नाज़ी 'यातना शिविर' के अभियुक्त की सुनवाई

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द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पौलेंड में बनाए गए यातना शिविर के एक गार्ड के ख़िलाफ़ अप्रैल में मुकदमा चलाया जाएगा.

ऑस्कर ग्रोएनिंग नाम के इस गार्ड पर करीब तीन लाख लोगों की हत्या में मदद करने का आरोप है. ग्रोएनिंग उस समय पोलैंड के ऑस्त्विज़ यातना शिविर की रखवाली किया करते थे.

93 वर्षीय ग्रोएनिंग पर आरोप है कि उन्होंने 1944 में मई से जुलाई महीनों के बीच करीब 4,25,000 लोगों को ऑस्त्विज़ कैंप में भेजा था.

ऑस्त्विज़ यातना शिविर में लाखों लोगों को मौत के घाट उतारा गया था

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इमेज कैप्शन, ऑस्त्विज़ यातना शिविर में लाखों लोगों को मौत के घाट उतारा गया था

इस शिविर में एक लाख से ज़्यादा लोग मारे गए थे और इनमें से ज़्यादातर यहूदी थे.

ग्रोएनिंग पर ये मुक़दमा जर्मनी के शहर लुएनबर्ग में चलाया जाएगा. यातना शिविर में बच गए 55 लोग और उनके परिवारों के सदस्य इस मामले में वादी बनाया गया है. सुनवाई के दौरान इनमें से ज़्यादातर लोगों के पहुंचने की उम्मीद है.

अभियोजन पक्ष का आरोप है कि लोगों को मारने में मदद करने के अलावा लोगों के सामान और ज़रूरी सामान भी वहां से फेंक दिए थे.

अभियोजन पक्ष की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ग्रोएनिंग को न सिर्फ़ यातना शिविर में आने वाले लोगों के बारे में पता है बल्कि उसे ये भी पता था का किन लोगों को यातना शिविर पहुंचते ही मार डाला गया.

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