हम दोनों इस सोच में स्पष्ट है कि हमें ख़ुद का घर बसाना है पर इससे आगे बढ़कर समाज के लिए भी कुछ करने की तमन्ना है.
समाज को मैं पूरी तरह से तो नहीं बदल सकता लेकिन अगर 0.1 प्रतिशत भी कुछ कर पाउं तो मुझे तसल्ली होगी. इसलिए मैने सोनाली से शादी की. और फिर 100 बातों की एक बात- मुझे उससे प्यार हो गया. इतना काफ़ी है.
(सोनाली मुखर्जी पर 2003 में कुछ लड़कों ने तेज़ाब फ़ेक दिया था जब वो 17 साल की थी.)
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