थरूर ने मौन तोड़ा: 7 मुख्य बातें

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शशि थरूर ने अपनी पत्नी सुनंदा पुष्कर की संदिग्ध मौत के बाद पहली बार शुक्रवार को मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी. लेकिन उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया.
शशि थरूर ने ये अहम बातें कहीं.
- जिस तरह इस मामले की अब तक जांच चली है, उससे मैं चिंतित हूं.
- मैं खामोश था क्योंकि मैं इस मामले में चल रही जांच को प्रभावित नहीं करना चाहता. सार्वजनिक रूप से बोलने पर जांच प्रभावित होती.
- सुनंदा की मौत की उचित और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. मैं पुलिस के साथ केस की जांच में पूरी तरह सहयोग करूंगा. मैंने पुलिस कमिश्नर को इस बारे में पत्र लिखा है.
- मुझे पत्नी की मौत पर शांति से शोक मनाने नहीं दिया गया.
- हममें से किसी ने नहीं सोचा था कि इस मौत के पीछे कोई गड़बड़ हो सकती है.
- मैं मीडिया के साथ कोई इस मामले से जुड़ा ब्यौरा नहीं बांटूंगा. मैं यहां किसी बहस में शामिल होने नहीं आया हूं.
- मौत के तुरंत बाद मैंने गृह मंत्री को पत्र लिख कर मामले की जल्द और उचित जांच करने की मांग की थी.
- मैं अपील करता हूं कि मीडिया हमारी निजता का ख़्याल रखे.
सुनंदा पुष्कर पिछले साल जनवरी में राजधानी दिल्ली के होटल लीला पैलेस के कमरा नंबर 345 में मृत पाई गईं थीं.
हाल ही में दिल्ली पुलिस ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स के मेडिकल बोर्ड के हवाले से कहा था कि सुनंदा की मौत ज़हर दिए जाने से हुई थी.
पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस भी दर्ज किया है.
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