पंजाब: 3 महीने में 60 लाख का खाना, सरकारी खर्चे पर बेटे की शादी, आरोपों पर क्या बोले चन्नी

चरणजीत सिंह चन्नी

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शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी पर भ्रष्टाचार और घोटाले के गंभीर आरोप लगाए हैं. लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री ने सभी आरोपों को ग़लत बताते हुए ख़ारिज कर दिया है.

अकाली दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता परमबंस सिंह रोमाना उर्फ ​​बंटी रोमाना ने प्रेस कांफ्रेंस कर आरोप लगाया कि चन्नी ने चमकौर साहिब में एक धार्मिक कार्यक्रम में पैसे की हेराफेरी की और उसे पैसे को अपने कार्यकाल के दौरान बेटे की शादी में खर्च किया.

उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री के रूप में उनकी तीन महीने की सरकार के दौरान उनके खाने का बिल 60 लाख रुपये था.

इन सभी आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए चरणजीत सिंह चन्नी ने सभी आरोपों को निराधार बताया है. उन्होंने कहा है कि उनके खिलाफ 'सोची समझी साजिश' रची जा रही है.

चरणजीत चन्नी ने कहा कि ये बहुत निचले स्तर के आरोप हैं, वे इस तरह के भ्रष्टाचार के पैसे को घर लाने के बारे में सोच भी नहीं सकते.

इससे पहले कि हम यह जानें कि चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने बचाव में और क्या कहा, एक नजर पूरे मामले पर:

'5 स्टार होटल से आया था 60 लाख रुपए का खाना'

शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता रोमाना का आरोप है कि कांग्रेस ने पहले भी अपने शासन के दौरान 'पंजाब को बुरी तरह लूटा है.'

उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बारे में कहा, "उनकी कहानियां रोज सामने आ रही हैं. आज भी न्यूज़ चैनल पर एक आरटीआई दिखाई जा रही थी जिसमें बताया जा रहा है कि जब तक वे मुख्यमंत्री रहे तब तक हर रोज 70 लोगों का खाना ताज होटल से आ रहा था."

"वे कैसे 2500 रुपये प्रति लीटर का जूस पीते रहें और 4 हजार रुपये प्रति प्लेट खाना खाते रहे."

अकाली दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता परमबंस सिंह रोमाना उर्फ ​​बंटी रोमाना

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'दास्तान-ए-शहादत कार्यक्रम से निकाला बेटे की शादी का खर्च'

उन्होंने कहा, 'बठिंडा निवासी राजविंदर सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने काफी रिसर्च करके डेटा निकाला है."

उन्होंने आरोप लगाया, "19 नवंबर 2021 को चमकौर साहिब में 'दास्तान ए शहादत' कार्यक्रम हुआ. बड़े दुख के साथ ऐसे पवित्र कार्यक्रम 'दास्तान ए शहादत' को दास्तान-ए-भ्रष्टाचार में बदल दिया गया."

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के नियम के मुताबिक किसी भी टेंडर के लिए 21 दिन का समय देना होता है, लेकिन इस कार्यक्रम के लिए ऐसा नहीं किया गया.

रोमाना ने कहा, "इस कार्यक्रम के लिए चन्नी सरकार ने चार टेंडर निकाले. 17 नवंबर 2021 को टेंडर जारी किए और उसी दिन टेंडर मंजूर कर दिए गए."

उन्होंने आगे कहा कि अगर 21 दिन से कम समय में ऐसा किया जाता है तो कारण बताना होता है, जो चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार ने नहीं किया.

उन्होंने कहा कि इसमें एक और बड़ी बात यह है कि चारों टेंडर में एक ही बोली लगाई गई.

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  • शिरोमणि अकाली दल ने कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
  • अकाली दल के प्रवक्ता परमबंस सिंह रोमाना ने दावा किया कि चन्नी के खाने का बिल 60 लाख था और वे 2 हजार 500 रुपये लीटर कीमत का जूस पीते थे.
  • रोमाना का आरोप है कि आप और कांग्रेस मिले हुए हैं, इसलिए कांग्रेस के किसी भ्रष्ट नेता की गिरफ्तारी नहीं हुई है.
  • चन्नी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची गई है.
  • उन्होंने पंजाब के हालात की आलोचना करते हुए कहा कि लोग घरों के सामने मारे जा रहे हैं, यह पंजाब नहीं है
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रोमाना ने कहा, "ये चार टेंडर मेहमानों के लिए चाय, अस्थायी मंच, फूलों की सजावट और टेंट के लिए थे."

