नाबालिग़ लड़की के बलात्कार-हत्या की जाँच

मायावती

इमेज स्रोत, Information department Uttar Pradesh Govt.

इमेज कैप्शन, दलितों और महिलाओं पर बढ़ते कथित पुलिस अत्याचार के आरोप के कारण मुख्यमंत्री मायावती दबाव में रही हैं.

उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार ने पुलिस थाने के भीतर एक अवयस्क लड़की के बलात्कार और हत्या के मामले में राज्य की मुख्य जाँच एजेंसी सीआईडी को छानबीन के आदेश दिए हैं.

राष्ट्रीय मानवधिकार आयोग ने लखीमपुरी ज़िले के निगहासन पुलिस स्टेशन में हुई इस घटना की जाँच के लिए पहले ही एक टीम का गठन कर दिया है और राज्य सरकार को नोटिस भेजते हुए चार हफ़्ते के भीतर जवाब तलब किया है.

आयोग के प्रवक्ता ने कहा है, "अगर मीडिया में आ रही रिपोर्टे सही है तो ये मानवधिकार उल्लंघन का बहुत बड़ा मामला है."

चौदह-साल की इस लड़की की लाश पुलिस स्टेशन में स्थित एक पेड़ में लटकी पाई गई थी.

पुलिसकर्मी निलंबित

ऐसी ख़बरें है कि इस मामले में थाने में काम करनेवाले 11 पुलिस कर्मियों को मुअत्तल कर दिया गया है.

ख़बरों के मुताबिक लड़की की लाश शुक्रवार रात थाना परिसर के भीतर निर्माणाधीन एक भवन के पास मौजूद पेड़ से लटकी पाई गई थी.

राज्य के पुलिस उपमहानिदेशक ब्रज लाल ने कहा कि लड़की सफेद दुपट्टे से पेड़ से लटकी हुई थी.

उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मामले की छानबीन भी शुरू कर दी है.

विपक्षी समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने 14-साल की नाबालिग़ लड़की का बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी.

भारतीय जनता पार्टी नेता हृदय नारायण दीक्षित ने भी कहा कि लगता है कि पुलिस इस मामले में दोषी है.

राज्य सरकार ने लड़की का पोस्टमार्टम फिर से करवाने का फ़ैसला किया है. ये पोस्टमार्टम दूसरे ज़िलों से नियुक्त किए गए डाक्टरों की देख-रेख में होगा.

पहले तैयार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना बताया गया था. पुलिस ने इस आधार पर इसे हत्या का मामला मानने से इंकार कर दिया था.

लड़की के पिता ने आरोप लगया है कि थानाध्यक्ष और वहाँ मौजूद कांस्टेबलों ने उनकी बेटी का बलात्कार किया और फिर मामला खुलने के डर से उसकी हत्या कर दी.