राणा मामले में फ़ैसला जल्द

तहव्वुर हुसैन राणा
इमेज कैप्शन, तहव्वुर हुसैन राणा निर्दोष होने का दावा करते रहे हैं

मुंबई में 26/11 को हुए हमलों में तहव्वुर राणा के शामिल होने के मामले में फ़ैसला आठ जून तक आने की संभावना है.

उन पर 2008 के मुंबई हमले की साज़िश में भागीदार होने का आरोप है. इस मुक़दमे पर पूरी दुनिया की नज़र है क्योंकि इससे आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में पाकिस्तान की भूमिका पर नई रोशनी पड़ने की संभावना है.

तहव्वुर हुसैन राणा पाकिस्तान में पले-बढ़े हैं. चिकित्सा की डिग्री लेने के बाद वे पाकिस्तान सेना के मेडिकल कोर से जुड़ गए.

पचास वर्षीय राणा और उनकी पत्नी दोनों ने 2001 में कनाडा की नागरिकता ले ली. उनकी पत्नी भी चिकित्सक हैं. वर्ष 2009 में गिरफ़्तारी से पहले राणा अमरीका के शिकागो में रह रहे थे. वह ट्रैवल एजेंसी समेत कई व्यवसायों से जुड़े हुए थे.

तीन साल पहले राणा ने बचपन के अपने दोस्त डेविड हेडली को मुंबई में अपनी ट्रैवल एजेंसी की शाखा खोलने में मदद की. आरोप है कि इस व्यवसाय का मुख्य उद्देश्य था मुंबई हमलों के लिए लक्ष्यों की टोह लेना.

हेडली पहले ही मुंबई हमलों की साज़िश में शामिल होने की बात स्वीकार कर चुके हैं. उम्मीद है कि अब वे राणा के ख़िलाफ़ अभियोजन पक्ष का मुख्य गवाह होंगे. हेडली ने चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा और पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई से संबंध होने की भी बात स्वीकार की है.

राणा पर कुल मिला कर 12 आरोप लगाए गए हैं, जिनमें अमरीकी नागरिकों की हत्या में सहायक होने का आरोप शामिल है.

राणा और हेडली को अक्तूबर 2009 में डेनमार्क के अख़बार यलैंड्स पोस्तेन के कार्यालयों पर हमले की योजना बनाने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था. इसी अख़बार ने पहली बार पैगंबर मुहम्मद पर विवादास्पद कार्टून छापे थे. गिरफ़्तारी के बाद हुई पूछताछ के दौरान पता चला कि दोनों मुंबई हमलों की साज़िश में भी शामिल थे.

शिकागो की संघीय अदालत में दायर चार्जशीट में चार और लोगों के नाम हैं- कैप्टन इक़बाल, साजिदी मीर, अबू क़हाफ़ा और मज़हर इक़बाल. चारों पाकिस्तानी नागरिक हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ़ मज़हर इक़बाल की ही पाकिस्तान में गिरफ़्तारी हो पाई है.