इसमें चाय की कीमत 2 हजार रुपये प्रति कप, 800 रुपये कुर्सी का किराया, 97 लाख रुपये मंच पर लाइट एंड साउंड के लिए और 2 हजार रुपये प्रति थाली लंच के लिए खर्च किए गए.

''चुनाव आयोग के मुताबिक उस मंच की कीमत 5 हजार 830 रुपये होनी चाहिए थी.''

उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता का कहना है कि इसी अवधि में मुख्यमंत्री के बेटे की शादी का सारा खर्च इस (शहादत ए दास्तान) कार्यक्रम से किया गया.

रोमाना ने सवाल करते हुए कहा कि अगर इस कार्यक्रम से शादी का खर्च नहीं चला तो पूर्व मुख्यमंत्री बताएं कि यह सारा खर्च किस खाते से हुआ है.

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान

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कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच फिक्स मैच

रोमाना ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच फिक्स मैच चल रहा है और लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है.

" चन्नी हों, वाडिंग हों, सिद्धू हों, सब चुप हैं. उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ कोई नहीं बोलता क्योंकि सभी के खिलाफ शिकायतें हैं और जो भी मुंह खोलेगा उसे बंद कर दिया जाएगा."

"कांग्रेस भ्रष्टाचार में लिप्त है, इसलिए वह समझौता कर चुकी है और बोल नहीं सकती."

उन्होंने आरोप लगाया कि 'आप' सरकार ने चन्नी को नहीं पकड़ा. रोमाना ने कहा, "मैं मुख्यमंत्री को चुनौती देता हूं कि आपको चन्नी के खिलाफ, वारिंग के खिलाफ शिकायत मिली है. दोनों को गिरफ्तार करके दिखाएं, तो आपको मानेंगे."

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी

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'यह मुझे बदनाम करने की चाल है'

कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह से आधारहीन और मनगढ़ंत कहानी है जिसे किसी ने गढ़ा है. यह मुझे बदनाम करने की चाल है."

चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, "मेरे बेटे की 10 अक्टूबर को शादी हुई थी, उसके बाद से कार्यक्रम (शहादत ए दास्तान) की कोई बात नहीं हो रही थी और कोई तैयारी नहीं थी. उसके 1 महीने 10 दिन बाद यानी 19 नवंबर को यह कार्यक्रम होता है. जिसका शादी से कोई लेना-देना नहीं है."

उन्होंने कहा, "उन्होंने बहुत ही घटिया आरोप लगाया है कि हम चमकौर साहिब के एक समारोह से अपने बेटे की शादी के लिए कुछ पैसा निकालेंगे."

उन्होंने कहा, "अगर आप आरोप लगाना चाहते हैं, तो ढंग के आरोप लगाएं, मुझे गिरफ्तार करना चाहते हैं तो कर लें लेकिन इस तरह के अपमान का कोई मतलब नहीं है."

"जब से मैं कुर्सी से उतरा हूं, तब से विजिलेंस इस बात की तैयारी कर रहा है कि इसे कैसे पकड़ा जाए."

"पहले दिन जब मैं मूसेवाला के घर गया तो रास्ते में फोन आया कि अगर तुम वहां जाओगे तो हम तुम्हें पकड़ लेंगे."

"उसके बाद मेरे बैंक खाते और मेरी जमीन की जानकारी लीक हो रही है, लोगों से पूछा जा रहा है. हर जगह मेरी जांच की जा रही है."

"मैं कहता हूं जो करना है वो करो, पर धक्का मत करो. फिर भी जो आप करना चाहते हो मैं उसके लिए भी तैयार हूं."

चरणजीत सिंह चन्नी

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'बदले की भावना है'

चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि इसके पीछे बदले की भावना है. उन्होंने आरोप लगाया, "यह भ्रष्टाचार मुक्त पंजाब नहीं बन रहा है बल्कि कांग्रेस मुक्त पंजाब बनाने का प्रयास किया जा रहा है."

"मेरे ऊपर ऐसे हमले पहले भी होते रहे हैं, सरकारों ने पहले भी ऐसा होते देखा है, 2007 में मेरे भाई को अंदर रखा गया था, हमें 6 महीने तक सोने नहीं दिया गया, पूरे घर को उजाड़ दिया गया, मेरे भाई को बहुत प्रताड़ित किया गया, कुछ भी बाहर नहीं आया और उसी सरकार ने उस मामले को वापस ले लिया."

"मैं पंजाब के लोगों से, किसी कांग्रेसी भाई से, किसी कार्यकर्ता से अपील करके विरोध प्रदर्शन नहीं करूंगा. मैं अपने गांव में रहूंगा."

"मुझे पार्टी ने तीन महीनों के लिए मुख्यमंत्री बनाया था. 70 साल में कितने मुख्यमंत्री हुए हैं, मुख्यमंत्री 15-15 साल भी रह कर गए हैं लेकिन तीन महीने वाला मुख्यमंत्री सब पर भारी पड़ा हुआ है कि इसे ही नोच लो."

"तीन महीने ही सब पर भारी हो गए? 3 महीने में ही सारा पंजाब लूटा गया?

मूसेवाला के पिता से हाल ही में चरणजीत सिंह चन्नी ने मुलाकात की थी.

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"यह सब एक बड़ी साजिश है लेकिन मुझे कोई आपत्ति नहीं है, जो करना है करो."

60 लाख रुपये का खाना खाने के सवाल पर उन्होंने कहा, "न मैं शराब पीता हूं, न मांस और अंडे खाता हूं, मैं साधारण दाल के साथ रोटी खाने वाला व्यक्ति हूं."

उन्होंने कहा, "मेरे घर की रसोई देखो, मेरा खाना अलग बनता है. मैं कभी बाहर से खाना नहीं मंगवाता और न ही कभी डिनर पर मेहमानों को बुलाता हूं."

इसके साथ ही उन्होंने भगवंत मान सरकार की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि पंजाब के हालात को देखते हुए लोग यहां से जाना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, "लोगों के घरों के बाहर मातम छाया हुआ है. ये खुशहाल पंजाब नहीं है."

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राहुल के साथ चन्नी

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चरणजीत सिंह चन्नी के बारे में खास बातें

  • 2021 में अमरिंदर सिंह के कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने के बाद चरणजीत सिंह चन्नी को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाया गया था.
  • चन्नी दलित समुदाय से पंजाब के पहले मुख्यमंत्री बने और 111 दिनों तक इस पद पर रहे.
  • इससे पहले वे कैप्टन अमरिंदर सिंह के मंत्रिमंडल में मंत्री थे और कैप्टन के खिलाफ बगावत करने वालों में भी शामिल थे.
  • उन्हें 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में भी घोषित किया गया था, लेकिन कांग्रेस पार्टी को इन चुनावों में हार मिली.
  • चरणजीत सिंह के दो बेटे हैं.
  • 1996 में वे खरड़ नगर परिषद के अध्यक्ष बने और यहीं से उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ.
  • रोपड़ जिले में वे कांग्रेसी रमेश दत्त के संपर्क में आए, जिन्होंने उन्हें समय-समय पर राजनीति की शिक्षा दी.
  • तत्कालीन दलित मंत्री चौधरी जगजीत सिंह ने उन्हें दलितों के नेता के रूप में खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
  • 2007 में उन्हें टिकट नहीं दिया गया तो उन्होंने पहली बार चमकौर साहिब से चुनाव लड़ा और जीते.
  • उन्होंने 2012 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़कर जीत हासिल की और कैप्टन अमरिंदर सिंह उन्हें कांग्रेस में ले आए.
  • 2017 में चुनाव जीतने के बाद चन्नी पहली बार कैप्टन सरकार में मंत्री बने.
  • 2022 के चुनाव में हार के बाद वे कनाडा गए और हाल ही में लौटे हैं.

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